1 नवंबर से लागू होंगे GST के नए नियम: जानें पेंशन, ITR डेडलाइन, LPG और FD पर भी जरूरी अपडेट

1 नवंबर 2026 से GST नियमों में बदलाव की तैयारी है। पेंशन के लाइफ सर्टिफिकेट, ITR फाइलिंग की नई डेडलाइन, LPG और बैंक FD से जुड़े जरूरी अपडेट जानें।

नवंबर की शुरुआत के साथ GST से जुड़े नए प्रावधान लागू होंगे। पेंशनर्स को जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होगा, जबकि कुछ टैक्सपेयर्स को ITR भरने के लिए अतिरिक्त समय मिला है। LPG और FD की दरों पर भी नजर रहेगी।

बिजनेस न्यूज़: अक्टूबर खत्म होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में 1 नवंबर 2026 से होने वाले वित्तीय बदलावों की जानकारी रखना जरूरी है। नए महीने में पेंशन पाने वालों से लेकर कारोबारियों और बैंक ग्राहकों तक कई लोगों को महत्वपूर्ण तारीखों पर ध्यान देना होगा। GST के कुछ नियम बदलेंगे, जबकि टैक्स ऑडिट वाले करदाताओं को रिटर्न दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। हालांकि, LPG और FD की ब्याज दरों में बदलाव होना अभी तय नहीं है।

पेंशनर्स को 30 नवंबर तक जमा करना होगा लाइफ सर्टिफिकेट

सरकारी पेंशन पाने वाले लोगों के लिए नवंबर का महीना महत्वपूर्ण है। पेंशन जारी रखने के लिए हर साल जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है। इस दस्तावेज से पुष्टि होती है कि पेंशन पाने वाला व्यक्ति जीवित है। 80 साल से कम उम्र के पेंशनर्स 1 नवंबर से अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं। इसके लिए 30 नवंबर 2026 तक का समय मिलेगा। वहीं, 80 साल या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए यह सुविधा 1 अक्टूबर से ही शुरू हो चुकी है।

पेंशनर्स बैंक शाखा जाकर या जीवन प्रमाण पोर्टल के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं। आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। तय समय पर प्रमाण पत्र जमा नहीं करने से पेंशन भुगतान रुक सकता है। इसलिए बुजुर्गों को अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।

ITR भरने के लिए 21 नवंबर तक मिला समय

इनकम टैक्स विभाग ने कुछ श्रेणियों के करदाताओं को राहत दी है। वित्त वर्ष 2025-26 यानी असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट से जुड़े मामलों में ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाई गई है। पहले ऐसे करदाताओं को 31 अक्टूबर 2026 तक रिटर्न भरना था। अब केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने यह समय सीमा बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी है।

इस फैसले का लाभ नियमों के तहत आने वाली कंपनियों, फर्मों, एलएलपी, कारोबारियों और पेशेवरों को मिलेगा। हालांकि, सभी टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न भरने की तारीख नहीं बदली है। जिन लोगों के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करना जरूरी था, उनकी संबंधित समय सीमा 21 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई थी। करदाताओं को अपनी श्रेणी के अनुसार रिटर्न की अंतिम तारीख जांचनी चाहिए।

LPG सिलेंडर के दाम बढ़ेंगे या मिलेगी राहत?

1 नवंबर से लागू होंगे GST के नए नियम: जानें पेंशन, ITR डेडलाइन, LPG और FD पर भी जरूरी अपडेट

नवंबर की पहली तारीख को रसोई गैस की कीमतों पर भी नजर रहेगी। तेल कंपनियां आमतौर पर महीने की शुरुआत में कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 नवंबर को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में बदलाव संभव है। घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलोग्राम सिलेंडर के दाम भी कंपनियों की घोषणा के अनुसार बदल सकते हैं।

घरेलू सिलेंडर महंगा होने पर परिवार का मासिक खर्च बढ़ सकता है। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बदलाव का असर होटल, रेस्तरां और दूसरे कारोबारों पर पड़ सकता है। फिलहाल कीमतों में बढ़ोतरी या कटौती की पुष्टि नहीं हुई है। उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने से पहले अपने शहर के नए रेट जांचने चाहिए।

FD में निवेश करने वाले बैंक ग्राहकों के लिए अपडेट

फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसा लगाने वालों को नवंबर में बैंकों की ब्याज दरों पर ध्यान देना चाहिए। बैंक समय-समय पर अलग-अलग अवधि की FD पर मिलने वाले ब्याज में बदलाव करते हैं। हालांकि, 1 नवंबर से सभी बैंकों की सामान्य FD पर ब्याज दर बदलने का कोई एक समान नियम घोषित नहीं हुआ है। नई FD कराने की योजना बना रहे ग्राहकों को बैंक की मौजूदा दरों की तुलना करनी चाहिए। निवेश से पहले जमा की अवधि, ब्याज भुगतान और समय से पहले FD तोड़ने पर लगने वाली पेनल्टी की जानकारी लेना भी जरूरी है।

GST में 1 नवंबर से लागू होंगे नए प्रावधान

केंद्र सरकार ने GST व्यवस्था में कुछ बदलाव लागू करने की तारीख तय कर दी है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की 26 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना के मुताबिक, वित्त अधिनियम 2026 की संबंधित धाराएं 1 नवंबर से प्रभावी होंगी। इन बदलावों में सामान या सेवाओं की बिक्री के बाद दिए जाने वाले डिस्काउंट को लेकर नियम आसान किए गए हैं। निर्धारित शर्तों के तहत सप्लायर क्रेडिट नोट जारी करके टैक्स योग्य मूल्य में बदलाव कर सकेगा। इसके लिए खरीदार को संबंधित इनपुट टैक्स क्रेडिट वापस करना होगा।

GST रिफंड से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव किया गया है। इसका उद्देश्य पात्र कारोबारियों को रिफंड प्रक्रिया में राहत देना है। खासकर निर्यातकों और उन कारोबारियों को फायदा मिल सकता है, जिनकी बड़ी रकम टैक्स रिफंड में फंसी रहती है।

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