कानपुर के रावतपुर इलाके में मंगलवार शाम एक महिला की हत्या के बाद लूट की वारदात से सनसनी फैल गई। केशवपुरम के हसनपुर इलाके में 58 वर्षीय उमा कुशवाहा का शव उनके घर के अंदर कुर्सी पर बैठी अवस्था में मिला। उनके गले पर चोट के निशान थे और घर का सामान बिखरा हुआ था। शुरुआती जांच में पुलिस हत्या और लूट की आशंका को लेकर जांच कर रही है। परिवार का कहना है कि घर से करीब 22 लाख रुपये के गहने गायब हैं। पुलिस फिलहाल घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और आसपास की गतिविधियों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
मृतका उमा कुशवाहा अपने पति शिवमंगल कुशवाहा के साथ रहती थीं। शिवमंगल मासवानपुर इलाके में बुक स्टॉल चलाते हैं। दंपती के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा अमरीश मासवानपुर में ही रहता है, जबकि छोटा बेटा आशीष दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में सीनियर टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत है। परिवार के मुताबिक, घर में रखे गहनों को निशाना बनाया गया और हत्या के बाद आरोपी फरार हो गए।
घटना का पता देर रात चला। घर में रहने वाली किराएदार पानी की मोटर चलाने के लिए उमा के पास पहुंची थी। उसने उमा को कुर्सी पर बैठे देखा। कई बार आवाज देने के बावजूद जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उसने परिवार को इसकी जानकारी दी। इसके बाद उमा के पति शिवमंगल घर पहुंचे। शुरुआत में उन्हें लगा कि उनकी पत्नी की तबीयत अचानक बिगड़ गई होगी या उन्हें कोई मेडिकल इमरजेंसी हुई है। लेकिन पास जाकर देखने पर उनकी गर्दन पर गहरे नीले रंग का निशान दिखाई दिया। घर के अंदर सामान भी अस्त-व्यस्त था। इसके बाद उन्हें हत्या और लूट की आशंका हुई।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में वारदात मंगलवार शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच होने की आशंका है। देर रात घटना की सूचना मिलने के बाद रावतपुर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल की जांच की और जरूरी साक्ष्य जुटाए। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है, ताकि घटना के समय इलाके में आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की पहचान की जा सके।
इस मामले में पुलिस को सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह मिली कि घर में जबरन प्रवेश के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। घटनास्थल की शुरुआती जांच के बाद पुलिस को ऐसा कोई साफ सबूत नहीं मिला, जिससे यह कहा जा सके कि आरोपियों ने दरवाजा या किसी अन्य रास्ते को तोड़कर घर में प्रवेश किया था। इसी वजह से जांच टीम इस संभावना पर भी काम कर रही है कि वारदात को अंजाम देने वाले लोग परिवार या घर की व्यवस्था से परिचित हो सकते हैं। हालांकि पुलिस ने अभी किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं बताया है और इस पहलू की जांच जारी है।
जांच में घर की अलमारियों को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े बेटे अमरीश की अलमारी टूटी हुई मिली, जबकि छोटे बेटे आशीष की अलमारी को नहीं छेड़ा गया था। परिवार ने पुलिस को बताया कि बड़े बेटे की पत्नी नेहा और उमा के गहने इसी अलमारी में रखे थे। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि अलमारी की चाबी घर में रखी एक तिजोरी के अंदर थी। शुरुआती जांच में अलमारी के चाबी से खोले जाने की आशंका जताई जा रही है, जबकि गहने रखने वाली तिजोरी को किसी नुकीली वस्तु से नुकसान पहुंचाया गया। इन परिस्थितियों ने जांच को एक अलग दिशा दी है।
परिवार ने करीब 22 लाख रुपये के गहने लूटे जाने की बात कही है। पुलिस अब यह सत्यापित करने में जुटी है कि वास्तव में कितने मूल्य के गहने और अन्य सामान गायब हैं। इसके लिए परिवार के सदस्यों से जानकारी ली जा रही है और घर में रखे सामान की सूची तैयार की जा सकती है। लूट की वास्तविक रकम और गायब सामान की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी महत्वपूर्ण है कि वारदात के बाद घर के अलग-अलग हिस्सों में सामान बिखरा हुआ मिला। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि घर में कीमती सामान की तलाश की गई होगी। हालांकि केवल सामान बिखरा मिलने के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा कि वारदात का उद्देश्य सिर्फ लूट था। पुलिस हत्या की वजह, आरोपी की पहचान और लूट के पीछे की पूरी साजिश समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम अब्दी ने बताया कि महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में घर में जबरन घुसने का कोई स्पष्ट संकेत या सबूत नहीं मिला है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जोड़कर वारदात की पूरी कड़ी समझने की कोशिश कर रही है।
किराएदार के मुताबिक, शाम करीब 7 बजे पानी भरने का समय हुआ था। परिवार की ओर से उमा को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उनके पति से संपर्क किया गया और उन्हें घर जाकर देखने के लिए कहा गया। दरवाजा खोलने के बाद महिला को कुर्सी पर उसी अवस्था में पाया गया। घटना सामने आने के बाद आसपास के लोगों में भी हड़कंप मच गया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शाम 5 से 6 बजे के बीच घर के आसपास कौन-कौन लोग मौजूद थे। आसपास के सीसीटीवी कैमरों के अलावा पुलिस स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटा सकती है। जिस समय वारदात हुई, उस दौरान इलाके में किसी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन की गतिविधि हुई थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस के लिए यह पता लगाना अहम होगा कि आरोपी घर तक कैसे पहुंचे और बिना किसी स्पष्ट जबरन प्रवेश के अंदर कैसे गए।
इस घटना में परिवार के सदस्य भी सदमे में हैं। एक तरफ महिला की हत्या हुई और दूसरी तरफ घर में रखे कीमती सामान के गायब होने की बात सामने आई है। परिवार के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि घर में प्रवेश करने वाले लोगों को अंदर की व्यवस्था और सामान के बारे में कितनी जानकारी थी। पुलिस इसी कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल इस मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस ने हत्या और संभावित लूट से जुड़े सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और परिवार के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की जांच से यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत की वास्तविक वजह क्या थी और वारदात को किस उद्देश्य से अंजाम दिया गया।
कानपुर के रावतपुर क्षेत्र में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। घर के अंदर महिला की हत्या और उसके बाद कीमती सामान गायब होने की घटना के बाद आसपास के लोग भी सतर्क हो गए हैं। फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान आरोपियों की पहचान और घटना की कड़ी जोड़ने पर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि वारदात के पीछे केवल लूट का मकसद था या इसके पीछे कोई और साजिश भी थी।










