कोडरमा जिले के तिलैया डैम ओपी क्षेत्र में बुधवार सुबह स्कूली बच्चों से भरी एक मारुति ओमनी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसा हरली पावर सबस्टेशन के समीप हुआ। दुर्घटना के समय वाहन में कई स्कूली बच्चे सवार थे। वाहन के पलटते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में चार बच्चे घायल हो गए, जिनमें एक बच्चे के माथे पर गंभीर चोट बताई जा रही है। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर बच्चों को दुर्घटनाग्रस्त वाहन से बाहर निकाला और इलाज के लिए तिलैया स्थित निजी क्लीनिक में पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह बच्चे ओमनी वाहन से स्कूल जा रहे थे। इसी दौरान हरली पावर सबस्टेशन के पास अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क पर पलट गया। वाहन के पलटते ही उसमें बैठे बच्चों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव का काम शुरू किया। ग्रामीणों ने वाहन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तिलैया के एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया। सभी घायल बच्चों का इलाज वहीं चल रहा है।
दुर्घटना में घायल बच्चों में आठ वर्षीय अमन कुमार और आठ वर्षीय साधिका भी शामिल हैं। इनके अलावा दो अन्य बच्चे भी हादसे में घायल हुए हैं। इनमें से एक बच्चे के माथे पर गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों की निगरानी में सभी बच्चों का उपचार किया जा रहा है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी बच्चे की मौत की सूचना नहीं है। हादसे के बाद बच्चों के परिजनों को भी घटना की जानकारी दी गई, जिसके बाद वे इलाज स्थल पर पहुंचने लगे।
घटना के बाद दुर्घटनाग्रस्त ओमनी वाहन की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों के अनुसार, वाहन काफी पुराना दिखाई दे रहा था। वाहन के अंदर बच्चों के बैठने के लिए लोहे से बने दो बेंच लगाए गए थे। दुर्घटना के बाद वाहन की स्थिति देखकर स्थानीय लोगों ने बच्चों को इस तरह के वाहन से स्कूल ले जाने की व्यवस्था पर भी चिंता जताई। हालांकि, हादसा किस तकनीकी या अन्य कारण से हुआ, इसकी आधिकारिक जांच संबंधी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
दुर्घटनाग्रस्त वाहन पर एपीएस, भादोडीह लिखा हुआ बताया गया है। इससे माना जा रहा है कि वाहन का इस्तेमाल स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को लाने-ले जाने के लिए किया जा रहा था। सुबह के समय बच्चों को लेकर वाहन अपने रास्ते पर जा रहा था, तभी हरली पावर सबस्टेशन के पास यह दुर्घटना हो गई। हादसे के बाद आसपास के ग्रामीणों की तत्परता से बच्चों को समय पर वाहन से बाहर निकाला जा सका और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे की सूचना मिलने के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क पर पलटा देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसा अचानक हुआ, इसलिए वाहन में सवार बच्चों को संभलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। राहत की बात यह रही कि ग्रामीणों ने तुरंत मदद की और घायल बच्चों को इलाज के लिए भेजा। फिलहाल बच्चों की स्थिति पर डॉक्टरों की निगरानी बनी हुई है।
इस दुर्घटना ने स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को ले जाने वाले वाहनों की स्थिति, उसमें बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा मानकों को लेकर अभिभावक अक्सर चिंता जताते रहे हैं। कोडरमा की इस घटना में भी ग्रामीणों ने वाहन के पुराने होने और उसके भीतर लोहे के बेंच लगाए जाने की बात कही है। ऐसे में हादसे के कारणों के साथ-साथ वाहन की फिटनेस और बच्चों को ले जाने की व्यवस्था की भी जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, इन बिंदुओं पर आधिकारिक जांच या कार्रवाई की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
फिलहाल घायल चारों बच्चों का इलाज तिलैया के निजी क्लीनिक में चल रहा है। परिजनों की नजर बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति पर बनी हुई है। एक बच्चे के माथे पर गंभीर चोट होने के कारण उसकी स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। घटना के बाद इलाके के लोगों में भी चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि बच्चों के सुरक्षित परिवहन को लेकर संबंधित स्तर पर आवश्यक सावधानी बरती जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।











