कानपुर में एक महिला की मौत के बाद रविवार को जमकर हंगामा हो गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने के बाद मायके पक्ष के लोगों ने महिला की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित परिजनों ने शव को चकेरी एयरपोर्ट के पास रखकर हाईवे जाम कर दिया। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। जाम खुलवाने और प्रदर्शनकारियों को समझाने पहुंची पुलिस टीम पर पथराव शुरू हो गया। इस दौरान दो थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आसपास के कई थानों की फोर्स और पीएसी को मौके पर बुलाया।
मामला कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव के मजरा लालूखेड़ा का है। यहां बीती रात एक महिला ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। महिला की मौत के बाद मायके पक्ष के लोगों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार कर दिया। परिजनों का आरोप है कि महिला की हत्या की गई है और बाद में मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। इसी आरोप को लेकर परिवार के लोग कार्रवाई की मांग कर रहे थे। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव मिलने के बाद उनका गुस्सा और बढ़ गया और उन्होंने शव को लेकर सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
महिला के शव को चकेरी एयरपोर्ट के पास रखकर प्रदर्शन किए जाने के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सड़क के दोनों ओर यातायात रुक गया और आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की और सड़क खाली करने की अपील की। पुलिस की कोशिश थी कि शव को सड़क से हटाकर यातायात सामान्य कराया जाए, लेकिन इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई।
प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। इसके बाद भीड़ की ओर से पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया गया। अचानक हुए पथराव से मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। कई पुलिसकर्मी पत्थरों की चपेट में आकर घायल हुए। घटना के बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाकर स्थिति को संभाला।
पथराव में चकेरी इंस्पेक्टर अजय प्रकाश मिश्रा, महाराजपुर इंस्पेक्टर समेत कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। जागरण की रिपोर्ट में दो थाना प्रभारियों और चौकी इंचार्ज के घायल होने का उल्लेख है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के थानों से अतिरिक्त फोर्स बुला ली। चकेरी, महाराजपुर, नरवल और जाजमऊ थानों की पुलिस के साथ पीएसी को भी मौके पर तैनात किया गया।
महिला की मौत को लेकर परिजनों का कहना है कि उन्हें मामले में न्याय चाहिए। उनका आरोप है कि महिला ने खुदकुशी नहीं की बल्कि उसकी हत्या की गई है। इसी आधार पर परिवार के लोग हत्या का मुकदमा दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
महिला की मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस भी जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, परिवार के लोगों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच में महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी करना जरूरी है।
हंगामे के दौरान हाईवे पर बड़ी संख्या में वाहन फंस गए। सड़क जाम होने के कारण यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी हुई। काफी देर तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के बाद सड़क से भीड़ हटाने की कोशिश की और यातायात बहाल कराने की कार्रवाई शुरू की।
घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। साथ ही पथराव करने वाले लोगों की पहचान शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ वीडियो फुटेज और अन्य माध्यमों से उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है।
रविवार को हुए इस हंगामे ने महिला की मौत के मामले को और संवेदनशील बना दिया है। एक तरफ परिवार महिला की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला होने से कानून-व्यवस्था की स्थिति भी चुनौतीपूर्ण हो गई। पुलिस के सामने अब एक साथ दो मामलों को संभालने की जिम्मेदारी है—महिला की मौत की निष्पक्ष जांच और पथराव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। महिला की मौत को लेकर यदि परिजनों के पास कोई शिकायत या आरोप हैं तो उनकी जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी। लेकिन सड़क जाम कर सार्वजनिक यातायात बाधित करना और पुलिस टीम पर हमला करना अलग मामला है। इस मामले में भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मौके पर पुलिस बल बढ़ाए जाने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि किसी तरह की दूसरी हिंसक घटना न हो। संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है।
पथराव की घटना के बाद पुलिस ने उन लोगों की पहचान शुरू कर दी है जो भीड़ में शामिल होकर हिंसा कर रहे थे। पुलिस वीडियो रिकॉर्डिंग और मौके पर उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की मदद ले सकती है। जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा सकती है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में पांच लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है।
महिला की मौत से पहले उसके परिवार और ससुराल पक्ष के बीच क्या स्थिति थी, इसे लेकर भी पुलिस जानकारी जुटा सकती है। अगर कोई पुराना विवाद, घरेलू विवाद या अन्य कारण था तो उसकी जांच की जाएगी। मौत के कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। परिजनों के आरोपों को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि किसी संवेदनशील मौत के मामले में लोगों का आक्रोश अचानक कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित कर सकता है। पुलिस के सामने ऐसी परिस्थितियों में सबसे बड़ी चुनौती प्रदर्शनकारियों की भावनाओं को समझते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना होती है। कानपुर में भी पुलिस ने पहले लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति बिगड़ने के बाद अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
हाईवे पर प्रदर्शन के कारण आम लोगों को भी परेशानी हुई। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहनों को जाम में फंसना पड़ा। पुलिस ने यातायात को सामान्य करने के लिए मौके पर अतिरिक्त जवान लगाए। आसपास के मार्गों पर भी यातायात को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। महिला की मौत के कारण, परिजनों के आरोप, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पथराव की घटना—इन सभी पहलुओं को अलग-अलग देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर कानपुर में महिला की मौत के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाकर शव को चकेरी एयरपोर्ट के पास रखकर हाईवे जाम किया। पुलिस जाम खुलवाने और स्थिति संभालने पहुंची तो पथराव शुरू हो गया, जिसमें दो थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए। मौके पर कई थानों की पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। पुलिस अब महिला की मौत की परिस्थितियों की जांच के साथ-साथ पथराव और उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है।