लखनऊ अग्निकांड में बुझ गए शादी के सपने: नवंबर में होनी थी शादी, भूखे पेट काम कर रहे एनिमेशन आर्टिस्ट समेत 15 युवाओं की दर्दनाक मौत

लखनऊ अग्निकांड में शादी की तैयारी कर रहे कपल, एनिमेशन आर्टिस्ट और कई युवाओं की मौत। जानिए हादसे में उजड़ गए सपनों की मार्मिक कहानी।
लखनऊ अग्निकांड में बुझ गए शादी के सपने: नवंबर में होनी थी शादी, भूखे पेट काम कर रहे एनिमेशन आर्टिस्ट समेत 15 युवाओं की दर्दनाक मौत
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लखनऊ के अलीगंज स्थित एक व्यावसायिक भवन में लगी भीषण आग ने 15 परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। इस हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश युवा अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे। कोई अपने माता-पिता का सहारा था, कोई परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उठा रहा था, तो कोई शादी के सपने बुन रहा था। लेकिन कुछ ही मिनटों में फैली आग और धुएं ने उन सभी सपनों को राख में बदल दिया।

इस दर्दनाक हादसे की सबसे मार्मिक कहानी उस कपल की है, जिनकी नवंबर में शादी होने वाली थी। दोनों एनिमेशन इंडस्ट्री में काम करते थे और इसी दौरान उनकी मुलाकात हुई थी। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और परिवारों की सहमति के बाद दोनों ने शादी का फैसला किया। हाल ही में उनकी सगाई हुई थी और घरों में शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं।

परिजनों के अनुसार दोनों परिवारों की मुलाकात भी हो चुकी थी। शादी की तारीख लगभग तय हो गई थी। रिश्तेदारों को सूचना दी जा रही थी और भविष्य की योजनाएं बनाई जा रही थीं। दोनों एक नया घर लेने और शादी के बाद नई जिंदगी शुरू करने को लेकर बेहद उत्साहित थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जिस इमारत में दोनों काम करते थे, वहीं लगी आग ने उनकी जिंदगी खत्म कर दी। अब दोनों परिवारों में शादी की तैयारियों की जगह मातम पसरा हुआ है।

हादसे में जान गंवाने वाले युवाओं में कई एनिमेशन आर्टिस्ट और प्रशिक्षु छात्र भी शामिल थे। इनमें एक ऐसा युवक भी था, जो प्रोजेक्ट पूरा करने के दबाव में सुबह बिना ठीक से खाना खाए काम पर पहुंचा था। परिवार वालों के मुताबिक वह मेहनती और जिम्मेदार था। उसे अपने करियर को आगे बढ़ाने की चिंता थी और इसी कारण वह लगातार काम में जुटा रहता था। किसी को अंदाजा नहीं था कि भूखे पेट घर से निकला यह युवक कभी वापस नहीं लौटेगा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में पूरे भवन में धुआं भर गया। शुरुआत में लोगों को आग की गंभीरता का अंदाजा नहीं हुआ, लेकिन देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। धुएं की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। कई लोगों ने खिड़कियों और वैकल्पिक रास्तों से निकलने की कोशिश की, लेकिन कई युवक अंदर ही फंस गए।

हादसे में हरियाणा के एक युवक की कहानी भी लोगों को भावुक कर रही है। आग में फंसने के बाद उसने अपनी मां को फोन किया था। बताया जाता है कि उसने घबराई हुई आवाज में कहा, “मां, यहां आग लग गई है, शायद मैं नहीं बच पाऊंगा।” मां उसे लगातार हिम्मत देती रही, लेकिन कुछ देर बाद फोन कट गया। इसके बाद उससे दोबारा संपर्क नहीं हो सका। बाद में मृतकों की सूची में उसका नाम देखकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

कानपुर के दो दोस्तों की कहानी भी बेहद दर्दनाक है। दोनों ने साथ पढ़ाई की थी और एनिमेशन क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखा था। नौकरी मिलने के बाद वे एक ही संस्थान में काम कर रहे थे। दोनों परिवारों को उम्मीद थी कि उनके बच्चे भविष्य में बड़ी सफलता हासिल करेंगे। लेकिन आग की इस घटना में दोनों दोस्तों की एक साथ मौत हो गई। अंतिम संस्कार के दौरान दोनों परिवारों की चीख-पुकार ने हर किसी को भावुक कर दिया।

हादसे के बाद सामने आई शुरुआती जांच में सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। बताया जा रहा है कि भवन में पर्याप्त आपातकालीन निकास की व्यवस्था नहीं थी। आग और धुएं ने मुख्य सीढ़ियों को अपनी चपेट में ले लिया था, जिससे लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। कई लोगों को बचाने के लिए दमकलकर्मियों को दीवार तोड़कर अंदर पहुंचना पड़ा।

परिजनों का आरोप है कि यदि भवन में सुरक्षा मानकों का ठीक से पालन किया गया होता तो इतनी बड़ी जनहानि नहीं होती। कई मृतकों के परिवारों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।

लखनऊ का यह अग्निकांड सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि उन अधूरे सपनों की कहानी है जो कुछ ही मिनटों में खत्म हो गए। किसी की शादी होने वाली थी, कोई अपने माता-पिता का इकलौता सहारा था, तो कोई अपने करियर के सुनहरे भविष्य की ओर बढ़ रहा था। अब उनके घरों में सिर्फ उनकी यादें बची हैं। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को बेहतर भविष्य के सपनों के साथ घर से विदा किया था, वे आज उनकी तस्वीरों के सामने बैठकर आंसू बहाने को मजबूर हैं। यह हादसा आने वाले लंबे समय तक उन परिवारों के दिलों में एक ऐसा घाव छोड़ जाएगा, जिसे शायद कभी भरा नहीं जा सकेगा।

 
 

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