दिल्ली पुलिस की रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ ने दिल्ली-NCR में हेरोइन की सप्लाई करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मुख्य सप्लायर रुकसार अली उर्फ राजू समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कुल 7.076 किलो हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 50 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हेरोइन बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का भी पता चला।
दिल्ली-NCR में सक्रिय था नेटवर्क
रोहिणी जिला स्पेशल स्टाफ के मुताबिक, यह नेटवर्क दिल्ली-NCR से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। जांच में सामने आया कि एक तरफ तैयार हेरोइन की दिल्ली-NCR में सप्लाई की जा रही थी, जबकि दूसरी तरफ लखनऊ में एक अवैध ठिकाने पर हेरोइन तैयार की जा रही थी।
पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान नेटवर्क से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें मुख्य सप्लायर रुकसार अली उर्फ राजू भी शामिल है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से बरामद हेरोइन की कुल मात्रा 7.076 किलो है।
लखनऊ में मिली 6.275 किलो तैयार हेरोइन
पुलिस ने 4 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित जानकीपुरम की सीता कॉलोनी में छापा मारा। यहां से 35 वर्षीय बाबलू को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान पुलिस को 6.275 किलो तैयार हेरोइन बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक, बरामद हेरोइन इसी स्थान पर तैयार की गई थी। इसके अलावा कथित फैक्ट्री से हेरोइन बनाने में इस्तेमाल होने वाला 2.504 किलो सोडियम और 787 ग्राम एसिटिक एनहाइड्राइड भी बरामद किया गया।
जांच टीम को मौके से गैस सिलेंडर, मिक्सर ग्राइंडर, टब, बर्तन, पॉलीथिन, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और लकड़ी की टोकरी समेत कई अन्य सामान भी मिले।
16 सितंबर को सामने आई पहली कड़ी पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क की जांच 16 सितंबर को मिली एक सूचना के बाद शुरू हुई थी। स्पेशल स्टाफ को जानकारी मिली थी कि बेगमपुर इलाके में हेरोइन की सप्लाई होने वाली है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सेक्टर-32 में कार्रवाई की और ग्रैंड विटारा कार को रोका। कार में सवार 58 वर्षीय लक्ष्मण हुड्डा, जो रोहतक का निवासी है, को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, लक्ष्मण हुड्डा के कब्जे से 300 ग्राम हेरोइन और तीन लाख रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस ने उसकी कार भी जब्त कर ली।
दूसरे सप्लायर तक ऐसे पहुंची जांच
लक्ष्मण हुड्डा से पूछताछ और आगे की जांच के दौरान पुलिस को नेटवर्क से जुड़े एक अन्य सप्लायर के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद 17 सितंबर को सोनीपत से 51 वर्षीय अनिल उर्फ भोला को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, अनिल के पास से 501 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। उसकी महिंद्रा XUV-700 को भी जब्त किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि अनिल एनडीपीएस के एक मामले में पैरोल जंपर और घोषित अपराधी था। पुलिस ने पूछताछ और तकनीकी निगरानी के जरिए नेटवर्क की अगली कड़ी का पता लगाने की कोशिश की।
लखनऊ की फैक्ट्री तक पहुंची पुलिस
लक्ष्मण हुड्डा और अनिल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंची, जो कथित तौर पर नेटवर्क को हेरोइन की सप्लाई कर रहा था।
पुलिस टीम ने 4 अक्टूबर को लखनऊ के जानकीपुरम की सीता कॉलोनी में कार्रवाई की। यहां बाबलू को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार हेरोइन मिलने के बाद पुलिस को कथित अवैध फैक्ट्री के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, इस स्थान पर हेरोइन तैयार की जा रही थी। मौके से तैयार हेरोइन के अलावा विभिन्न सामग्री और उपकरण भी बरामद किए गए।
मुख्य सप्लायर रुकसार अली भी गिरफ्तार
बाबलू से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने नेटवर्क के मुख्य सप्लायर और कथित फैक्ट्री मालिक रुकसार अली उर्फ राजू की तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक, टीम ने करीब 120 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद रुकसार अली को बरेली से गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि रुकसार पहले तीन एनडीपीएस मामलों में शामिल रहा है।
पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और मौजूदा नेटवर्क में उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
7.076 किलो हेरोइन बरामद
पूरी कार्रवाई में पुलिस ने कुल 7.076 किलो हेरोइन बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 50 करोड़ रुपये है।
बरामदगी में लखनऊ स्थित कथित अवैध फैक्ट्री से मिली 6.275 किलो तैयार हेरोइन भी शामिल है। इसके अतिरिक्त दिल्ली-NCR में कार्रवाई के दौरान लक्ष्मण हुड्डा और अनिल उर्फ भोला के कब्जे से क्रमशः 300 ग्राम और 501 ग्राम हेरोइन बरामद की गई।
पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े ठिकानों से हेरोइन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरण भी बरामद किए हैं।
अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब इस मामले को केवल स्थानीय स्तर की ड्रग सप्लाई तक सीमित मानकर नहीं चल रही है। जांच टीम इस बात का पता लगाने में जुटी है कि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और दिल्ली-NCR तथा उत्तर प्रदेश के अलावा इसकी गतिविधियां किन क्षेत्रों तक फैली हुई थीं।
पुलिस हेरोइन की सप्लाई से जुड़े पैसों के लेन-देन की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हेरोइन बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल कहां से खरीदा जाता था और इसके लिए किन लोगों या माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था।
नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश
चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब कथित सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। जांच का एक प्रमुख हिस्सा उन लोगों का पता लगाना है, जो हेरोइन की सप्लाई, उत्पादन और वित्तीय लेन-देन में कथित तौर पर शामिल थे।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद ड्रग्स को दिल्ली-NCR के किन इलाकों में पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में कितने लोग अलग-अलग स्तर पर काम कर रहे थे।
फिलहाल पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की जांच जारी है। लखनऊ में अवैध फैक्ट्री का सामने आना और दिल्ली-NCR में बड़े पैमाने पर हेरोइन की बरामदगी ने इस नेटवर्क के व्यापक दायरे की ओर इशारा किया है। पुलिस अब पूरे सिंडिकेट की कड़ियों और इसके पीछे मौजूद अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है।











