न्यूयॉर्क डेमोक्रेटिक प्राइमरी में ममदानी समर्थित उम्मीदवारों का दबदबा, पार्टी में वामपंथी प्रभाव हुआ मजबूत

न्यूयॉर्क की डेमोक्रेटिक प्राइमरी में जोहरान ममदानी समर्थित उम्मीदवारों ने शानदार जीत दर्ज की। जबकि अन्य प्रगतिशील उम्मीदवारों की सफलता ने पार्टी मजबूत कर दिया।

न्यूयॉर्क की डेमोक्रेटिक प्राइमरी में मेयर जोहरान ममदानी समर्थित उम्मीदवारों ने शानदार जीत दर्ज की। ब्रैड लैंडर ने सांसद डैन गोल्डमैन को हराया, जबकि अन्य प्रगतिशील उम्मीदवारों की सफलता ने पार्टी में वामपंथी प्रभाव को और मजबूत कर दिया।

न्यूयॉर्क: अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में हुए डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनावों ने पार्टी की आंतरिक राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा समर्थित उम्मीदवारों ने महत्वपूर्ण सीटों पर जीत दर्ज कर डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रगतिशील (प्रोग्रेसिव) और लोकतांत्रिक समाजवादी धड़े की बढ़ती ताकत को प्रदर्शित किया है। इन परिणामों को आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले पार्टी की वैचारिक दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

सबसे चर्चित मुकाबला न्यूयॉर्क के 10वें कांग्रेसनल जिले में देखने को मिला, जहां दो बार के सांसद डैन गोल्डमैन को प्रगतिशील उम्मीदवार ब्रैड लैंडर ने करारी शिकस्त दी। यह चुनाव केवल दो उम्मीदवारों के बीच मुकाबला नहीं था, बल्कि डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर इजरायल-गाजा युद्ध, आर्थिक नीतियों और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर मौजूद वैचारिक मतभेदों का भी प्रतीक बन गया।

मतगणना के अधिकांश दौर पूरे होने तक ब्रैड लैंडर को लगभग 65.7 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए, जबकि डैन गोल्डमैन 34.1 प्रतिशत वोटों पर सिमट गए। लैंडर को न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी और वर्मोंट के सीनेटर बर्नी सैंडर्स का समर्थन प्राप्त था। दूसरी ओर गोल्डमैन को इजरायल समर्थक संगठनों का समर्थन हासिल था।

इजरायल-गाजा मुद्दे ने बढ़ाया राजनीतिक ध्रुवीकरण

इस चुनाव में इजरायल और गाजा युद्ध प्रमुख मुद्दा बनकर उभरा। ब्रैड लैंडर ने गाजा में इजरायली सैन्य अभियान की तीखी आलोचना की, जबकि डैन गोल्डमैन लगातार इजरायल के समर्थन में खड़े रहे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुद्दे ने न्यूयॉर्क के शहरी और युवा मतदाताओं के बीच मतदान की दिशा को काफी प्रभावित किया।

लैंडर ने जीत के बाद कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता ऐसे नेतृत्व की तलाश में हैं जो लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूती से आवाज उठा सके। उन्होंने अपनी जीत को जनभागीदारी और प्रगतिशील राजनीति की सफलता बताया।

ममदानी समर्थित अन्य उम्मीदवारों की भी बड़ी जीत

मेयर जोहरान ममदानी के लिए चुनावी नतीजे बेहद सकारात्मक रहे। उनके समर्थन वाली क्लेयर वाल्डेज़ ने सातवें जिले में ब्रुकलिन बरो प्रेसिडेंट एंटोनियो रेनोसो को हराकर बड़ा उलटफेर किया। वहीं 13वें जिले में डॉक्टरेट छात्रा डारियालिज़ा अविला शेवेलियर ने भी जीत हासिल की।

न्यूयॉर्क डेमोक्रेटिक प्राइमरी में ममदानी समर्थित उम्मीदवारों का दबदबा, पार्टी में वामपंथी प्रभाव हुआ मजबूत

शेवेलियर को कोलंबिया विश्वविद्यालय में हुए फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों में भागीदारी के कारण व्यापक पहचान मिली थी। उनकी जीत को युवा मतदाताओं और सामाजिक आंदोलनों से जुड़े समूहों के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है।

डैन गोल्डमैन की हार क्यों अहम मानी जा रही है?

डैन गोल्डमैन अमेरिकी राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं। वह प्रसिद्ध लेवी स्ट्रॉस परिवार के उत्तराधिकारी हैं और 2019 में तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ पहले महाभियोग की जांच में प्रमुख भूमिका निभाने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे।

हालांकि हाल के वर्षों में इजरायल के प्रति उनके मजबूत समर्थन ने न्यूयॉर्क के कुछ प्रगतिशील समूहों को उनसे दूर कर दिया। चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें स्थानीय कार्यकर्ताओं और फिलिस्तीन समर्थक संगठनों के विरोध का भी सामना करना पड़ा।

हार के बाद गोल्डमैन ने कहा कि वह मतदाताओं के फैसले का सम्मान करते हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखते हैं। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी ब्रैड लैंडर को फोन कर जीत की बधाई भी दी।

जैक श्लॉसबर्ग को भी झटका

न्यूयॉर्क के 12वें जिले में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी के पोते जैक श्लॉसबर्ग भी चुनाव हार गए। राजनीतिक दुनिया में नए माने जाने वाले श्लॉसबर्ग को विधानसभा सदस्य माइका लैशर ने पराजित कर दिया।

33 वर्षीय श्लॉसबर्ग सोशल मीडिया पर अपनी अलग शैली और सार्वजनिक गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रहे हैं, लेकिन चुनावी मैदान में उन्हें अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका।

डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए क्या संकेत?

इन चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर प्रगतिशील विचारधारा का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। ममदानी समर्थित उम्मीदवारों ने आर्थिक असमानता, अमीरों पर अधिक कर, आव्रजन सुधार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को अपने अभियान का केंद्र बनाया।

हालांकि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं को चिंता है कि अत्यधिक वामपंथी एजेंडा नवंबर के मध्यावधि चुनावों में निर्णायक मतदाताओं को आकर्षित करने में कठिनाई पैदा कर सकता है। इसके बावजूद प्रगतिशील धड़ा इन परिणामों को अपनी नीतियों के प्रति जनता के बढ़ते समर्थन का संकेत मान रहा है।

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