महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल: गुलाबराव पाटिल का दावा: “14 से ज्यादा विधायक आ सकते हैं शिंदे के साथ”

महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल के बीच गुलाबराव पाटिल ने दावा किया कि 14 से ज्यादा विधायक एकनाथ शिंदे के साथ आ सकते हैं। जानें इस बयान के राजनीतिक मायने और

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने हाल ही में महाविकास अघाड़ी (एमवीए) की बैठक को संबोधित किया, जिसमें विपक्ष के 60 विधायकों में से केवल 37 विधायक ही शामिल हुए।

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर बड़े सियासी दावों और अटकलों के बीच गरमा गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के मंत्री गुलाबराव पाटिल ने दावा किया है कि राज्य में “ऑपरेशन टाइगर 3.0” शुरू हो चुका है और उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना UBT) के करीब 14 विधायक जल्द ही एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, हालांकि विपक्ष और खुद शिंदे गुट के कुछ नेताओं ने इन दावों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है।

गुलाबराव पाटिल का दावा: “14 से ज्यादा विधायक आ सकते हैं शिंदे के साथ”

गुलाबराव पाटिल ने कहा कि यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आने वाले समय में और भी विधायक शिंदे गुट का रुख कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि यह “ऑपरेशन” धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यहां तक कहा कि “14 से ज्यादा विधायक भी शामिल हो सकते हैं” और यह राजनीतिक बदलाव का हिस्सा है।हालांकि, शिवसेना (शिंदे गुट) के ही मंत्री उदय सामंत ने इन दावों से दूरी बनाते हुए कहा कि “ऐसा कोई ऑपरेशन चल नहीं रहा है।”

उन्होंने यह जरूर जोड़ा कि महाविकास अघाड़ी (MVA) के कुछ विधायक अपनी इच्छा से शिंदे गुट में शामिल होना चाह सकते हैं, लेकिन इसे किसी संगठित ‘ऑपरेशन’ के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

उद्धव गुट की राजनीतिक गतिविधियां तेज

महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल: गुलाबराव पाटिल का दावा: “14 से ज्यादा विधायक आ सकते हैं शिंदे के साथ”

इस बीच शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी है। हाल ही में उन्होंने विपक्षी गठबंधन MVA की बैठक को संबोधित किया, जिसमें 60 में से केवल 37 विधायक ही उपस्थित हुए। इसके बाद उन्होंने उन लोकसभा क्षेत्रों का दौरा शुरू किया, जहां से उनके पूर्व सहयोगी सांसद अब अलग हो चुके हैं।

विधायकों के आंकड़ों की राजनीति

वर्तमान स्थिति में, शिवसेना (UBT) के पास लगभग 20 विधायक हैं. पार्टी में विभाजन के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 14 विधायक जरूरी माने जा रहे हैं. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यही संख्या इस कथित “ऑपरेशन टाइगर 3.0” के दावों का आधार बन रही है। शिंदे गुट के नेताओं का कहना है कि उद्धव ठाकरे ने जिन इलाकों का दौरा किया, वे काफी देर से हो रहा कदम है। उनका आरोप है कि स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान इन क्षेत्रों की अनदेखी की गई थी।

गुलाबराव पाटिल ने अपने बयान में यहां तक कहा कि जैसे ही कुछ राजनीतिक संकेत मिलते हैं, “ऑपरेशन टाइगर सफल होता दिखता है”, हालांकि इस बयान ने राजनीतिक विवाद और बढ़ा दिया है। इसी बीच यह भी चर्चा में है कि कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार को लेकर भी राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे शिंदे गुट के संपर्क में हो सकते हैं।

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