पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में मंगलवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में मुजफ्फरपुर के दो कारोबारियों की मौत हो गई। हादसा मदारीहाट के पास एशियन हाईवे-48 पर हुआ, जहां भूटान से लौट रहे दोनों कारोबारी एक ब्लैक स्कॉर्पियो से जयगांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी सामने से आ रहे 18 चक्के वाले भारी वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार दोनों लोग वाहन के अंदर फंस गए। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान मुजफ्फरपुर निवासी मोहम्मद जामिर आलम और अफरोज खान के रूप में हुई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक जामिर आलम की उम्र 35 वर्ष और अफरोज खान की उम्र 34 वर्ष बताई गई है। दोनों करीबी दोस्त थे और कारोबार के सिलसिले में अक्सर एक साथ यात्रा करते थे। मंगलवार को भी दोनों किसी व्यावसायिक काम से भूटान गए थे और वहां से लौटते हुए जयगांव की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान मदारीहाट इलाके में उनकी स्कॉर्पियो की 18 चक्के वाले ट्रक से टक्कर हो गई।
प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार दुर्घटना मंगलवार सुबह करीब पौने सात बजे मदारीहाट स्थित सरकारी आरा मिल के पास हुई। रिपोर्ट में बताया गया है कि स्कॉर्पियो एक वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश कर रही थी, इसी दौरान सामने से आ रहे भारी ट्रेलर से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। दूसरी रिपोर्टों में हादसे के कारण की पुष्टि जांच के बाद होने की बात कही गई है, इसलिए ओवरटेकिंग वाली जानकारी को पुलिस जांच के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
टक्कर के बाद स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा बुरी तरह दब गया। वाहन की हालत इतनी खराब हो गई थी कि दोनों कारोबारी उसके अंदर फंस गए। अमर उजाला के मुताबिक पुलिस और स्थानीय लोगों ने बचाव अभियान शुरू किया और क्षतिग्रस्त गाड़ी से दोनों को बाहर निकालने की कोशिश की। वहीं प्रभात खबर ने बताया कि वाहन को काटने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया गया और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला जा सका।
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस को सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने तथा शवों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की। क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो को देखकर हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता था। दोनों शवों को कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई।
प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार मृतक अफरोज खान मुजफ्फरपुर नगर थाना क्षेत्र स्थित दाता कंबल साह मजार इलाके के रहने वाले थे। रिपोर्ट में उन्हें शहर में नशा मुक्ति केंद्र चलाने वाले कारोबारी के रूप में बताया गया है। वहीं जामिर खान के बारे में रिपोर्ट में बताया गया है कि वह मूल रूप से भूटान के निवासी थे और मुजफ्फरपुर के माड़ीपुर इलाके में होटल निर्माण से जुड़े काम में लगे हुए थे। दोनों की दोस्ती और कारोबारी संबंधों के कारण वे साथ में यात्रा कर रहे थे।
हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में मृतक जामिर आलम की पहचान और उनके भूटान से संबंध को लेकर विवरण में थोड़ा अंतर दिखाई देता है। अमर उजाला उन्हें मुजफ्फरपुर निवासी कारोबारी बताता है, जबकि प्रभात खबर ने उन्हें मूल रूप से भूटान का निवासी बताया है। इसलिए उनके व्यक्तिगत पते और नागरिकता से जुड़े विवरण को अंतिम रूप से संबंधित पुलिस रिकॉर्ड या परिवार की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही स्पष्ट माना जाएगा।
हादसे की खबर मुजफ्फरपुर पहुंचते ही दोनों कारोबारियों के परिवारों में मातम छा गया। परिजनों को जब पश्चिम बंगाल में दुर्घटना की जानकारी मिली तो वे वहां के लिए रवाना हुए। अमर उजाला के अनुसार दोनों के शवों को मुजफ्फरपुर लाने की तैयारी की जा रही थी। परिवार के लोगों का कहना है कि दोनों कारोबार के सिलसिले में बाहर गए थे और जल्द ही वापस लौटने वाले थे।
मदारीहाट पुलिस ने घटना के बाद दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। हादसा किस परिस्थिति में हुआ, स्कॉर्पियो की गति क्या थी, दोनों वाहनों की स्थिति क्या थी और टक्कर के पीछे वास्तविक कारण क्या रहा, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। दुर्घटना के बाद ट्रेलर चालक और खलासी के मौके से चले जाने की बात प्रभात खबर की रिपोर्ट में कही गई है, जबकि अमर उजाला की रिपोर्ट में पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच किए जाने की जानकारी दी गई है।
एशियन हाईवे-48 का यह मार्ग उत्तर बंगाल और भूटान सीमा क्षेत्र के बीच आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण है। जयगांव और भूटान की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही इस क्षेत्र से होती है। ऐसे मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही भी रहती है। मंगलवार को इसी मार्ग पर हुई टक्कर ने दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। दोनों कारोबारी जिस यात्रा पर निकले थे, वह उनके लिए आखिरी सफर साबित हुई।
दुर्घटना के बाद सबसे बड़ी चुनौती क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो से दोनों लोगों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने की थी। वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह दब जाने के कारण सामान्य तरीके से दरवाजा खोलना संभव नहीं था। गैस कटर की मदद से वाहन के हिस्से को काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने की कार्रवाई की गई। ऐसे बचाव अभियान में पुलिस और राहतकर्मियों को काफी सावधानी बरतनी पड़ती है, क्योंकि दुर्घटना के बाद वाहन का ढांचा अस्थिर हो सकता है।
पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम और जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। इस बीच परिवार के लोग पश्चिम बंगाल पहुंचकर कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं। मुजफ्फरपुर में भी दोनों के परिचितों और कारोबार से जुड़े लोगों के बीच घटना की जानकारी फैलने के बाद शोक का माहौल है।
इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की सड़क यात्राओं के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। खासकर ऐसे रास्तों पर जहां भारी ट्रेलर और अन्य बड़े वाहन बड़ी संख्या में चलते हैं, वहां ओवरटेकिंग के दौरान अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है। हालांकि इस विशेष दुर्घटना में वास्तविक गलती किसकी थी, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल इतना सामने आया है कि स्कॉर्पियो और 18 चक्के वाले भारी वाहन के बीच जोरदार टक्कर हुई, जिसमें मुजफ्फरपुर से जुड़े दो कारोबारियों की जान चली गई।
मंगलवार की सुबह हुई इस दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस ने राहत कार्य पूरा करने के साथ दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने की कार्रवाई की। हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। दोनों मृतकों के परिवार अब उनके शवों को मुजफ्फरपुर लाने और अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे हैं। इस घटना से जुड़े आगे के विवरण पुलिस जांच और पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आ सकते हैं











