हरिद्वार में कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सुविधा देने के लिए आज से 24 घंटे हेल्थ कंट्रोल रूम शुरू किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर 33 अस्थायी अस्पताल और पांच रेफरल अस्पताल भी तैयार किए गए हैं।
हरिद्वार: कांवड़ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। बुधवार से 24 घंटे संचालित होने वाला हेल्थ कंट्रोल रूम शुरू किया जा रहा है, जहां से चिकित्सा सेवाओं की निगरानी के साथ आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
आज से शुरू होगा 24 घंटे हेल्थ कंट्रोल रूम
हरिद्वार में कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 24 घंटे संचालित होने वाला हेल्थ कंट्रोल रूम शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कंट्रोल रूम मेला अस्पताल के पास स्थित टीबी अस्पताल परिसर में बनाया गया है। यहां से पूरे मेले के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जाएगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर भी जल्द जारी किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु किसी भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी में तुरंत संपर्क कर सकें।
यात्रा मार्ग पर बनाए जा रहे 33 अस्थायी अस्पताल
कांवड़ यात्रा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा मार्ग पर 33 अस्थायी अस्पताल स्थापित करने की तैयारी पूरी कर ली है। इनमें 27 सरकारी अस्पताल शामिल हैं, जिन्हें तीन शिफ्टों में संचालित किया जाएगा। इससे दिन-रात किसी भी समय श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
नोडल अधिकारी डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक अस्थायी अस्पताल में एक चिकित्सक और एक पैरामेडिकल कर्मी की तैनाती रहेगी। इसके अलावा प्राथमिक उपचार, जरूरी दवाइयों और एंबुलेंस की भी पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके।
वाटर एंबुलेंस की भी होगी व्यवस्था
इस बार स्वास्थ्य विभाग गंगा घाटों और जल क्षेत्र में होने वाली आपात स्थितियों को ध्यान में रखते हुए वाटर एंबुलेंस की व्यवस्था भी करने जा रहा है। इसके लिए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) के साथ समन्वय किया जा रहा है।
यदि किसी श्रद्धालु की तबीयत गंगा घाट या नदी के बीच खराब होती है, तो वाटर एंबुलेंस के जरिए उसे तेजी से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाकर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इससे जल क्षेत्र में रेस्क्यू और मेडिकल सहायता पहले की तुलना में अधिक प्रभावी होगी।
पांच अस्पताल बनाए गए रेफरल सेंटर
कांवड़ मेले के दौरान गंभीर मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पांच रेफरल अस्पताल भी निर्धारित किए हैं। इनमें मेला अस्पताल, भूमानंद अस्पताल, पतंजलि अस्पताल, आरोग्यम अस्पताल और सिविल अस्पताल रुड़की शामिल हैं।
यदि अस्थायी स्वास्थ्य शिविरों में किसी मरीज की स्थिति गंभीर पाई जाती है, तो उसे तुरंत इन रेफरल अस्पतालों में भेजा जाएगा। इन अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और बेहतर उपचार की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कांवड़ मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। ऐसे में चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। विभाग ने दावा किया है कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों, एंबुलेंस सेवाओं और मेडिकल टीमों को अलर्ट मोड पर रखा जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इसके साथ ही पूरे मेले के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार निगरानी की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।










