मुजफ्फरपुर में गोबरसही-डुमरी रोड छोटी गाड़ियों के लिए खुला, बड़े वाहनों को करना होगा इंतजार

मुजफ्फरपुर में गैस पाइपलाइन विस्फोट के बाद गोबरसही-डुमरी रोड छोटी गाड़ियों के लिए खोल दिया गया है। बड़े वाहनों पर रोक जारी है, आईओसीएल की टीम जांच कर रही है।
मुजफ्फरपुर में गोबरसही-डुमरी रोड छोटी गाड़ियों के लिए खुला, बड़े वाहनों को करना होगा इंतजार
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मुजफ्फरपुर में गोबरसही-डुमरी रोड पर गैस पाइपलाइन विस्फोट के बाद बंद पड़ा रास्ता अब आंशिक रूप से खोल दिया गया है। छोटी गाड़ियों को इस सड़क से आवागमन की अनुमति मिलने के बाद स्थानीय लोगों को राहत मिली है। हालांकि बड़े वाहनों और व्यावसायिक गाड़ियों के परिचालन पर अभी भी रोक जारी है। इस कारण भारी वाहन चालकों को फिलहाल दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। सड़क को पूरी तरह खोलने से पहले सुरक्षा और तकनीकी जांच की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

गोबरसही-डुमरी रोड पर सोमवार को नाला निर्माण के दौरान जमीन के नीचे बिछी गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। खुदाई के दौरान पाइपलाइन टूटने से गैस का रिसाव शुरू हुआ और इसके बाद अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। विस्फोट के कारण आसपास के मकानों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा था। हादसे के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी थी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने घटनास्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। लोगों की भीड़ जमा होने और वाहनों की आवाजाही से राहत एवं मरम्मत कार्य प्रभावित होने की आशंका थी। इसी वजह से गोबरसही चौक से सकरी मार्ग की ओर जाने वाले रास्ते पर प्रतिबंध लगाया गया था। शुरुआत में आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। अब स्थिति की समीक्षा और जरूरी प्रक्रियाओं के बाद छोटी गाड़ियों को चलने की अनुमति दी गई है।

सड़क खुलने से दोपहिया वाहन चालकों और छोटे चारपहिया वाहनों से आने-जाने वाले लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। इस रास्ते का इस्तेमाल करने वाले स्थानीय लोगों को पिछले कुछ दिनों से दूसरे मार्गों से होकर गुजरना पड़ रहा था। इससे उनकी दूरी और समय दोनों बढ़ रहे थे। खासकर रोजाना कामकाज के लिए इस सड़क से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी। छोटे वाहनों के लिए रास्ता खुलने से अब आवागमन पहले की तुलना में आसान होगा।

हालांकि बड़े वाहनों को अभी इस मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं मिली है। ट्रक, बस और अन्य भारी वाहनों के चालकों को प्रतिबंध हटने तक वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना होगा। बड़े वाहनों के परिचालन पर रोक जारी रहने से स्थानीय कारोबारियों और परिवहन से जुड़े लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कारोबारियों को उम्मीद है कि जांच और सुरक्षा संबंधी प्रक्रिया जल्द पूरी होगी, जिसके बाद सड़क पर सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन शुरू हो सकेगा।

इधर गैस पाइपलाइन में विस्फोट की वजह का पता लगाने के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी आईओसीएल की केंद्रीय टीम ने जांच शुरू कर दी है। कंपनी की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर हादसे से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। गुरुवार को केंद्रीय टीम ने मौके का निरीक्षण किया और विस्फोट के कारणों को समझने के लिए जरूरी जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पाइपलाइन की स्थिति और घटना से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।

आईओसीएल की ओर से गैस पाइपलाइन की टेस्टिंग का काम भी पूरा कर लिया गया है। बुधवार को पाइपलाइन की जांच की गई थी। इसके बाद अधिकारियों की ओर से जांच में सामने आए तथ्यों और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। कंपनी के उच्च अधिकारी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि पाइपलाइन किस परिस्थिति में क्षतिग्रस्त हुई और भविष्य में इस तरह की घटना को रोकने के लिए किन सावधानियों की जरूरत है।

पुलिस प्रशासन ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए विशेष जांच टीम गठित की है। पुलिस की जांच में नाला निर्माण के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया, खुदाई के समय सुरक्षा मानकों और संबंधित एजेंसी की भूमिका जैसे पहलुओं को शामिल किया गया है। निर्माण कार्य के लिए जारी आदेश और पाइपलाइन के आसपास खुदाई से पहले जरूरी अनुमति तथा संबंधित विभागों के समन्वय की भी पड़ताल की जा रही है। जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय करने की बात कही गई है।

फिलहाल छोटी गाड़ियों के लिए रास्ता खोलना स्थानीय लोगों के लिए राहत की बात है, लेकिन बड़े वाहनों पर प्रतिबंध के कारण सड़क पर आवागमन अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से जांच तथा सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाएं पूरी किए जाने के बाद ही सभी वाहनों के परिचालन को लेकर फैसला लिया जाएगा। फिलहाल लोगों को सावधानी बरतने और मार्ग पर लागू यातायात व्यवस्था का पालन करने की जरूरत 

 

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