तेलंगाना के निजामाबाद से 40 अयप्पा भक्तों ने सबरीमाला मंदिर के लिए 45 दिवसीय पदयात्रा शुरू की है। विधायक धनपाल सूर्यनारायण ने अयप्पा मंदिर से यात्रा को रवाना किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं दीं और सावधानी बरतने की सलाह दी।
निजामाबाद: तेलंगाना के निजामाबाद शहर से भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए 40 श्रद्धालुओं का जत्था सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को केरल के सबरीमाला मंदिर के लिए रवाना हुआ। शहर के अयप्पा मंदिर से शुरू हुई इस धार्मिक यात्रा को श्री धर्मशास्ता पदयात्रा नाम दिया गया है। निजामाबाद शहरी विधायक धनपाल सूर्यनारायण ने श्रद्धालुओं को रवाना किया। यह पदयात्रा करीब 45 दिनों तक चलेगी, जिसके बाद श्रद्धालु सबरीमाला पहुंचकर भगवान अयप्पा के दर्शन करेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गुरुस्वामियों ने भी हिस्सा लिया।
विधायक धनपाल सूर्यनारायण ने दिखाई हरी झंडी
निजामाबाद के अयप्पा मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विधायक धनपाल सूर्यनारायण ने पदयात्रियों से मुलाकात की। उन्होंने श्रद्धालुओं के धार्मिक संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि इतनी लंबी दूरी पैदल तय करना आसान नहीं होता।
विधायक ने कहा कि सबरीमाला की पदयात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं है। श्रद्धालुओं के लिए यह आस्था, संयम और भगवान अयप्पा के प्रति समर्पण से जुड़ा धार्मिक अनुभव है। उन्होंने सभी 40 श्रद्धालुओं के सुरक्षित सबरीमाला पहुंचने और बिना किसी बाधा के यात्रा पूरी करने की कामना की।
अयप्पा दीक्षा के नियमों का पालन कर रहे श्रद्धालु
सबरीमाला जाने वाले भक्त आमतौर पर अयप्पा दीक्षा के दौरान विशेष धार्मिक नियमों का पालन करते हैं। इस दौरान श्रद्धालु अयप्पा माला धारण करते हैं और अपने दैनिक जीवन में अनुशासन बनाए रखने का संकल्प लेते हैं। परंपरागत रूप से अयप्पा दीक्षा में सादगी, संयम, प्रार्थना और नियमित पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। कई श्रद्धालु 41 दिनों तक व्रत और धार्मिक नियमों का पालन करते हैं।
निजामाबाद से रवाना हुए श्रद्धालुओं की पदयात्रा लगभग 45 दिनों की निर्धारित की गई है। यात्रा में पैदल चलने के साथ धार्मिक अनुशासन का पालन करना भी उनके संकल्प का हिस्सा है। विधायक सूर्यनारायण ने कहा कि अयप्पा माला धारण करना भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक जिम्मेदारी है।
लंबी पैदल यात्रा में सावधानी बरतने की सलाह
पदयात्रा को रवाना करते समय विधायक ने श्रद्धालुओं से स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्रा के दौरान उत्साह के साथ सावधानी भी जरूरी है। करीब डेढ़ महीने तक पैदल चलने में शारीरिक सहनशक्ति और नियमित आराम की आवश्यकता होती है। लंबी दूरी तय करते समय मौसम, सड़क की स्थिति और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का ध्यान रखना जरूरी है।
पदयात्रियों के लिए पर्याप्त पानी पीना, आराम करना और अपनी क्षमता के अनुसार चलना महत्वपूर्ण है। किसी श्रद्धालु की तबीयत खराब होने पर समय रहते चिकित्सकीय सहायता लेना भी आवश्यक है। हालांकि, आयोजकों ने यात्रा के दैनिक पड़ावों या विस्तृत मार्ग की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक और गुरुस्वामी भी हुए शामिल
श्री धर्मशास्ता पदयात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम में निजामाबाद ग्रामीण क्षेत्र के पूर्व विधायक बाजिरेड्डी गोवर्धन भी मौजूद रहे। इसके अलावा गुरुस्वामी गुंडय्या और अगमय्या ने कार्यक्रम में भाग लिया। दोनों गुरुस्वामियों की उपस्थिति में श्रद्धालुओं को यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
अयप्पा परंपरा में गुरुस्वामी की विशेष भूमिका होती है। अनुभवी गुरुस्वामी नए श्रद्धालुओं को दीक्षा के नियमों, पूजा की विधि और सबरीमाला यात्रा की परंपराओं के बारे में मार्गदर्शन देते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सभी पदयात्रियों की यात्रा सफल होने की कामना की।
सबरीमाला मंदिर का क्या है धार्मिक महत्व?
केरल के पथानामथिट्टा जिले की पहाड़ियों में स्थित सबरीमाला मंदिर भगवान अयप्पा को समर्पित प्रमुख तीर्थस्थल है। यहां हर साल देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष रूप से दक्षिण भारत के तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक में अयप्पा दीक्षा की परंपरा प्रचलित है।
सबरीमाला की यात्रा में श्रद्धालु निर्धारित धार्मिक नियमों का पालन करते हुए मंदिर तक पहुंचते हैं। मंदिर के प्रसिद्ध 18 पवित्र सोपानों का भी अयप्पा परंपरा में विशेष महत्व है। इस साल सबरीमाला मंदिर का मंडल पूजा सीजन 16 नवंबर को शुरू होने वाला है। मुख्य मंडल पूजा 27 दिसंबर को निर्धारित है।
45 दिन बाद सबरीमाला पहुंचने का लक्ष्य
निजामाबाद से निकले 40 श्रद्धालुओं का लक्ष्य करीब 45 दिनों में पदयात्रा पूरी करके सबरीमाला पहुंचना है। यात्रा के दौरान भक्त धार्मिक अनुशासन और सामूहिक सहयोग के साथ आगे बढ़ेंगे। विधायक धनपाल सूर्यनारायण ने कहा कि इतनी लंबी पदयात्रा के लिए श्रद्धा के साथ दृढ़ संकल्प भी आवश्यक है। उन्होंने यात्रा में शामिल सभी लोगों से सावधानी बरतने और एक-दूसरे की सहायता करने का आग्रह किया।









