लंदन स्क्वॉश क्लासिक में भारत की अनाहत सिंह और रमित टंडन ने शानदार जीत के साथ प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। अनाहत ने मरियम मेटवाली को 11 मिनट में हराया, जबकि रमित ने अब्दुल्ला अल-तमीमी को 20 मिनट में शिकस्त दी।
स्पोर्ट्स न्यूज़: लंदन में आयोजित हो रहे लंदन स्क्वॉश क्लासिक में भारतीय खिलाड़ियों ने मिश्रित प्रदर्शन किया। महिला एकल में दुनिया की 20वें नंबर की भारतीय खिलाड़ी अनाहत सिंह ने शानदार अंदाज में जीत दर्ज कर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। पुरुष एकल में रमित टंडन ने भी अपने मुकाबले में जीत हासिल की और अगले दौर का टिकट कटाया। हालांकि, भारत के वीर चोतरानी को पहले दौर में स्विट्जरलैंड के यैनिक विल्हेमी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
अनाहत की जीत विशेष रूप से प्रभावशाली रही, क्योंकि उन्होंने मिस्र की दुनिया की 30वें नंबर की खिलाड़ी मरियम मेटवाली को केवल 11 मिनट में सीधे दो गेम में शिकस्त दी। वहीं रमित ने कतर के अब्दुल्ला अल-तमीमी के खिलाफ 20 मिनट तक चले मुकाबले में लगातार दो गेम जीतकर अपनी चुनौती बरकरार रखी।
अनाहत ने सिर्फ 11 मिनट में दर्ज की आसान जीत
अनाहत सिंह ने मुकाबले की शुरुआत से ही मरियम मेटवाली पर दबाव बनाए रखा। भारतीय खिलाड़ी ने तेज और आक्रामक खेल के जरिए अपनी प्रतिद्वंद्वी को वापसी का मौका नहीं दिया।
पहले गेम में अनाहत ने 11-3 से जीत हासिल की। इसके बाद दूसरे गेम में उन्होंने अपना दबदबा और मजबूत कर दिया और मेटवाली को सिर्फ दो अंक लेने दिए। अनाहत ने दूसरा गेम 11-2 से अपने नाम किया।
इस तरह भारतीय खिलाड़ी ने लगातार दो गेम जीतकर मुकाबला समाप्त कर दिया। पूरे मैच में उन्हें सिर्फ 11 मिनट लगे। यह प्रदर्शन उनकी मौजूदा फॉर्म और कोर्ट पर तेजी से अंक हासिल करने की क्षमता को दर्शाता है।
प्री-क्वार्टर फाइनल में नेले गिलिस से मुकाबला
पहले दौर में शानदार जीत के बाद अनाहत सिंह के सामने अब एक मजबूत चुनौती होगी। प्री-क्वार्टर फाइनल में उनका सामना बेल्जियम की दुनिया की 11वें नंबर की खिलाड़ी नेले गिलिस से होगा।
दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला गुरुवार को निर्धारित है। गिलिस की विश्व रैंकिंग अनाहत से ऊपर है, ऐसे में भारतीय खिलाड़ी के लिए यह मैच टूर्नामेंट में उनकी असली परीक्षा साबित हो सकता है।
अनाहत अगर अगले दौर में भी जीत हासिल करती हैं तो यह टूर्नामेंट में उनकी चुनौती को और मजबूत करेगा। भारतीय स्क्वॉश में युवा खिलाड़ियों के उभरने के बीच अनाहत का प्रदर्शन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में रचा था इतिहास
अनाहत सिंह हाल के दिनों में भारतीय स्क्वॉश की प्रमुख युवा प्रतिभाओं में अपनी पहचान मजबूत कर चुकी हैं। उन्होंने जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब जीतकर इतिहास बनाया था।
वह इस प्रतिष्ठित जूनियर खिताब को जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थीं। इस उपलब्धि ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी क्षमता को रेखांकित किया और भारतीय स्क्वॉश में उनके भविष्य को लेकर उम्मीदें बढ़ाईं।
लंदन स्क्वॉश क्लासिक में उनका मौजूदा प्रदर्शन उसी निरंतरता को आगे बढ़ाता दिखाई दे रहा है। पहले दौर में केवल 11 मिनट में जीत दर्ज करना उनके आत्मविश्वास और तैयारी का संकेत माना जा सकता है।
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रमित टंडन ने 20 मिनट में जीता मुकाबला
पुरुष एकल में भारत के रमित टंडन ने भी प्रभावी प्रदर्शन करते हुए अगले दौर में जगह बनाई। दुनिया के 42वें नंबर के रमित का सामना कतर के 61वें नंबर के खिलाड़ी अब्दुल्ला अल-तमीमी से हुआ।
रमित ने मैच की शुरुआत से ही अपनी लय बनाए रखी और पहला गेम 11-6 से अपने नाम किया। दूसरे गेम में भी उन्होंने बढ़त बरकरार रखी और 11-7 से जीत हासिल की।
20 मिनट तक चले मुकाबले में रमित ने दोनों गेम लगातार जीतकर मैच अपने नाम किया। इस जीत के साथ उन्होंने टूर्नामेंट के अगले चरण में प्रवेश किया, जहां उनके सामने काफी अनुभवी और ऊंची वरीयता वाले खिलाड़ी की चुनौती होगी।
अगले दौर में मोहम्मद एलशोरबागी से टक्कर
प्री-क्वार्टर फाइनल में रमित टंडन का सामना टूर्नामेंट के आठवीं वरीयता प्राप्त मोहम्मद एलशोरबागी से होगा। यह मुकाबला बुधवार को खेला जाएगा।
एलशोरबागी मिस्र में जन्मे खिलाड़ी हैं और वर्तमान में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके अंतरराष्ट्रीय अनुभव और ऊंची वरीयता को देखते हुए रमित के लिए यह मुकाबला पहले दौर की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
रमित को अगले दौर में बेहतर प्रदर्शन के लिए अपनी शुरुआती आक्रामकता और रक्षात्मक संतुलन दोनों को बनाए रखना होगा। अल-तमीमी के खिलाफ सीधे गेम में जीत ने उन्हें अगले मुकाबले से पहले आत्मविश्वास जरूर दिया होगा।
वीर चोतरानी को करीबी मुकाबले में हार
भारत के वीर चोतरानी का लंदन स्क्वॉश क्लासिक में सफर पहले दौर में समाप्त हो गया। दुनिया के 38वें नंबर के भारतीय खिलाड़ी को स्विट्जरलैंड के यैनिक विल्हेमी ने लगातार दो गेम में हराया।
मुकाबले में दोनों गेम काफी करीबी रहे। विल्हेमी ने पहला गेम 11-9 और दूसरा गेम भी 11-9 से जीतकर मैच अपने नाम किया।
स्कोरलाइन से साफ है कि चोतरानी दोनों गेम में जीत के करीब पहुंचे, लेकिन महत्वपूर्ण अंकों पर स्विस खिलाड़ी ने बेहतर प्रदर्शन किया। दो अंकों के अंतर से मिली दोनों गेम की हार ने भारतीय खिलाड़ी की चुनौती समाप्त कर दी।
एशियन गेम्स से पहले महत्वपूर्ण तैयारी
अनाहत सिंह और वीर चोतरानी दोनों आगामी एशियन गेम्स के लिए भारतीय स्क्वॉश टीम का हिस्सा हैं। एशियन गेम्स जापान के आइची-नागोया में आयोजित किए जाएंगे।
ऐसे में लंदन स्क्वॉश क्लासिक भारतीय खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी तैयारियों को परखने का महत्वपूर्ण अवसर है। अनाहत की जीत जहां उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगी, वहीं वीर चोतरानी के लिए करीबी हार से आगे की तैयारियों के लिए जरूरी सीख मिल सकती है।
भारतीय स्क्वॉश के लिए बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से पहले खिलाड़ियों का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एशियाई स्तर पर इस खेल में मजबूत प्रतिस्पर्धा रहती है। लंदन में मिले अनुभव का उपयोग भारतीय खिलाड़ी आगे की प्रतियोगिताओं में कर सकते हैं।
भारतीय खिलाड़ियों की नजर अगले दौर पर
लंदन स्क्वॉश क्लासिक में अब भारतीय प्रशंसकों की नजर अनाहत सिंह और रमित टंडन के अगले मुकाबलों पर होगी। दोनों खिलाड़ियों ने पहले दौर में सीधे गेम में जीत हासिल करके अपनी चुनौती को मजबूती से आगे बढ़ाया है।
अनाहत के सामने नेले गिलिस और रमित के सामने मोहम्मद एलशोरबागी जैसी मजबूत चुनौतियां हैं। दोनों मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों को बेहतर रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अपनी रणनीति और मानसिक मजबूती का परिचय देना होगा।
वहीं वीर चोतरानी की हार के बावजूद टूर्नामेंट भारतीय टीम के लिए आगामी एशियन गेम्स की तैयारियों का अहम हिस्सा बनी हुई है। अनाहत और रमित की आगे की सफलता भारतीय स्क्वॉश के लिए इस प्रतियोगिता को और महत्वपूर्ण बना सकती है।








