पाकिस्तान ने वनडे त्रिकोणीय सीरीज में इंग्लैंड को एक विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली। 154 रन पर नौ विकेट गंवाने के बाद शादाब खान ने नाबाद शतक लगाया। हारिस रऊफ के साथ उनकी 89 रन की साझेदारी ने मैच पलट दिया।
स्पोर्ट्स न्यूज़: पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच रविवार, 25 अक्टूबर को खेला गया वनडे मुकाबला क्रिकेट के सबसे रोमांचक मैचों में शामिल हो गया। गद्दाफी स्टेडियम में 242 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम 154 रन पर नौ विकेट गंवा चुकी थी। इंग्लैंड को जीत के लिए सिर्फ एक विकेट चाहिए था, लेकिन शादाब खान और हारिस रऊफ ने आखिरी विकेट पर ऐसी साझेदारी की कि अंग्रेज गेंदबाज जीत के इंतजार में रह गए। पाकिस्तान ने 17 गेंद बाकी रहते मुकाबला जीत लिया।
शादाब खान ने आखिरी विकेट पर पलट दिया पूरा मैच
पाकिस्तान की जीत उस समय लगभग नामुमकिन दिखाई दे रही थी, जब 34वें ओवर में उसका नौवां विकेट गिरा। स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 154 रन थे और जीत के लिए अब भी 88 रन चाहिए थे। हारिस रऊफ आखिरी बल्लेबाज के तौर पर मैदान में उतरे। दूसरी तरफ शादाब खान मौजूद थे, जिन्होंने मुकाबला छोड़ने के बजाय जिम्मेदारी उठाई।
शादाब ने समझदारी से बल्लेबाजी की और अधिकतर गेंदें खुद खेलने की कोशिश की। मौका मिलने पर उन्होंने बड़े शॉट लगाए, जबकि रऊफ ने दूसरे छोर पर अपना विकेट बचाए रखा। दोनों ने मिलकर 80 गेंदों में नाबाद 89 रन जोड़े। पाकिस्तान ने 47.1 ओवर में नौ विकेट पर 243 रन बनाकर जीत हासिल कर ली।
96 गेंदों में 113 रन, शादाब ने रचा नया इतिहास
आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए शादाब खान ने 96 गेंदों पर नाबाद 113 रन बनाए। इस पारी में उनके बल्ले से 13 चौके और पांच छक्के निकले। यह वनडे क्रिकेट में उनका पहला शतक था। शादाब ने एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। वह पुरुष वनडे क्रिकेट में आठवें या उससे निचले नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले खिलाड़ी बन गए।
हारिस रऊफ ने 19 गेंदों का सामना करके नाबाद सात रन बनाए। उनकी छोटी पारी का महत्व इसलिए ज्यादा रहा, क्योंकि उन्होंने अंतिम विकेट नहीं गिरने दिया। दोनों की 89 रन की साझेदारी वनडे में सफल रन चेज के दौरान दसवें विकेट की सबसे बड़ी साझेदारी बन गई।
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97 रन पर आउट होने से बाल-बाल बचे शादाब
मुकाबले का सबसे नाजुक पल तब आया, जब शादाब 97 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। गस एटकिंसन की गेंद पर अंपायर ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया। पाकिस्तान की हार तय नजर आने लगी, लेकिन शादाब ने डीआरएस लिया। रिप्ले में पता चला कि गेंद पैड से टकराने से पहले बल्ले का किनारा लेकर निकली थी।
फैसला बदल गया और शादाब को बल्लेबाजी जारी रखने का मौका मिला। इसके बाद उन्होंने लगातार दो चौके लगाकर अपना शतक पूरा किया। इंग्लैंड के लिए यही मौका सबसे भारी पड़ गया।
पाकिस्तान के शुरुआती बल्लेबाजों ने किया निराश
लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। फखर जमान, सैम अयूब और बाबर आजम के विकेट महज 31 रन तक गिर गए। इसके बाद साद बेग ने 32 और सलमान अली आगा ने 26 रन बनाकर पारी संभालने की कोशिश की। लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाज लगातार विकेट निकालते रहे। जेमी ओवरटन ने तीन विकेट लिए, जबकि लियाम डॉसन और गस एटकिंसन को दो-दो सफलताएं मिलीं। हालांकि, आखिरी विकेट हासिल करने में नाकाम रहने के कारण इंग्लैंड को हार झेलनी पड़ी।
बेन डकेट के शतक के बावजूद 241 रन ही बना सका इंग्लैंड
इससे पहले पाकिस्तान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी थी। इंग्लैंड ने सिर्फ 19 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। ऐसे में बेन डकेट ने जिम्मेदारी संभाली और 111 गेंदों पर 105 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 10 चौके और दो छक्के लगाए। डकेट ने सैम करन के साथ 93 रन की साझेदारी की। करन ने 42 रन बनाए, जबकि गस एटकिंसन 36 रन बनाकर नाबाद रहे। इंग्लैंड की पूरी टीम 46.4 ओवर में 241 रन पर आउट हो गई।
पाकिस्तानी कप्तान शाहीन शाह अफरीदी ने 46 रन देकर चार विकेट झटके। अराफात मिन्हास और रजाउल्लाह को दो-दो विकेट मिले। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने त्रिकोणीय सीरीज में लगातार तीसरा मुकाबला जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। शादाब खान को उनकी यादगार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।








