नोएडा में ट्रकों की आवाजाही के लिए बनेगा मास्टरप्लान: 7 दिन का सर्वे शुरू जाम और प्रदूषण कम करने पर फोकस

नोएडा में ट्रकों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए 7 दिन का सर्वे शुरू हुआ है। इसका उद्देश्य जाम कम करना और प्रदूषण पर नियंत्रण पाना है।
नोएडा में ट्रकों की आवाजाही के लिए बनेगा मास्टरप्लान: 7 दिन का सर्वे शुरू जाम और प्रदूषण कम करने पर फोकस
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नोएडा। नोएडा में भारी वाहनों की बढ़ती संख्या और ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने ट्रकों की आवाजाही के लिए एक व्यापक मास्टरप्लान तैयार करने की पहल की है। इसके तहत शहर में 7 दिन का विशेष सर्वे शुरू किया गया है, जिसमें ट्रकों के रूट, समय, संख्या और ट्रैफिक पर उनके प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा।

प्राधिकरण और ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि किन मार्गों पर ट्रकों का दबाव सबसे अधिक है और किन क्षेत्रों में इनके कारण जाम और प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है। इसके आधार पर ट्रकों के लिए अलग रूट, समय सीमा और अन्य प्रबंधन उपाय तय किए जा सकते हैं।

शहर के कई प्रमुख मार्गों पर सुबह और शाम के समय भारी वाहनों के कारण ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हो जाती है। इससे न केवल लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है, बल्कि वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। प्रशासन का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से ट्रक मूवमेंट को व्यवस्थित करने से इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

सर्वे में ट्रकों की संख्या, उनकी आवाजाही का समय, माल ढुलाई के प्रमुख केंद्र और संवेदनशील ट्रैफिक पॉइंट्स का डेटा एकत्र किया जाएगा। इसके अलावा, यह भी देखा जाएगा कि किन क्षेत्रों में भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित किए जा सकते हैं।

अधिकारियों के अनुसार, मास्टरप्लान तैयार होने के बाद ट्रकों की एंट्री और निकासी के समय में बदलाव, अलग कॉरिडोर और पार्किंग की व्यवस्था जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। इससे शहर की सड़कों पर दबाव कम होगा और आम लोगों को राहत मिलेगी।

स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि ट्रकों की आवाजाही व्यवस्थित हो जाए, तो शहर में जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। साथ ही प्रदूषण के स्तर में भी सुधार आने की उम्मीद है।

फिलहाल सर्वे का काम शुरू हो चुका है और अगले सात दिनों तक विभिन्न स्थानों पर डेटा जुटाया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर नोएडा में ट्रकों की आवाजाही के लिए नया मास्टरप्लान लागू किया जा सकता है।

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