भारतीय शेयर बाजार में आज, गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव के बीच कमजोर रुझान देखने को मिला। प्रमुख सूचकांक लगातार बिकवाली के दबाव में रहे और दिन के अंत में लाल निशान में बंद हुए। निवेशकों की सतर्कता, वैश्विक बाजारों की कमजोरी और सेक्टोरल दबाव ने बाजार की गिरावट को और गहरा कर दिया।
बिजनेस न्यूज़: आज, गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बाद कमजोरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों को झटका लगा। प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए और व्यापक बिकवाली का दबाव बाजार पर हावी रहा। SENSEX 582.86 अंक गिरकर 76,913.50 पर बंद हुआ, जबकि NIFTY 50 भी 180.10 अंकों की गिरावट के साथ 23,997.55 पर फिसल गया।
बाजार में इस गिरावट की वजह वैश्विक संकेतों की कमजोरी, निवेशकों की सतर्कता और चुनिंदा सेक्टर्स में तेज बिकवाली मानी जा रही है। लगातार अनिश्चित माहौल के कारण ट्रेडर्स ने जोखिम कम करने की रणनीति अपनाई, जिसका असर इंडेक्स पर साफ दिखाई दिया।
बाजार में व्यापक बिकवाली का दबाव
दिनभर के कारोबार में यह साफ दिखा कि गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों से कहीं अधिक रही। निवेशकों ने जोखिम से बचने के लिए मुनाफावसूली का रुख अपनाया, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया। विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक संकेतों की कमजोरी और डॉलर की मजबूती ने भारतीय बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाला है।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा दबाव मेटल सेक्टर पर देखा गया, जहां करीब 2% की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा:
- पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक सेक्टर में लगभग 1% की कमजोरी
- कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में गिरावट
- रियल्टी सेक्टर में भी लगभग 1% की कमजोरी
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी दबाव में रहे, जिससे यह साफ हुआ कि गिरावट सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी। Nifty Midcap 100 लगभग 1% टूटा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5% की गिरावट दर्ज की गई।
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NSE पर टॉप लूजर शेयर
निवेशकों को सबसे ज्यादा नुकसान उन शेयरों में हुआ, जिनमें भारी बिकवाली देखी गई। प्रमुख लूजर इस प्रकार रहे:
- ETERNAL: करीब 2.92% की गिरावट
- TMPV: लगभग 2.92% की कमजोरी
- HINDALCO: करीब 2.83% गिरावट
- HINDUNILVR: लगभग 2.61% फिसला
- TATA STEEL: करीब 2.08% कमजोर
इन शेयरों में भारी वॉल्यूम के साथ बिकवाली देखी गई, जिससे बाजार की धारणा और कमजोर हुई। शेयर बाजार के साथ-साथ मुद्रा बाजार में भी दबाव देखने को मिला। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर बंद हुआ। Indian Rupee 2 पैसे गिरकर 94.90 (अस्थायी स्तर) पर बंद हुआ। डॉलर की मजबूती और विदेशी निवेशकों की सतर्कता ने रुपये पर दबाव बढ़ाया। इसके अलावा आयातकों की बढ़ी हुई मांग ने भी रुपये को कमजोर किया।









