हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में मोहाली की एक युवती ने एक टेलर के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। युवती का आरोप है कि उसकी आरोपी युवक से पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। सोशल मीडिया पर बातचीत के बाद दोनों के बीच दोस्ती हुई और धीरे-धीरे यह संबंध आगे बढ़ गया। युवती के अनुसार, आरोपी ने उसके साथ शादी करने की बात कही थी और इसी भरोसे के बाद दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। बाद में युवक पर शादी से मुकरने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में युवती ने आरोपी पर शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है। मामला मंडी जिले से जुड़ा है, जबकि शिकायतकर्ता युवती मोहाली की रहने वाली बताई जा रही है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, दोनों के बीच हुई बातचीत, साथ रहने की अवधि और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि युवती और आरोपी की पहली पहचान इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बातचीत के दौरान दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी। इसके बाद दोनों के बीच लगातार बातचीत होने लगी और कथित तौर पर उनका रिश्ता गहरा होता गया। युवती के मुताबिक, आरोपी ने उससे शादी करने का भरोसा दिलाया था। इसी भरोसे के आधार पर दोनों के बीच संबंध बने और वे कुछ समय तक लिव-इन में भी रहे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंध के दौरान आरोपी ने उसे शादी का भरोसा दिया था। युवती के मुताबिक, बाद में जब उसने शादी की बात को लेकर आरोपी से बातचीत की तो वह अपने वादे से पीछे हटने लगा। युवती ने आरोप लगाया कि शादी करने से इनकार करने के बाद मामला विवाद में बदल गया। इसके बाद उसने पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने युवती की शिकायत को आधार बनाकर मामले की कानूनी प्रक्रिया शुरू की है। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों की मुलाकात कब और किस परिस्थितियों में हुई थी। दोनों के बीच सोशल मीडिया पर किस तरह की बातचीत हुई, क्या शादी को लेकर कोई वादा किया गया था और दोनों कितने समय तक साथ रहे, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा सकती है।
ऐसे मामलों में पुलिस शिकायतकर्ता और आरोपी दोनों के बयानों को जांच का हिस्सा बनाती है। इसके अलावा उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल फोन की जानकारी, सोशल मीडिया चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है। मामले में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
युवती ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि आरोपी पेशे से टेलर है। दोनों के बीच सोशल मीडिया के माध्यम से शुरू हुई दोस्ती के बाद व्यक्तिगत मुलाकातें हुईं और फिर रिश्ता आगे बढ़ा। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसी दौरान आरोपी ने शादी करने की बात कही थी। बाद में कथित तौर पर शादी से इनकार किए जाने के बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया।
मंडी पुलिस के सामने अब इस मामले में आरोपों की सत्यता की जांच करना महत्वपूर्ण है। एफआईआर दर्ज होना किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम प्रमाण नहीं होता। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। आरोपी का पक्ष और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्य भी मामले में महत्वपूर्ण होंगे।
सोशल मीडिया के जरिए शुरू होने वाले रिश्तों में कई बार लोगों के बीच लंबे समय तक बातचीत के बाद व्यक्तिगत संबंध बन जाते हैं। ऐसे मामलों में जब रिश्ते में विवाद पैदा होता है तो पुलिस के सामने डिजिटल बातचीत और अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण हो जाते हैं। इस मामले में भी इंस्टाग्राम पर दोनों की शुरुआती बातचीत से लेकर बाद के संपर्क तक की जानकारी जांच का हिस्सा बन सकती है।
युवती के आरोपों के अनुसार, उसे शादी का भरोसा दिया गया था और इसी भरोसे के आधार पर दोनों साथ रहे। बाद में शादी से इनकार किए जाने का आरोप लगाते हुए उसने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अब जांच के दौरान पुलिस यह भी देखेगी कि दोनों के बीच संबंध किस परिस्थितियों में बने और बाद में विवाद की स्थिति कैसे पैदा हुई। शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्यों को दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के जरिए सत्यापित किया जाएगा। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि करने वाले पर्याप्त साक्ष्य सामने आते हैं तो पुलिस कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी।
मामले में फिलहाल पुलिस जांच जारी है। युवती द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। आरोपी की ओर से मा












