Maharashtra Politics: संजय राउत ने बागी सांसदों पर साधा निशाना, कहा– “महाराष्ट्र के गद्दारों के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी”

महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। Sanjay Raut ने बागी सांसदों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “महाराष्ट्र के गद्दारों के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) और एकनाथ शिंदे गुट के बीच चल रहे तनाव के बीच Sanjay Raut ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर अपने विरोधियों पर तीखा हमला बोला है।

मुंबई: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली है। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर बागी सांसदों और शिंदे गुट पर परोक्ष रूप से हमला बोला है। अपने पोस्ट में उन्होंने “महाराष्ट्र के गद्दारों” के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की बात कही है, जिससे राज्य की राजनीतिक गर्मी और बढ़ गई है। यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के शिंदे गुट के साथ जाने की खबरों ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी थी।

‘हिम्मत नहीं हारी, लड़ाई जारी है’ – संजय राउत

संजय राउत ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा:

“ना थके कभी पैर, ना कभी हिम्मत हारी है। लड़ना है महाराष्ट्र के गद्दारों के खिलाफ… हौसला है बुलंद, सफर जारी है। जय महाराष्ट्र, जय भवानी, जय शिवाजी।”

इस पोस्ट के साथ उन्होंने एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें वे प्रतीकात्मक रूप से हथियार के साथ नजर आ रहे हैं। हालांकि पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे शिंदे गुट में शामिल हुए सांसदों पर सीधा कटाक्ष माना जा रहा है।

बागी सांसदों पर लगातार हमला

Maharashtra Politics: संजय राउत ने बागी सांसदों पर साधा निशाना, कहा– “महाराष्ट्र के गद्दारों के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी”

पिछले कुछ दिनों से संजय राउत लगातार शिंदे गुट और पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर हमलावर हैं। हालिया घटनाक्रम के बाद उन्होंने कई बार “गद्दार” शब्द का इस्तेमाल करते हुए तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। उनके ताजा पोस्ट को केवल विरोध नहीं, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और राजनीतिक संघर्ष के लिए तैयार रहने के संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।

इससे पहले शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में भी संजय राउत ने कड़ा रुख अपनाया था। उस लेख में उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक घटनाक्रम के पीछे भारी आर्थिक लेन-देन हुआ है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा था कि “कथित ऑपरेशन सफल रहा और मरीज ठीक है,” जिसे राजनीतिक दलबदल की प्रक्रिया पर कटाक्ष माना गया।

इसके अलावा उन्होंने तंज कसते हुए यह भी पूछा था कि इस पूरी प्रक्रिया के “पिछले राजनीतिक संबंध” क्या हैं, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई।

शिंदे गुट और भाजपा पर परोक्ष निशाना

संजय राउत के बयानों में परोक्ष रूप से एकनाथ शिंदे और भाजपा नेतृत्व पर भी निशाना साधा गया है। उन्होंने दावा किया कि हालिया राजनीतिक घटनाक्रम केवल सत्ता-समीकरण का हिस्सा नहीं, बल्कि गहरे रणनीतिक बदलाव का संकेत है। हालांकि शिंदे गुट की ओर से इन बयानों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाजी आने वाले समय में और तेज हो सकती है।

महाराष्ट्र की राजनीति पिछले कुछ वर्षों से लगातार अस्थिरता और गुटबाजी के दौर से गुजर रही है। शिवसेना के विभाजन के बाद से ही शिवसेना (यूबीटी) और शिंदे गुट के बीच राजनीतिक और वैचारिक टकराव जारी है। बागी सांसदों के मुद्दे ने इस तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है, जिससे राज्य की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

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