हिमाचल प्रदेश के मंडी में जिला पूर्व सैनिक लीग की ओर से 1965 के भारत-पाक युद्ध में देश के लिए बलिदान देने वाले जवानों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंडी के इंदिरा मार्केट स्थित शहीद स्मारक में हुए कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों और सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़े लोगों ने वीर जवानों को याद किया। इस दौरान शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित किए गए और दो मिनट का मौन रखकर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के योगदान को स्मरण करना और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करना रहा।
कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों के साथ सैन्य क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ लोग भी मौजूद रहे। रिपोर्ट के अनुसार पूर्व कर्नल केके मल्होत्रा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि कारगिल युद्ध के वीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने भी विशेष रूप से भाग लिया। पूर्व सैनिक लीग के संयोजक कैप्टन हेतराम ने कार्यक्रम के दौरान 1965 के युद्ध से जुड़ी जानकारी साझा की और उस संघर्ष में भारतीय सशस्त्र बलों के योगदान को याद किया।
शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करते समय पूर्व सैनिकों ने उन जवानों को याद किया जिन्होंने युद्ध के दौरान देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। कार्यक्रम में दो मिनट का मौन रखा गया। शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर बलिदानियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से पूर्व सैनिक संगठन युद्ध में शामिल रहे सैनिकों और शहीद परिवारों की स्मृतियों को सार्वजनिक रूप से जीवित रखने का प्रयास करते हैं।
कैप्टन हेतराम ने 1965 के भारत-पाक युद्ध के संदर्भ में बताया कि उस संघर्ष में भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना ने भूमिका निभाई थी। उनके अनुसार मंडी जिले के भी कई जवान इस युद्ध में बलिदान हुए थे। उपलब्ध रिपोर्ट में मंडी जिले के 28 वीर सैनिकों के शहीद होने का उल्लेख किया गया है। कार्यक्रम में इन बलिदानियों सहित युद्ध में प्राण गंवाने वाले सभी जवानों को श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम में शामिल पूर्व सैनिकों ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए सैनिकों का योगदान केवल युद्ध के समय तक सीमित नहीं रहता। शहीद जवानों की स्मृतियां उनके परिवारों और समाज के लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहती हैं। इसी वजह से शहीद स्मारकों पर आयोजित होने वाले श्रद्धांजलि कार्यक्रमों को पूर्व सैनिक संगठन विशेष महत्व देते हैं। मंडी में आयोजित कार्यक्रम में भी इसी भावना के साथ वीर जवानों को याद किया गया।
ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने भी कार्यक्रम में भारतीय सैनिकों के योगदान को याद किया। उन्होंने 1965 के युद्ध के दौरान भारतीय सेना के प्रदर्शन और सैनिकों के साहस का उल्लेख किया। वहीं मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त कर्नल केके मल्होत्रा ने युद्ध से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम और उसके बाद की परिस्थितियों पर अपनी बात रखी। उन्होंने युद्ध के बाद हुए घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए ऐतिहासिक दृष्टिकोण से अपनी राय भी रखी।
मंडी में शहीद स्मारक पर आयोजित यह कार्यक्रम पूर्व सैनिकों के लिए अपने सैन्य साथियों और शहीद जवानों को याद करने का अवसर भी रहा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पुष्प अर्पित कर बलिदानियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और मौन रखकर उन्हें नमन किया। शहीद स्मारक पर हुए आयोजन के दौरान युद्ध में शामिल सैनिकों की वीरता और उनके बलिदान को स्मरण किया गया।
मंडी में पूर्व सैनिक संगठनों की ओर से राष्ट्रीय महत्व के सैन्य दिवस और युद्ध स्मृति कार्यक्रमों का आयोजन पहले भी किया जाता रहा है। दिसंबर 2025 में भी मंडी के शहीद स्मारक पर 1971 के भारत-पाक युद्ध की विजय की स्मृति में 54वां विजय दिवस समारोह आयोजित हुआ था, जिसमें प्रशासन, सैनिक कल्याण विभाग, पूर्व सैनिक लीग और डिफेंस वुमेन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। उस कार्यक्रम में भी शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ दो मिनट का मौन रखा गया था।
1965 के युद्ध की स्मृति में आयोजित मंडी का यह कार्यक्रम नई पीढ़ी को भी सैन्य इतिहास और शहीद सैनिकों के योगदान से जोड़ने का अवसर देता है। पूर्व सैनिकों के लिए ऐसे आयोजन अपने साथियों को याद करने के साथ-साथ समाज में सैनिकों के बलिदान और कर्तव्य की भावना को साझा करने का माध्यम भी हैं। शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों ने बलिदानियों को नमन किया और उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम के अंत में शहीद जवानों की स्मृति को सम्मानपूर्वक याद किया गया। पूर्व सैनिक लीग की ओर से आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित करने और मौन रखने के साथ 1965 के युद्ध में देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों को नमन किया गया। मंडी के पूर्व सैनिकों ने इस अवसर पर शहीदों के प्रति सम्मान और उनके योगदान को याद रखने का संदेश दिया।












