सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के संयोग पर उज्जैन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। नागचंद्रेश्वर मंदिर में करीब 4 लाख और महाकाल मंदिर में डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। प्रदेश के अन्य शिव मंदिरों में भी विशेष आयोजन हुए।
उज्जैन: सावन माह के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के विशेष संयोग पर उज्जैन समेत मध्य प्रदेश के प्रमुख शिव और नागदेवता मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। उज्जैन में अब तक करीब 5.50 लाख श्रद्धालु महाकाल और नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन कर चुके हैं। वहीं सेंधवा में भिलट देव का 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया और भोजपुर महादेव का नागेश्वर श्रृंगार किया गया।
नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़
सावन सोमवार और नाग पंचमी एक साथ होने के कारण उज्जैन में धार्मिक उत्साह चरम पर है। बाबा महाकाल की नगरी में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे हैं।

महाकालेश्वर मंदिर में अब तक करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने की जानकारी सामने आई है। वहीं महाकाल मंदिर के शीर्ष पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में करीब 4 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
नाग पंचमी पर नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट विशेष रूप से खोले जाते हैं। भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। सावन सोमवार का संयोग होने के कारण इस बार भक्तों की संख्या और अधिक बढ़ गई है।
प्रदेश के दूसरे शिव मंदिरों में भी विशेष आयोजन
नाग पंचमी और सावन सोमवार के अवसर पर मध्य प्रदेश के कई प्रमुख शिव और नागदेवता मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिरों में भगवान शिव और नागदेवता का विशेष श्रृंगार किया गया और श्रद्धालुओं ने पूजा-अभिषेक में हिस्सा लिया।
सेंधवा में भिलट देव मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन हुआ। यहां भगवान भिलट देव का 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।
वहीं भोजपुर स्थित प्रसिद्ध महादेव मंदिर में भगवान शिव का नागेश्वर श्रृंगार किया गया। नाग पंचमी के अवसर पर किए गए इस विशेष श्रृंगार को देखने के लिए भी भक्तों की भीड़ पहुंची।
नाग पंचमी और सावन सोमवार का विशेष संयोग
इस बार नाग पंचमी और सावन के तीसरे सोमवार का संयोग होने से शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है। भक्त भगवान शिव का जल और दूध से अभिषेक करने के साथ नागदेवता की पूजा कर रहे हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार नाग पंचमी पर नागदेवता की पूजा का विशेष महत्व है। वहीं सावन सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। दोनों पर्व एक साथ आने से मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना और दर्शन का सिलसिला जारी है।
उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में व्यवस्थाएं भी बढ़ाई गई हैं। महाकाल और नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए भक्त लगातार कतारों में पहुंच रहे हैं।











