एमपी की दहलीज पर मानसून, कई जिलों में बारिश का अलर्ट; 60 किमी प्रति घंटे तक चलेंगी हवाएं

मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री से पहले मौसम बदला। कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और 50-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले मौसम तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है।

भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार अब अंतिम दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं और वातावरण में नमी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में व्यापक वर्षा के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

मानसून की एंट्री के लिए बने अनुकूल हालात

मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश का वातावरण अब मानसूनी स्वरूप लेने लगा है। हवा में बढ़ती नमी, बादलों की सक्रियता और तापमान में गिरावट इस बात के संकेत हैं कि मानसून की एंट्री अब ज्यादा दूर नहीं है।

एमपी की दहलीज पर मानसून, कई जिलों में बारिश का अलर्ट; 60 किमी प्रति घंटे तक चलेंगी हवाएं

राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है। भोपाल में रात का तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग पांच डिग्री कम है। राजगढ़, शिवपुरी, दमोह और ग्वालियर जैसे क्षेत्रों में भी तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है।

अगले पांच दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने 16 से 20 जून के बीच प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। साथ ही कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, जबलपुर, डिंडोरी, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह और सागर सहित कई जिलों में मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

शिवपुरी में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज

पिछले 24 घंटों के दौरान शिवपुरी में सबसे अधिक 20.1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा ग्वालियर, गुना, जबलपुर और मालांजखंड में भी बारिश दर्ज की गई है।

हालांकि प्रदेश के सभी हिस्सों में समान रूप से बारिश नहीं हुई है, लेकिन मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानसून पूर्व गतिविधियों का स्पष्ट संकेत है और आने वाले दिनों में बारिश का दायरा बढ़ सकता है।

तापमान में आई गिरावट, गर्मी से मिली राहत

लगातार बादल छाए रहने और वर्षा गतिविधियों के कारण प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन और रात के तापमान में दो से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है।

मौसम विभाग का कहना है कि यदि समुद्र से आने वाली नमी का प्रवाह इसी तरह जारी रहा तो मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है और प्रदेश के बड़े हिस्से को कवर कर सकता है।

किसानों के लिए राहत भरी खबर

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की शुरुआती बारिश खरीफ सीजन की फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। खेतों की नमी बढ़ने से बुवाई की तैयारियों को गति मिलेगी और किसानों को खेती कार्य शुरू करने में सहूलियत होगी।

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवा, बिजली चमकने और गरज-चमक के समय खुले स्थानों से दूर रहने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।

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