नालंदा में नकली ब्रांडेड शराब बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, 570 लीटर शराब बरामद; एक धंधेबाज गिरफ्तार

नालंदा में खंडहरनुमा मकान में चल रही नकली ब्रांडेड शराब बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई। छापेमारी में 570 लीटर शराब बरामद हुई और एक धंधेबाज गिरफ्तार किया गया।
नालंदा में नकली ब्रांडेड शराब बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, 570 लीटर शराब बरामद; एक धंधेबाज गिरफ्तार
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नालंदा जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने नकली ब्रांडेड शराब बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा किया है। एक खंडहरनुमा मकान में चोरी-छिपे चल रहे इस कारोबार पर छापेमारी कर टीम ने 570 लीटर शराब बरामद की है। मौके से एक धंधेबाज को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध शराब का कारोबार करने वालों के बीच हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, शराब बनाने और उसे ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर बेचने का काम किसी सामान्य दुकान या खुले परिसर में नहीं, बल्कि एक खंडहरनुमा मकान के अंदर चलाया जा रहा था। बाहर से मकान की हालत जर्जर दिखाई देती थी, जिससे किसी को वहां बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार संचालित होने का अंदेशा नहीं होता था। इसी सुनसान और जर्जर मकान को धंधेबाजों ने शराब बनाने और उसे जमा करने के ठिकाने के रूप में इस्तेमाल किया था।

कार्रवाई के दौरान टीम ने मकान की तलाशी ली तो वहां से बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई। कुल 570 लीटर शराब जब्त की गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यहां नकली शराब को ब्रांडेड कंपनियों के नाम और पहचान के साथ तैयार कर बाजार में खपाने की तैयारी थी। इस तरह के कारोबार में सस्ती या मिलावटी शराब को नामी ब्रांड की शराब बताकर बेचने की आशंका रहती है, जिससे ग्राहकों को आर्थिक नुकसान के साथ स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरा भी हो सकता है।

छापेमारी के दौरान मौके से एक धंधेबाज को गिरफ्तार किया गया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब बनाने का काम कब से चल रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बरामद शराब की सप्लाई किन इलाकों में की जानी थी और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था।

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद राज्य के अलग-अलग जिलों में अवैध शराब बनाने, जमा करने और उसकी तस्करी की घटनाएं सामने आती रही हैं। कई मामलों में शराब को दूसरे राज्यों से लाकर बेचने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही तैयार करने की कोशिश की जाती है। नकली ब्रांडेड शराब का कारोबार इस लिहाज से और गंभीर हो जाता है, क्योंकि इसमें असली कंपनी के नाम और पैकेजिंग का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह किया जा सकता है।

नालंदा में हुई इस कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा गिरफ्तार धंधेबाज से आगे बढ़ सकता है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मकान किसका था, शराब बनाने के लिए कच्चा माल कहां से लाया जाता था और तैयार शराब को बेचने के लिए किन लोगों की मदद ली जाती थी। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच भी की जा सकती है।

फिलहाल 570 लीटर शराब की बरामदगी और एक धंधेबाज की गिरफ्तारी को अवैध शराब कारोबार के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और शराब की सप्लाई के तरीकों को लेकर और जानकारी सामने आ सकती है।

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