महाराष्ट्र में विमान दुर्घटना पर घमासान, ब्लैक बॉक्स के नष्ट होने को लेकर गहराया विवाद

महाराष्ट्र में विमान हादसे के बाद जय पवार ने ब्लैक बॉक्स के नष्ट होने पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की। अनिल देसाई ने भी पारदर्शी जांच पर जोर देते।

महाराष्ट्र में विमान हादसे के बाद जय पवार ने ब्लैक बॉक्स के नष्ट होने पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। अनिल देसाई ने भी सरकार से गहन जांच कर सच्चाई सामने लाने की अपील की है।

Mumbai: महाराष्ट्र की राजनीति में हालिया विमान हादसे को लेकर नई बहस छिड़ गई है। इस दुर्घटना के बाद राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे जय पवार ने सार्वजनिक रूप से कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर संदेश साझा करते हुए कहा कि विमान हादसे में ब्लैक बॉक्स का सहज रूप से नष्ट हो जाना संभव नहीं है।  उन्होंने इस पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

‘ब्लैक बॉक्स नष्ट होना संभव नहीं’

जय पवार ने अपने संदेश में कहा कि विमान दुर्घटना में ब्लैक बॉक्स का पूरी तरह नष्ट हो जाना सामान्य बात नहीं है। उनका कहना है कि ऐसे उपकरण विशेष सुरक्षा मानकों के तहत बनाए जाते हैं ताकि दुर्घटना के बाद भी उससे महत्वपूर्ण डेटा प्राप्त किया जा सके।

उन्होंने यह भी लिखा कि महाराष्ट्र की जनता को इस हृदयविदारक दुर्घटना का पूर्ण, पारदर्शक और निर्विवाद सत्य जानने का अधिकार है। उनके मुताबिक इस हादसे के हर पहलू की गहन जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

जय पवार ने संबंधित एयरलाइन की उड़ानों को तत्काल प्रभाव से रोके जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि विमानों के रखरखाव में यदि कोई गंभीर अनियमितता रही है तो उसकी भी विस्तृत जांच की जानी चाहिए।

लापरवाही साबित हुई तो सख्त कार्रवाई

अपने बयान में जय पवार ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।

अपने भावुक संदेश के अंत में उन्होंने “मिस यू डैड” लिखकर अपने पिता को याद किया। यह पंक्ति सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और लोगों ने इसे संवेदनशील क्षण के रूप में देखा।

अनिल देसाई ने भी उठाई आवाज

जय पवार के बयान के बाद अनिल देसाई ने भी विमान हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने सरकार से व्यापक और हर कोण से गहन जांच कराने की अपील की।

अनिल देसाई ने कहा कि जब स्वयं परिवार के सदस्य, जिनमें जय पवार और रोहित पवार शामिल हैं, इस प्रकरण पर सवाल उठा रहे हैं, तब सरकार का दायित्व और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि यदि जनमानस में किसी भी प्रकार की शंका है तो उसे पारदर्शी जांच के माध्यम से दूर किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि जनता का विश्वास बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए सच्चाई को सामने लाना जरूरी है।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

इस मुद्दे के बीच अनिल देसाई ने भिवंडी महानगरपालिका की राजनीति और भारतीय जनता पार्टी पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि शिंदे गुट भारतीय जनता पार्टी पर सत्ता के लिए अलग-अलग दलों से गठबंधन करने और विश्वासघात के आरोप लगा रहा है, लेकिन उन्होंने भी पहले ऐसी ही राजनीतिक पद्धति अपनाई थी। देसाई ने कहा कि अब उन्हें भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली का अनुभव हो रहा है और इससे सीख लेनी चाहिए।

कोस्टल मिररोड परियोजना पर भी टिप्पणी

मुंबई के कोस्टल मिररोड परियोजना को लेकर जारी विवाद पर भी अनिल देसाई ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय नागरिक इस संगीत पट्टियों वाली सड़क का विरोध कर रहे हैं तो सरकार को उनकी भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।

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