महिला आरक्षण कानून: 2029 से लागू होगा 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम', लोकसभा सीटों में 50% तक बढ़ोतरी की तैयारी

महिला आरक्षण कानून ‘Nari Shakti Vandan Adhiniyam’ 2029 से लागू होने की तैयारी में है। लोकसभा सीटों में बढ़ोतरी और महिलाओं को 33% आरक्षण देने की दिशा में बड़ा

महिलाओं को राजनीति में अधिक प्रतिनिधित्व देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अगले आम चुनाव में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने के प्रस्ताव पर अब तेजी से आगे बढ़ा जा रहा है। 

नई दिल्ली: भारत में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित महिला आरक्षण कानून, यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, यह कानून वर्ष 2029 के आम चुनाव से प्रभावी होगा, जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित की जाएंगी।

हालांकि, इस कानून में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग से आरक्षण शामिल नहीं किया जाएगा। यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक बहस का विषय बना हुआ है।

लोकसभा सीटों में 50% तक वृद्धि का प्रस्ताव

सरकार ने महिला आरक्षण लागू करने के साथ-साथ लोकसभा की कुल सीटों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत तक वृद्धि करने का भी प्रस्ताव रखा है। यह वृद्धि जनसंख्या के आधार पर परिसीमन (delimitation) प्रक्रिया के बाद की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आरक्षण लागू होने के बावजूद विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व संतुलित बना रहे। यह कदम भारत की लोकतांत्रिक संरचना को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

2029 से ही लागू क्यों होगा कानून?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस विषय पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने में समय लगेगा, जो 2029 तक ही संभव है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने जब इस विधेयक को लाने का संकल्प लिया था, तब से ही इसे 2029 के आम चुनाव से लागू करने की योजना बनाई गई थी।

महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान OBC के लिए अलग कोटे की मांग उठी। इस पर अमित शाह ने स्पष्ट किया कि संवैधानिक दृष्टिकोण से महिला आरक्षण के भीतर अलग से OBC कोटा देना संभव नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि महिला आरक्षण लागू होने के बाद राजनीतिक दल स्वाभाविक रूप से OBC वर्ग की महिलाओं को टिकट देंगे, क्योंकि यह एक बड़ा वोट बैंक है। इस तरह अप्रत्यक्ष रूप से OBC महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा।

महिला आरक्षण कानून: 2029 से लागू होगा 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम', लोकसभा सीटों में 50% तक बढ़ोतरी की तैयारी

विधानसभा चुनावों पर नहीं पड़ेगा असर

सरकार की वर्तमान योजना के अनुसार, यह कानून केवल 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू होगा। निकट भविष्य में होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों—जैसे उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों में इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इससे स्पष्ट है कि सरकार इस कानून को लागू करने के लिए दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है, न कि तत्काल राजनीतिक लाभ के लिए।

बैठक में जातिगत जनगणना पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों और वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि पिछली बार जातियों और उपजातियों की संख्या बहुत अधिक होने के कारण आंकड़ों का विश्लेषण जटिल हो गया था। चूंकि जाति की पहचान अक्सर व्यक्ति द्वारा स्वयं बताई जाती है, इसलिए इस बार भी डेटा संग्रह और उसके उपयोग में चुनौतियां सामने आ सकती हैं।

विधेयक पेश करने की रणनीति

सरकार इस महत्वपूर्ण विधेयक को संसद में पेश करने से पहले सभी प्रमुख राजनीतिक दलों से व्यापक चर्चा करना चाहती है। सूत्रों के अनुसार, अधिकांश विपक्षी दल सिद्धांततः महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन कुछ बिंदुओं पर सहमति बनना बाकी है। वर्तमान में सरकार दो विकल्पों पर विचार कर रही है—पहला, संसद के मौजूदा सत्र के बाद एक छोटा विशेष सत्र बुलाना, और दूसरा, पांच राज्यों के चुनावों के बाद मई में एक विस्तृत विशेष सत्र आयोजित करना।

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