लखनऊ में लगातार दूसरे दिन बारिश का दौर जारी है। सुबह से हो रही बारिश के कारण राजधानी के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया है। कुछ जगहों पर जलभराव इतना अधिक है कि लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बीच कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। लगातार बारिश ने शहर की सामान्य रफ्तार को प्रभावित कर दिया है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दिन लखनऊ में 40.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो इस सीजन में एक दिन में हुई सबसे अधिक बारिश बताई जा रही है। बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। कुछ स्थानों पर घरों और दुकानों में भी पानी घुसने की स्थिति बनी।
जानकीपुरम समेत कई इलाकों में जलभराव से सबसे ज्यादा परेशानी सामने आई। सड़कों पर पानी भरने के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। कई जगह बाइक और छोटे वाहन पानी में फंसते नजर आए। स्थानीय लोगों को घरों से बाहर निकलने में भी मुश्किल हुई।
बारिश के कारण कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। लगातार बारिश और जलभराव के बीच बिजली के फॉल्ट ठीक करने में कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई परिवारों को बिजली कटने से घरेलू कामकाज प्रभावित होने की शिकायत है।
शहर में बारिश के साथ नालियों और जलनिकासी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। जिन इलाकों में थोड़ी देर की बारिश के बाद भी पानी जमा हो जाता है, वहां लगातार बारिश होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है। सड़कों पर जमा पानी धीरे-धीरे घरों और दुकानों की ओर बढ़ने लगता है।
लखनऊ में पिछले दिन तड़के से हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में दो से चार फीट तक पानी भरने की स्थिति सामने आई थी। जानकीपुरम, भूतनाथ, संजयगांधीपुरम, टेढ़ी पुलिया और सचिवालय रोड समेत कई इलाकों में जलभराव की शिकायतें सामने आईं।
कुर्सी रोड पर भी बारिश का असर दिखाई दिया। जानकीपुरम के आसपास सड़क पर पानी भरने से दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। कई वाहन पानी के बीच बंद हो गए। स्थानीय लोगों को अपने वाहनों को निकालने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।
बारिश के कारण सुबह के समय सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही कम रही। कई लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकले। जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से लोगों ने बचने की कोशिश की।
लगातार बारिश का असर व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ता है। दुकानदारों को दुकानों के सामने जमा पानी से परेशानी होती है। जिन बाजारों में जलनिकासी की व्यवस्था कमजोर है, वहां ग्राहक भी कम पहुंचते हैं। इससे छोटे कारोबारियों की दिनभर की बिक्री प्रभावित हो सकती है।
स्कूल जाने वाले बच्चों और कार्यालय जाने वाले लोगों को भी बारिश के कारण अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है। जलभराव वाले रास्तों पर वाहन धीमी गति से चलने के कारण यात्रा में ज्यादा समय लग रहा है। कई लोगों को अपने सामान्य रास्ते की जगह वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है।
बारिश के दौरान बिजली कटौती ने परेशानी को और बढ़ा दिया है। बिजली नहीं होने पर पानी की मोटर, घरेलू उपकरण और ऑनलाइन काम प्रभावित होते हैं। लगातार बारिश के कारण बिजली कर्मचारियों के लिए फॉल्ट वाले इलाकों तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
मौसम विभाग ने लखनऊ के लिए खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। ताजा मौसम पूर्वानुमान में भी बारिश का दौर आगे जारी रहने के संकेत हैं। लगातार बारिश के बीच प्रशासन और नगर निकाय के सामने सबसे बड़ी चुनौती जलनिकासी की है। जहां पानी जमा है, वहां पंप लगाकर पानी निकालने और नालियों की सफाई की जरूरत बढ़ जाती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चिंता का कारण बनती है।
बारिश के दौरान बिजली से जुड़े हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। जलभराव वाले इलाकों में खुले तार, बिजली के पोल और खराब उपकरणों से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। प्रशासन और बिजली विभाग के लिए भी ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
मौसम में बदलाव के कारण तापमान में भी गिरावट महसूस की जा रही है। लगातार बारिश और बादलों के कारण गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन उमस और जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
इस सीजन में अब तक हुई बारिश के आंकड़ों को देखें तो पिछले दिन की 40.9 मिमी बारिश ने कुल वर्षा में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। हालांकि सीजन की कुल बारिश अभी सामान्य औसत से नीचे बताई जा रही है।
लखनऊ में मानसून के दौरान हर साल जलभराव की समस्या कई इलाकों में सामने आती है। तेज बारिश के समय नालियों पर दबाव बढ़ जाता है और यदि पानी की निकासी तेजी से नहीं हो तो सड़कें तालाब में बदल जाती हैं। इस बार लगातार दो दिनों की बारिश ने भी यही स्थिति कई स्थानों पर पैदा कर दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान केवल बारिश के दौरान पानी निकालने से नहीं होगा। नालियों की नियमित सफाई, जलनिकासी मार्गों को अतिक्रमण से मुक्त रखना और निचले इलाकों में बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था जरूरी है।
फिलहाल राजधानी में बारिश का असर बना हुआ है। लोगों को जलभराव वाले रास्तों से बचने, बिजली के तारों और उपकरणों से दूरी बनाए रखने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, लखनऊ में लगातार दूसरे दिन बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। पिछले दिन 40.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड होने के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी और कुछ घरों तक पानी पहुंच गया। बारिश के साथ बिजली आपूर्ति भी कई जगह प्रभावित हुई। मौसम विभाग ने आगे भी बारिश की संभावना जताई है, ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।











