Major Navya Shekhawat: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ADC मेजर नव्या शेखावत कौन हैं? जानें उनका सैन्य सफर

Major Navya Shekhawat: मेजर नव्या शेखावत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ADC नियुक्त होने वाली भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी हैं। जानें उनका सैन्य सफर और

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ आधिकारिक कार्यक्रमों में नजर आने वाली सैन्य अधिकारियों की टीम में इन दिनों मेजर नव्या शेखावत का नाम चर्चा में है। मेजर ऋषभ सिंह संब्याल के राष्ट्रपति के सहायक सैन्य अधिकारी (ADC) पद से इस्तीफे के बाद नव्या शेखावत की भूमिका और उनके सैन्य करियर को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है।

नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ आधिकारिक कार्यक्रमों में नजर आने वाली सैन्य अधिकारियों की टीम में इन दिनों मेजर नव्या शेखावत का नाम चर्चा में है। मेजर ऋषभ सिंह संब्याल के राष्ट्रपति के सहायक सैन्य अधिकारी (ADC) पद से इस्तीफे के बाद नव्या शेखावत की भूमिका और उनके सैन्य करियर को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। वह राष्ट्रपति मुर्मू की ADC टीम का हिस्सा हैं और विभिन्न औपचारिक एवं संवैधानिक कार्यक्रमों में उनके साथ दिखाई देती हैं।

मेजर नव्या शेखावत की नियुक्ति को भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह भारतीय थल सेना की पहली महिला अधिकारी हैं, जिन्हें राष्ट्रपति की ADC के रूप में नियुक्त किया गया है। तीनों सेनाओं को मिलाकर वह इस जिम्मेदारी को संभालने वाली दूसरी महिला अधिकारी हैं।

क्या होता है राष्ट्रपति का ADC?

ADC यानी Aide-de-Camp राष्ट्रपति के सैन्य प्रोटोकॉल से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। पहली नजर में ADC की भूमिका राष्ट्रपति के साथ आधिकारिक समारोहों में दिखाई देने तक सीमित लग सकती है, लेकिन वास्तव में यह पद सैन्य अनुशासन, प्रोटोकॉल और संवैधानिक कार्यक्रमों के संचालन से जुड़ा होता है।

राष्ट्रपति के लिए परंपरागत रूप से पांच ADC तैनात होते हैं। इनमें तीन अधिकारी भारतीय थल सेना से, एक भारतीय नौसेना से और एक भारतीय वायु सेना से होते हैं। ये अधिकारी राष्ट्रपति के विभिन्न आधिकारिक कार्यक्रमों, सैन्य समारोहों, विदेशी मेहमानों से जुड़े आयोजनों और अन्य औपचारिक अवसरों पर आवश्यक सैन्य प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने में भूमिका निभाते हैं।

कौन हैं मेजर नव्या शेखावत?

Major Navya Shekhawat: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ADC मेजर नव्या शेखावत कौन हैं? जानें उनका सैन्य सफर

मेजर नव्या शेखावत के सैन्य करियर की शुरुआत संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से आयोजित संयुक्त रक्षा सेवा यानी CDS परीक्षा के जरिए हुई। परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमीशन महिला नॉन-टेक्निकल कोर्स की मेरिट सूची में स्थान बनाया। इसके बाद उन्होंने चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उन्हें भारतीय सेना की आर्मी सर्विस कॉर्प्स में कमीशन मिला।

आर्मी सर्विस कॉर्प्स भारतीय सेना की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह सैन्य इकाइयों तक आवश्यक सामग्री और आपूर्ति पहुंचाने, परिवहन तथा अन्य लॉजिस्टिक जरूरतों के प्रबंधन जैसे कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

रिपोर्टों के मुताबिक, मेजर नव्या शेखावत को लगभग 2021 में भारतीय सेना में कमीशन मिला था। इसके करीब पांच साल के भीतर वह राष्ट्रपति की ADC टीम में शामिल हुईं। सैन्य करियर की अपेक्षाकृत शुरुआती अवधि में इतनी महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारी मिलना उनके पेशेवर सफर की उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा सकती है।

राष्ट्रपति की ADC बनने वाली दूसरी महिला अधिकारी

मेजर नव्या शेखावत राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला थल सेना अधिकारी हैं। हालांकि, तीनों सेनाओं को मिलाकर वह इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला नहीं हैं। यह उपलब्धि भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी के नाम दर्ज है। वर्ष 2025 में राष्ट्रपति की ADC नियुक्त होकर उन्होंने इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला अधिकारी के रूप में इतिहास बनाया था। इसके बाद मेजर नव्या शेखावत की नियुक्ति ने भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को एक और महत्वपूर्ण पहचान दी।

सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका

भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका पिछले कुछ दशकों में लगातार विस्तृत हुई है। भारतीय सेना में महिलाओं को 1990 के दशक की शुरुआत में शॉर्ट सर्विस कमीशन के माध्यम से अधिकारी के रूप में शामिल होने का अवसर मिला। इसके बाद नीतिगत बदलावों और न्यायिक हस्तक्षेपों ने महिलाओं के लिए सैन्य सेवा में स्थायी करियर और उच्च जिम्मेदारियों के रास्ते को और व्यापक किया।

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