महाराष्ट्र के किसान परिवार से आने वाली Samrin Sayyad ने आर्थिक मुश्किलों और सामाजिक तानों के बीच MPSC परीक्षा में सफलता हासिल की। पढ़ाई रोकने की सलाह के बावजूद उन्होंने मेहनत जारी रखी और Assistant RTO Officer बनीं।
MPSC Topper Success Story: महाराष्ट्र के बारामती क्षेत्र की Samrin Sayyad ने सीमित आर्थिक संसाधनों और सामाजिक दबाव के बीच अपनी पढ़ाई जारी रखी। परिवार की स्थिति और बेटियों की शिक्षा को लेकर लोगों की सोच उनके रास्ते में चुनौती बनी, लेकिन उन्होंने MPSC की तैयारी के साथ नौकरी भी जारी रखी। उनकी मेहनत का नतीजा रहा कि उन्होंने MPSC Group-B परीक्षा में सफलता हासिल कर Assistant RTO Officer का पद प्राप्त किया।
किसान परिवार से निकलकर अफसर बनने का सपना
महाराष्ट्र के बारामती तहसील के सोमेश्वर नगर गांव की रहने वाली Samrin Sayyad ने कठिन परिस्थितियों के बीच अपनी पहचान बनाई। उनके पिता खेती-किसानी करते हैं और मां गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के साथ-साथ उन्हें ऐसे सामाजिक माहौल का भी सामना करना पड़ा, जहां बेटियों की पढ़ाई से ज्यादा उनकी शादी को प्राथमिकता दी जाती थी।
समरिन ने बचपन में एक IAS अधिकारी को देखा और उसी समय प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना अपने मन में बसा लिया। हालांकि, आगे की पढ़ाई को लेकर उन्हें सामाजिक दबाव और लोगों के तानों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाए रखा।
UPSC के बाद MPSC को बनाया सफलता का रास्ता
समरिन ने नौकरी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी। UPSC की तैयारी के दौरान हासिल हुई विषयों की समझ ने उन्हें आगे भी मदद की। बाद में उन्होंने Maharashtra Public Service Commission यानी MPSC की संयुक्त Group-B परीक्षा की तैयारी शुरू की।
नौकरी और पढ़ाई को एक साथ संभालने के लिए उन्होंने नियमित और अनुशासित routine अपनाया। राज्य स्तरीय परीक्षा की जरूरतों को समझते हुए उन्होंने संबंधित विषयों पर अतिरिक्त फोकस किया और अपनी तैयारी को परीक्षा के pattern के अनुसार आगे बढ़ाया।
उन्होंने previous year papers और mock tests के जरिए अपनी तैयारी को परखा। इससे उन्हें अपनी कमजोरियों को समझने और exam strategy बेहतर करने में मदद मिली। फाइनल चरण के लिए उन्होंने mock interviews पर भी ध्यान दिया, जिससे interview के दौरान confidence बढ़ाने में मदद मिली।
MPSC में सफलता के बाद बदली लोगों की सोच
लगातार मेहनत का परिणाम उन्हें MPSC Group-B परीक्षा 2015 में मिला। समरिन ने परीक्षा में सफलता हासिल की और Assistant RTO Officer के पद तक पहुंचीं। उनकी उपलब्धि सिर्फ सरकारी पद हासिल करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इससे उनके आसपास के लोगों की सोच में भी बदलाव आया।
जो लोग कभी उनके परिवार से यह सवाल करते थे कि बेटी को आगे पढ़ाने की जरूरत क्यों है, वही लोग बाद में अपनी बेटियों के भविष्य और पढ़ाई को लेकर उनसे सलाह लेने लगे। समरिन की कहानी दिखाती है कि सामाजिक दबाव और आर्थिक चुनौतियां किसी लक्ष्य की राह को मुश्किल जरूर बना सकती हैं, लेकिन दृढ़ संकल्प और लगातार मेहनत से आगे बढ़ने का रास्ता बनाया जा सकता है।
उनकी सफलता उन लड़कियों के लिए भी प्रेरणा बनती है जिन्हें पढ़ाई या करियर को लेकर परिवार और समाज के दबाव का सामना करना पड़ता है। समरिन का संदेश है कि बेटियों को अपने सपनों पर भरोसा रखना चाहिए और परिस्थितियों के बावजूद अपनी मंजिल की ओर लगातार आगे बढ़ते रहना चाहिए।













