LIVE: लखनऊ अग्निकांड में 32 दिन बाद बड़ा एक्शन, 15 लोगों की मौत वाली बिल्डिंग पर चला बुलडोजर; रास्ते सील

लखनऊ अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के 32 दिन बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। हादसे वाली इमारत को ध्वस्त किया जा रहा है, पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई है।
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लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के 32 दिन बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिस इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत हुई थी, उसे प्रशासनिक कार्रवाई के तहत ध्वस्त किया जा रहा है। सुबह से ही बुलडोजर और अन्य भारी मशीनों को मौके पर लगाया गया है। इमारत को गिराने की प्रक्रिया तकनीकी विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में चल रही है ताकि आसपास की इमारतों और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

कार्रवाई शुरू होने से पहले पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। इमारत के आसपास की सभी प्रमुख सड़कों और गलियों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। केवल प्रशासनिक अधिकारी, राहत एवं बचाव दल, तकनीकी कर्मचारी और अधिकृत व्यक्तियों को ही मौके पर जाने की अनुमति दी जा रही है। आसपास रहने वाले लोगों को भी एहतियात के तौर पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

प्रशासन का कहना है कि ध्वस्तीकरण के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, पीएसी के जवान, ट्रैफिक पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर मौजूद हैं। अग्निशमन विभाग की गाड़ियां भी स्टैंडबाय पर रखी गई हैं ताकि धूल, मलबे या किसी अन्य आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

हादसे के बाद प्रशासन ने इमारत की तकनीकी जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर इसे असुरक्षित माना गया और नियमानुसार कार्रवाई का निर्णय लिया गया। इसके बाद संबंधित विभागों ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, मलबा हटाने का कार्य भी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि आसपास के क्षेत्र में यातायात और सामान्य जनजीवन पर कम से कम असर पड़े।

घटनास्थल के आसपास ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से भी निगरानी रखी जा रही है। ट्रैफिक पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं और लोगों से अपील की है कि वे ध्वस्तीकरण स्थल के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचें। स्थानीय प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को सुरक्षा संबंधी निर्देश भी दे रहा है।

इस कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारी पूरे समय मौके पर मौजूद हैं और ध्वस्तीकरण की प्रगति की निगरानी कर रहे हैं। इंजीनियर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इमारत को नियंत्रित तरीके से गिराया जाए ताकि आसपास की संरचनाओं को कोई नुकसान न पहुंचे। धूल नियंत्रण के लिए लगातार पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है।

लखनऊ अग्निकांड के बाद सुरक्षा मानकों, भवन निर्माण नियमों और अग्निशमन व्यवस्था को लेकर भी व्यापक समीक्षा शुरू की गई है। प्रशासन शहर के अन्य व्यावसायिक और बहुमंजिला भवनों की भी जांच कर रहा है, ताकि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर समय रहते कार्रवाई की जा सके। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि फायर सेफ्टी नियमों का पालन न करने वाले भवनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

फिलहाल ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया जारी है और पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए की जा रही है। वहीं, हादसे की जांच और उससे जुड़े अन्य पहलुओं पर भी संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई जारी है।

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