उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 की तारीखों को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल सूची फर्जी है। इसमें 15 अक्टूबर से मतदान और 18 नवंबर को मतगणना का दावा किया गया है, जबकि चुनाव कार्यक्रम अभी घोषित नहीं हुआ है।
वाराणसी: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 की तारीखों को लेकर सोशल मीडिया पर एक सूची तेजी से वायरल हो रही है। इसमें 15 अक्टूबर से अलग-अलग चरणों में मतदान और 18 नवंबर को मतगणना का दावा किया गया है। हालांकि, यह जानकारी गलत है। वायरल सूची वास्तव में लोकसभा सीटों से जुड़ी है और इसे भ्रामक दावों के साथ प्रसारित किया जा रहा है।
वायरल पंचायत चुनाव की तारीखों की क्या है सच्चाई?

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर एक सूची तेजी से वायरल हो रही है। वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की तारीखें तय कर दी हैं और 15 अक्टूबर से अलग-अलग चरणों में मतदान शुरू होगा। पोस्ट में 21 अक्टूबर, 29 अक्टूबर और 7 नवंबर की तारीखें भी दी गई हैं। इसके साथ 18 नवंबर को मतगणना होने की बात कही जा रही है। हालांकि, यह दावा सही नहीं है और वायरल हो रही सूची को पंचायत चुनाव का आधिकारिक कार्यक्रम बताना भ्रामक है।
15 अक्टूबर से मतदान का किया जा रहा दावा
सोशल मीडिया पर प्रसारित सूची में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के नाम के साथ मतदान की तारीखें दी गई हैं। वायरल सूचना के अनुसार, 15 अक्टूबर को सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, मथुरा, अलीगढ़, आगरा, शामली और हापुड़ समेत कई क्षेत्रों में चुनाव होने का दावा किया गया है।
इसी तरह 21 अक्टूबर की सूची में हाथरस, संभल, फतेहपुर, फिरोजाबाद, मैनपुरी, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, फर्रुखाबाद, कानपुर, कन्नौज, इटावा, बहराइच और लखीमपुर खीरी जैसे क्षेत्रों के नाम शामिल हैं।
29 अक्टूबर और 7 नवंबर के लिए भी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों और लोकसभा क्षेत्रों के नाम दिए गए हैं। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि इन चरणों के बाद 18 नवंबर को वोटों की गिनती होगी।
वायरल सूची पंचायत चुनाव की नहीं
जांच में सामने आया है कि सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही सूची को पंचायत चुनाव कार्यक्रम के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि यह सूची लोकसभा सीटों से संबंधित है। इसे पंचायत चुनाव की तारीखों के साथ जोड़कर भ्रामक तरीके से प्रसारित किया जा रहा है।
यही वजह है कि सोशल मीडिया पर दिखाई दे रही तारीखों को यूपी पंचायत चुनाव 2026 की आधिकारिक डेट मानना सही नहीं है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से इन तारीखों की ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
पहले होगा आरक्षण, फिर आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ने से पहले आरक्षण से संबंधित प्रक्रिया पूरी होनी है। इसके बाद चुनाव की अन्य तैयारियां और कार्यक्रम तय किए जाएंगे। इसलिए किसी सोशल मीडिया पोस्ट या वायरल सूची के आधार पर चुनाव की तारीखों को अंतिम मानना उचित नहीं है।
चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही मतदान और मतगणना की तारीखों की पुष्टि हो सकेगी। चुनाव से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करना चाहिए।
इस साल चुनाव होने की संभावना पर भी सवाल
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव इस वर्ष होने की उम्मीद नहीं है। संभावना जताई जा रही है कि पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के साथ या उसके आसपास कराए जा सकते हैं।
ऐसे में 15 अक्टूबर से पंचायत चुनाव शुरू होने, अलग-अलग तारीखों पर मतदान कराने और 18 नवंबर को मतगणना होने का दावा फिलहाल सही नहीं है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सूची को पंचायत चुनाव 2026 का आधिकारिक कार्यक्रम मानने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।











