पंचकूला के सेक्टर-14 निवासी एक व्यक्ति के यूनियन बैंक खाते से कथित साइबर ठगी में 2.39 लाख रुपये निकल गए। पीड़ित के मुताबिक, Google Pay पर दिखे अनजान लिंक पर क्लिक करने के बाद कई ट्रांजेक्शन हुए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हरियाणा: डिजिटल पेमेंट ऐप Google Pay पर दिखाई दिए एक अनजान लिंक पर क्लिक करने के बाद एक व्यक्ति के बैंक खाते से 2.39 लाख रुपये ट्रांसफर हो गए। पीड़ित सेक्टर-14 की मंडी बोर्ड कॉलोनी में रहता है और यूनियन बैंक में उसका खाता है। रकम कटने के मैसेज मिलने पर उसने मोबाइल रीसेट किया और बैंक को सूचना दी। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 की पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Google Pay पर लिंक क्लिक करने के बाद खाते से निकले पैसे
पंचकूला के सेक्टर-14 स्थित मंडी बोर्ड कॉलोनी के निवासी व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह करीब 20 वर्षों से चंडीगढ़-पंचकूला में कुकिंग का काम कर रहा है। 6 सितंबर की शाम करीब 7 बजे वह घर पर था और अपने दोस्त को काम के पैसे ऑनलाइन भेजने के लिए Google Pay खोल रहा था।

इसी दौरान ऐप पर एक लिंक दिखाई दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने पहले उस लिंक को हटाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं हटा। इसके बाद उसने लिंक पर क्लिक कर दिया। कुछ ही देर बाद उसके मोबाइल पर यूनियन बैंक खाते से रकम कटने के मैसेज आने लगे।
शुरुआत में लगातार ट्रांजेक्शन के संदेश देखकर उसे खाते से पैसे निकलने का पता चला। बैंक स्टेटमेंट की जांच करने पर सामने आया कि अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 2 लाख 39 हजार रुपये खाते से दूसरे खातों में ट्रांसफर हो चुके थे।
रकम कटने के मैसेज मिलते ही मोबाइल किया रीसेट
पीड़ित ने बताया कि खाते से लगातार पैसे निकलने का पता चलते ही उसने मोबाइल फोन रीसेट कर दिया। इसके बाद उसने यूनियन बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, तब तक खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर हो चुकी थी।
ऐसे मामलों में अनजान लिंक पर क्लिक करने के बाद हुई गतिविधियों की तकनीकी जांच जरूरी होती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि लिंक के जरिए ठगी करने वालों ने खाते तक पहुंच कैसे बनाई या ट्रांजेक्शन के लिए किस तरीके का इस्तेमाल किया गया। इसकी पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी।
साइबर क्राइम थाना पुलिस कर रही जांच
घटना के संबंध में पंचकूला के साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ट्रांजेक्शन से जुड़े रिकॉर्ड, संदिग्ध लिंक और जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई, उनकी जानकारी जुटा रही है। जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि पैसे किन खातों में गए और घटना के पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
डिजिटल पेमेंट ऐप इस्तेमाल करते समय अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। यदि किसी खाते से अनधिकृत ट्रांजेक्शन होने का पता चले, तो तुरंत बैंक को सूचना देना और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करना उपयोगी हो सकता है। जल्द शिकायत करने से संबंधित एजेंसियों को रकम के लेनदेन पर कार्रवाई करने का अवसर मिल सकता है।
फिलहाल इस मामले में 2.39 लाख रुपये की कथित साइबर ठगी की जांच जारी है। रकम की बरामदगी और आरोपियों की पहचान को लेकर आगे की जानकारी पुलिस की जांच के बाद सामने आएगी।











