कालाबाजारियों पर कार्रवाई तेज, एलपीजी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकार ने चेताया

सरकार ने एलपीजी आपूर्ति बनाए रखने के लिए देशभर में छापेमारी की और जनता से विवेकपूर्ण उपयोग की अपील की। PNG का ज्यादा उपयोग करने की सलाह भी दी।

सरकार ने एलपीजी संकट के बीच देशभर में कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी तेज की। जनता से आग्रह किया गया कि वे एलपीजी का विवेकपूर्ण उपयोग करें और PNG का ज्यादा उपयोग करके आपूर्ति सुनिश्चित करें।

New Delhi: देश में द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की संभावित कमी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र ने कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे एलपीजी का विवेकपूर्ण और सावधानीपूर्वक उपयोग करें। मंत्रालय ने यह भी संकेत दिया कि पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस (PNG) की उपलब्धता और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

सुजाता शर्मा, संयुक्त सचिव (विपणन एवं तेल शोधन) ने प्रेस वार्ता में बताया कि पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त आपूर्ति है और प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में भी सरकार प्रयास कर रही है। उनका कहना था कि यदि सभी वाणिज्यिक उपभोक्ता पीएनजी पर निर्भर हो जाएं तो यह ईंधन संकट को कम करने में मददगार होगा।

कालाबाजारी रोकने के लिए व्यापक छापेमारी

सरकार ने एलपीजी की काली बाजारी रोकने के लिए देशभर में सक्रिय कदम उठाए हैं। पिछले कुछ दिनों में लगभग बारह हजार छापेमारी की गई हैं और लगभग पंद्रह हजार सिलेंडर जब्त किए गए हैं। दिल्ली में अकेले लगभग छह सौ सिलेंडर जब्त किए गए, जबकि उत्तर प्रदेश में चार सौ पचास निरीक्षण और छापे किए गए।

जम्मू और कश्मीर में पांच सौ चौसठ छापे मारे गए, जिनमें एफआईआर दर्ज की गई और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया। केरल में लगभग एक हजार छापे किए गए और मध्य प्रदेश में बारह सौ छापे के दौरान लगभग अठारह सौ सिलेंडर जब्त किए गए। इसके अलावा तेल विपणन कंपनियों की टीमों ने ढाई हजार खुदरा दुकानों और एलपीजी वितरकों पर अचानक निरीक्षण किया।

कालाबाजारियों पर कार्रवाई तेज, एलपीजी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकार ने चेताया

सरकार ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई कालाबाजारी रोकने और आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए की जा रही है। जनता से अपील की गई है कि वे एलपीजी का विवेकपूर्ण उपयोग करें और किसी भी तरह की कालाबाजारी में शामिल न हों।

एलपीजी वाहकों से माल का उतारना

खाड़ी क्षेत्र से एलपीजी के वाहक कांडला बंदरगाह पर पहुंच चुके हैं। जहाजरानी मंत्रालय के राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पहले से मौजूद वाहक शिवालिक के साथ अब नंदा देवी से भी माल उतारा जा रहा है। माल उतारने की प्रक्रिया जहाज-से-जहाज (ship-to-ship) हो रही है। बंदरगाह पर जहाजों की आवाजाही और माल संचालन को सुचारू बनाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह पर 450 कंटेनर सड़क पर पड़े होने की खबर निराधार है। वास्तव में यह कंटेनर कंटेनर फ्रेट स्टेशन, गोदाम और कारखाने परिसर में हैं, जो जेएनपीए की नीति के अनुसार सुरक्षित हैं।

नागरिकों से विवेकपूर्ण उपयोग की अपील

सरकार ने आम जनता से आग्रह किया है कि वे एलपीजी का उपयोग आवश्यकता अनुसार ही करें। अधिकारीयों ने कहा कि ईंधन की बचत और विवेकपूर्ण इस्तेमाल से आपूर्ति संकट को टाला जा सकता है। साथ ही वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को PNG पर अधिक निर्भर होने की सलाह दी जा रही है, जिससे घरेलू गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

आपूर्ति सुचारू रखने के लिए उठाए जा रहे कदम

सरकार ने एलपीजी आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों पर कदम उठाए हैं। कांडला बंदरगाह पर वाहकों से माल उतारना, बंदरगाहों पर निगरानी बढ़ाना और कालाबाजारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता का भरोसा भी दिया गया है।

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