अमेरिका ने ग्रीन कार्ड लॉटरी (DV-2027) में नए नियम लागू किए हैं। अब आवेदन में पासपोर्ट विवरण और बायोग्राफिक पेज अनिवार्य होंगे। इसका उद्देश्य धोखाधड़ी रोकना और प्रक्रिया को सुरक्षित, भरोसेमंद और पारदर्शी बनाना है।
Green Card Rule: अमेरिका ने अपनी बहुचर्चित डाइवर्सिटी इमिग्रेंट वीजा प्रोग्राम या ग्रीन कार्ड लॉटरी में बड़े बदलाव किए हैं। नए नियम 10 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इसके तहत आवेदन प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक सख्त और सुरक्षित कर दी गई है। अमेरिकी विदेश विभाग ने फेडरल रजिस्टर में इस संबंध में अधिसूचना प्रकाशित की है। इसका मुख्य उद्देश्य वीजा प्रक्रिया को पारदर्शी, भरोसेमंद और सुरक्षित बनाना है।
नए नियमों के अनुसार अब हर आवेदक को ऑनलाइन फॉर्म में वैध पासपोर्ट का विवरण देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही पासपोर्ट के बायोग्राफिक और सिग्नेचर पेज की स्कैन कॉपी भी अपलोड करनी होगी। कुछ विशेष परिस्थितियों में ही छूट दी जा सकती है।
क्या है डाइवर्सिटी वीजा प्रोग्राम
डाइवर्सिटी वीजा प्रोग्राम के तहत हर साल लगभग 55,000 वीजा उन देशों के नागरिकों को दिए जाते हैं, जहां से अमेरिका में प्रवासियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही है। यह प्रक्रिया कंप्यूटर आधारित रैंडम चयन के जरिए होती है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि विभिन्न देशों के लोगों को समान अवसर मिलें।
हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में इस प्रोग्राम में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। बड़ी संख्या में फर्जी आवेदन, एक ही व्यक्ति द्वारा कई बार अलग-अलग पहचान से आवेदन करना और एजेंट या बिचौलियों द्वारा बिना जानकारी के आवेदन करना आम समस्या बन गई थी।
पासपोर्ट अनिवार्यता का महत्व
अब पासपोर्ट अनिवार्यता लागू होने से हर आवेदन को एक वास्तविक व्यक्ति से जोड़ना आसान होगा। इससे फर्जीवाड़ा करने वाले नेटवर्क पर अंकुश लगेगा और एक व्यक्ति द्वारा कई बार आवेदन करने की संभावना कम हो जाएगी। अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया कि कुछ देशों में ऐसे नेटवर्क सक्रिय थे जो लोगों की जानकारी के बिना उनके नाम से कई आवेदन करते थे। नए नियम इन्हीं गतिविधियों को रोकने की कोशिश हैं।
आवेदन के लिए जरूरी जानकारी
ग्रीन कार्ड लॉटरी में आवेदन करते समय अब उम्मीदवारों को निम्नलिखित जानकारी देनी होगी।
- पासपोर्ट नंबर
- पासपोर्ट जारी करने वाला देश या प्राधिकरण
- पासपोर्ट की समाप्ति तिथि
- पासपोर्ट के बायोग्राफिक पेज और हस्ताक्षर वाले पेज की स्कैन कॉपी
यदि कोई आवेदक इन आवश्यक जानकारियों या दस्तावेजों को अपलोड नहीं करता है, तो उसका आवेदन अमान्य माना जाएगा।
किन मामलों में छूट मिलेगी
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कुछ सीमित परिस्थितियों में छूट दी जा सकती है। जैसे, बिना किसी नागरिकता वाले लोग या जिनके देश में सरकारी पाबंदियों के कारण पासपोर्ट बनवाना संभव नहीं है, उन्हें इस नियम से राहत मिल सकती है। इसके अलावा, अमेरिकी अधिकारियों द्वारा दी गई विशेष छूट भी मान्य होगी।
नियम पहले भी लागू हो चुका है
पासपोर्ट अनिवार्यता का यह नियम नया नहीं है। साल 2019 में भी यह लागू हुआ था। इसका उद्देश्य फर्जी आवेदन रोकना था। लेकिन 2022 में एक अमेरिकी संघीय अदालत ने इसे रद्द कर दिया क्योंकि सरकार ने इसे लागू करने से पहले सार्वजनिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया था। अब यह नियम फिर से लागू हो रहा है।
तकनीकी शब्दों में बदलाव
नए दिशा-निर्देशों के तहत आवेदन फॉर्म में कुछ तकनीकी शब्दों में बदलाव किए गए हैं। अब फॉर्म में “जेंडर” की जगह “सेक्स” और “एज” की जगह “डेट ऑफ बर्थ” यानी जन्मतिथि भरनी होगी। अधिकारियों का कहना है कि यह डेटा संग्रह प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और सुसंगत बनाने के लिए किया गया है।
नए नियम कब से लागू होंगे
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, ये बदलाव DV-2027 लॉटरी से लागू होंगे। हालांकि, DV-2027 के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीखों की अभी घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत को टाल दिया गया है।
डीवी प्रोग्राम की लोकप्रियता
डीवी लॉटरी हर साल दुनियाभर के लाखों लोगों को आकर्षित करती है। यह अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड पाने का सबसे लोकप्रिय और सुलभ तरीका है। इसलिए नियमों में बदलाव से बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित होने की संभावना है।
नियम लागू होने की पृष्ठभूमि
दिसंबर 2025 में इस प्रोग्राम को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। इसका कारण एक गंभीर घटना थी जिसमें ब्राउन यूनिवर्सिटी में हुई गोलीबारी शामिल थी। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और संदिग्ध व्यक्ति पुर्तगाल का नागरिक था। उसने 2017 में डीवी प्रोग्राम के जरिए अमेरिका प्रवेश किया था और बाद में ग्रीन कार्ड प्राप्त किया।
इस घटना के बाद अमेरिका ने यह सुनिश्चित किया कि भविष्य में आवेदन प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और धोखाधड़ी मुक्त हो। पासपोर्ट अनिवार्यता इसके तहत सबसे अहम कदम है।
भारतीय नागरिकों के लिए स्थिति
अभी भारतीय नागरिक इस प्रोग्राम के लिए 2028 तक पात्र नहीं होंगे। इसका कारण यह है कि डाइवर्सिटी वीजा लॉटरी उन देशों के नागरिकों को प्राथमिकता देती है, जहां से अमेरिका में प्रवासियों की संख्या अपेक्षाकृत कम हो।
भारत इस मानक पर खरा नहीं उतर पा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, 2021 में 93,450, 2022 में 1,27,010 और 2023 में 78,070 भारतीय अमेरिका गए। यह संख्या निर्धारित सीमा 50,000 से काफी अधिक है।
इस वजह से भारत को अभी इस लॉटरी में शामिल नहीं किया गया। जब तक भारत से अमेरिका जाने वाले लोगों की संख्या तय सीमा से नीचे नहीं आती, तब तक भारतीय नागरिक इस प्रोग्राम में आवेदन नहीं कर पाएंगे।








