पंचकूला के जंगलों में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। वन रेंज अधिकारी की शिकायत पर पिंजौर थाने में केस दर्ज किया गया। मौके से 34 कटे पेड़ और एक सेंट्रो कार बरामद हुई।
पंचकूला: जंगलों में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी के मामले में वन विभाग ने कार्रवाई की है। वन रेंज अधिकारी कालका की शिकायत और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर थाना पिंजौर में मामला दर्ज किया गया है। कार्रवाई के दौरान तस्कर मौके पर अपनी सेंट्रो कार छोड़कर फरार हो गए। घटनास्थल से 34 कटे हुए खैर के पेड़ बरामद किए गए।
पंचकूला जंगल में खैर पेड़ों की अवैध कटाई का खुलासा
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पंचकूला के जंगलों में खैर के पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी का मामला सामने आया है। वन विभाग की कार्रवाई में मौके से 34 कटे हुए खैर के पेड़ बरामद किए गए हैं। कार्रवाई के दौरान तस्कर अपनी सेंट्रो कार जंगल में छोड़कर फरार हो गए। मामले में वन विभाग के एक कर्मचारी की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।
जंगल में हो रही थी खैर के पेड़ों की कटाई
पंचकूला जिले के जंगलों में लंबे समय से खैर के पेड़ों की कटाई और अवैध रूप से लकड़ी निकालने की गतिविधियों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच वन विभाग को जंगल में खैर के पेड़ों की कटाई किए जाने की जानकारी मिली। सूचना के आधार पर विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
जांच के दौरान जंगल के इलाके में कई खैर के पेड़ कटे हुए मिले। वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया तो कुल 34 कटे हुए पेड़ों की बरामदगी हुई। इससे इलाके में अवैध कटाई के बड़े नेटवर्क की आशंका सामने आई है।
वन विभाग की टीम पहुंची तो तस्कर भागे
बताया गया है कि जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो वहां मौजूद तस्कर अपनी सेंट्रो कार छोड़कर फरार हो गए। टीम ने कार को अपने कब्जे में ले लिया है। मौके से मिले कटे पेड़ों और वाहन को मामले की जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।
तस्करों के फरार होने के बाद वन विभाग ने मामले की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
वन रेंज अधिकारी की शिकायत पर केस दर्ज
मामले में वन रेंज अधिकारी कालका की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद थाना पिंजौर में मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब अवैध पेड़ों की कटाई और लकड़ी तस्करी से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि जंगल से खैर के पेड़ कब से काटे जा रहे थे और इस गतिविधि में कितने लोग शामिल हैं। बरामद सेंट्रो कार के आधार पर भी आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
वन विभाग कर्मचारी की भूमिका भी जांच में
इस पूरे मामले में वन विभाग के एक कर्मचारी के शामिल होने की बात भी सामने आई है। यदि जांच में कर्मचारी की भूमिका की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल संबंधित पक्षों की भूमिका की जांच की जा रही है।
अवैध पेड़ कटाई से जंगल और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है। खैर के पेड़ वन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं और इनकी अवैध कटाई से वन संपदा प्रभावित होती है। ऐसे में मामले की जांच के साथ-साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि जंगल में पेड़ों की कटाई किस स्तर पर हुई और इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक कब पहुंची।
पुलिस और वन विभाग की जांच जारी
पिंजौर थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस और वन विभाग की ओर से जांच आगे बढ़ाई जा रही है। टीम आरोपियों की पहचान, वाहन के मालिक और अवैध कटाई से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
मामले में 34 कटे हुए खैर के पेड़ों की बरामदगी और मौके से सेंट्रो कार का मिलना जांच के अहम बिंदु हैं। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस अवैध कटाई के पीछे कौन लोग हैं और जंगल से काटी गई लकड़ी को कहां ले जाने की तैयारी थी।








