मेघालय के वेई सावदोंग झरने में गिरी किशोरी का शव बरामद, फोटो खींचते समय हुआ हादसा

मेघालय के वेई सावदोंग झरने में गिरी 15 वर्षीय लड़की का शव बरामद हुआ है। फोटो खींचते समय फिसलकर हादसा हुआ था, पुलिस जांच में जुटी। लड़की यूपी की रहने वाली थी

मेघालय के सोहरा स्थित वेई सावदोंग झरने में गिरी उत्तर प्रदेश की 15 वर्षीय लड़की का शव बरामद कर लिया गया। लड़की फोटो खींचते समय फिसल गई थी। स्थानीय लोगों और बचाव टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर शव बाहर निकाला।

शिलांग: मेघालय के प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र सोहरा में स्थित वेई सावदोंग झरने पर घूमने आई एक 15 वर्षीय लड़की की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश की रहने वाली किशोरी फोटो खींचने के दौरान फिसलकर गहरे झरने में गिर गई थी। कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद गुरुवार सुबह उसका शव बरामद किया गया।

स्थानीय प्रशासन और बचाव एजेंसियों के मुताबिक यह हादसा बुधवार को हुआ था। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। हालांकि अंधेरा होने के कारण तलाशी अभियान को देर शाम रोकना पड़ा था।

यह घटना एक बार फिर पहाड़ी और झरने वाले पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

फोटो खींचते समय फिसली किशोरी

अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश से आया परिवार वेई सावदोंग झरना देखने पहुंचा था। यह झरना अपनी प्राकृतिक सुंदरता और तीन-स्तरीय जलधारा के लिए पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय माना जाता है।

बताया जा रहा है कि किशोरी झरने के पास फोटो खिंचवा रही थी। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे गिर गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए आवाज लगाई, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण उसे बचाया नहीं जा सका।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा कुछ ही सेकंड में हुआ और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।

देर शाम तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, अग्निशमन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। बचाव दल ने बुधवार शाम तक किशोरी की तलाश की, लेकिन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सूर्यास्त के कारण अभियान रोकना पड़ा।

अधिकारियों ने बताया कि झरने के आसपास का इलाका बेहद फिसलन भरा और खतरनाक है। तेज बहाव, चट्टानों और गहरी खाइयों के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आईं।

रातभर इलाके की निगरानी की गई और गुरुवार सुबह दोबारा खोज अभियान शुरू किया गया।

चट्टानों के बीच मिला शव

गुरुवार सुबह करीब साढ़े सात बजे स्थानीय लोगों ने झरने के पास चट्टानों के बीच शव फंसा हुआ देखा। इसके बाद तुरंत प्रशासन को सूचना दी गई।

अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा और सोहरा पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 10 बजे शव को बाहर निकाला।

अधिकारियों के मुताबिक, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

वेई सावदोंग झरना क्यों है प्रसिद्ध?

वेई सावदोंग झरना मेघालय के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यह झरना अपनी साफ नीली जलधारा और प्राकृतिक चट्टानी संरचना के लिए दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करता है।

सोहरा, जिसे पहले चेरापूंजी के नाम से जाना जाता था, भारत के सबसे अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में शामिल है। यहां हर साल बड़ी संख्या में घरेलू और विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं।

हालांकि, लगातार बारिश और फिसलन के कारण यह इलाका कई बार हादसों का केंद्र भी बन जाता है।

पर्यटन स्थलों पर बढ़ रहे हादसे

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया के दौर में लोग खतरनाक स्थानों पर जाकर फोटो और वीडियो बनाने की कोशिश करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

पिछले कुछ वर्षों में भारत के कई पहाड़ी और झरने वाले पर्यटन स्थलों पर सेल्फी और फोटो खींचते समय हादसों के मामले सामने आए हैं।

मेघालय के वेई सावदोंग झरने में गिरी किशोरी का शव बरामद, फोटो खींचते समय हुआ हादसा

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार

  • फिसलन भरे इलाकों में सतर्कता जरूरी है
  • सुरक्षा बैरिकेड पार नहीं करने चाहिए
  • बारिश के मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए
  • बच्चों और किशोरों पर विशेष निगरानी रखनी चाहिए

प्रशासन ने पर्यटकों को दी चेतावनी

स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे प्राकृतिक स्थलों पर सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

अधिकारियों का कहना है कि कई पर्यटक चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा सीमाओं को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे जानलेवा हादसे हो सकते हैं।

प्रशासन अब वेई सावदोंग झरने और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत करने पर विचार कर रहा है।

मेघालय पर्यटन के लिए लोकप्रिय, लेकिन चुनौतीपूर्ण इलाका

मेघालय अपनी प्राकृतिक सुंदरता, गुफाओं, झरनों और पहाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है। यहां का मौसम और प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यहां कई पर्यटन स्थल कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले हैं, जहां थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।

विशेषकर मानसून और गर्मियों के मौसम में झरनों के आसपास फिसलन और जल प्रवाह बढ़ जाता है।

परिवार में पसरा मातम

किशोरी की मौत के बाद परिवार सदमे में है। स्थानीय प्रशासन परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने में जुटा है।

घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों ने भी हादसे पर दुख जताया और पर्यटकों से सतर्क रहने की अपील की।

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