लच्छा पराठा उत्तर भारत का एक शाही पराठा है। 'लच्छा' का अर्थ है 'गुच्छा' या 'परत'। इसे बनाने की खास तकनीक (Pleating) ही इसे साधारण पराठे से अलग बनाती है। यह बाहर से एकदम खस्ता और अंदर से नरम होता है।
सामग्री
- आटा: 2 कप
- मोयन डालने के लिए 1 बड़ा चम्मच तेल या घी लें।
- परतों के लिए: 2-3 बड़े चम्मच देसी घी और थोड़ा सूखा आटा (dusting के लिए)।
- अन्य: नमक (स्वादानुसार), पानी (आटा गूंथने के लिए), सेकने के लिए घी/तेल।
बनाने की विधि
- आटा गूंथना: एक परात में आटा और नमक डालकर 1 चम्मच तेल मिलाएँ। धीरे-धीरे पानी डालते हुए मुलायम आटा तैयार करें, जैसा रोटी के लिए गूंथा जाता है। आटे को गीले कपड़े से ढककर 15–20 मिनट आराम करने दें।
- लोई बेलना: आटे की एक बड़ी लोई (Ball) लें। इसे सूखे आटे में लपेटकर एकदम पतला और बड़ा बेल लें (जितना पतला हो सके)।
परतें बनाना
- बेली हुई रोटी पर अच्छी तरह घी लगाएं।
- इसके ऊपर थोड़ा सूखा आटा छिड़कें (यह स्टेप बहुत जरूरी है, इसी से परतें आपस में चिपकी नहीं रहेंगी)।
- अब रोटी को कागज के पंखे (Paper Fan) की तरह प्लीट्स (Pleats) में मोड़ें। (एक बार ऊपर, एक बार नीचे फोल्ड करें)।
- इस लंबी पट्टी को जलेबी की तरह गोल घुमाकर रोल (Swiss Roll) कर लें और आखिरी सिरे को नीचे दबा दें।
- दोबारा बेलना: इस पेड़े को हल्के हाथ से थोड़ा सूखा आटा लगाकर बेलें। ध्यान रहे, इसे ज्यादा जोर से या बहुत पतला न बेलें, वरना परतें खत्म हो जाएंगी। इसे थोड़ा मोटा ही रखें।
- सेकना: तवा गरम करें और पराठा डालें। जब एक तरफ से हल्का सिक जाए तो पलट दें। अब घी लगाकर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेकें। आंच मध्यम रखें ताकि अंदर तक पक जाए।
परोसने का तरीका
लच्छा पराठा किसी भी रिच ग्रेवी वाली सब्जी जैसे पनीर बटर मसाला, दाल मखनी, कड़ाही पनीर या नॉन-वेज करी के साथ सबसे अच्छा लगता है। साथ में सिरके वाला प्याज और हरी चटनी हो तो मजा दोगुना हो जाता है।
खाने के फायदे
गेहूं के आटे से बना लच्छा पराठा ऊर्जा (Energy) का बेहतरीन स्रोत है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है, जबकि देसी घी शरीर और जोड़ों को चिकनाई (Lubrication) देता है। यह एक भारी भोजन है जो लंबे समय तक पेट भरा रखता है और कार्य करने के लिए तुरंत ताकत प्रदान करता है।













