फैटी लिवर ग्रेड-2: खतरे और बचाव के आसान उपाय

फैटी लिवर ग्रेड-2: खतरे और बचाव के आसान उपाय

फैटी लिवर ग्रेड-2 का मतलब है कि लिवर में फैट जमा होने की स्थिति बढ़ चुकी है। यह नॉन-एलबोहलिक फैटी लिवर के बढ़ते मामलों में आम होता जा रहा है। डाइट और लाइफस्टाइल सुधार कर इसे नियंत्रित किया जा सकता है, वरना यह लिवर सिरोसिस और फेलियर तक बढ़ सकता है। नियमित एक्सरसाइज और संतुलित आहार सबसे प्रभावी उपाय हैं।

Fatty Liver Grade-2: दिल्ली के जीटीबी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉ. अजीत कुमार के अनुसार, यह स्टेज लिवर में फैट जमा होने की गंभीर चेतावनी है। यह समस्या पहले शराब पीने वालों में आम थी, लेकिन अब नॉन-एलबोहलिक फैटी लिवर बढ़ रहा है। रोज़मर्रा की अनियमित डाइट, मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी मुख्य कारण हैं। हल्के मामलों में खानपान और एक्सरसाइज से स्थिति सुधारी जा सकती है, लेकिन अनदेखी करने पर लिवर सिरोसिस या फेलियर तक जोखिम रहता है।

फैटी लिवर ग्रेड-2 का मतलब

दिल्ली के जीटीबी हॉस्पिटल के डॉ. अजीत कुमार के अनुसार, फैटी लिवर ग्रेड-2 का मतलब है कि लिवर में फैट जमा होने की स्थिति अब बढ़ गई है। पहले यह समस्या ज्यादातर शराब पीने वालों में देखी जाती थी, लेकिन अब नॉन-एलबोहलिक फैटी लिवर (NAFLD) बढ़ रहा है। ग्रेड-2 स्टेज में बीमारी अभी नियंत्रित की जा सकती है, लेकिन अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह लिवर सिरोसिस और लिवर फेलियर तक बढ़ सकती है।

इस स्टेज में खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव से स्थिति सुधारी जा सकती है। डॉ. कुमार बताते हैं कि हल्के मामलों में दवाओं की आवश्यकता नहीं पड़ती, लेकिन लगातार अनियमित डाइट और मोटापा समस्या बढ़ा सकते हैं।

फैटी लिवर ग्रेड-2 के कारण

सबसे आम कारणों में अधिक तला-भुना और जंक फूड का सेवन शामिल है। मोटापा और पेट की अतिरिक्त चर्बी भी लिवर में फैट जमा होने का प्रमुख कारण है। इसके अलावा हाई कोलेस्ट्रॉल और शारीरिक गतिविधि की कमी फैटी लिवर ग्रेड-2 को बढ़ावा देती है।

इसका नज़दीकी संबंध लाइफस्टाइल से है। अगर व्यक्ति नियमित एक्सरसाइज और संतुलित डाइट अपनाता है, तो फैटी लिवर की समस्या आसानी से काबू में रखी जा सकती है।

लक्षण और नियंत्रण के उपाय

ग्रेड-2 फैटी लिवर में थकान, पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में भारीपन या हल्का दर्द, भूख कम लगना, तेजी से वजन बढ़ना और अपच जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं। डॉ. कुमार सलाह देते हैं कि रोज़ कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें, वजन घटाएं, फास्ट फूड से दूरी बनाएं और हरी सब्ज़ियों और मौसमी फलों को डाइट में शामिल करें।

सही डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल से अधिकांश मामलों में दवाओं की जरूरत नहीं पड़ती और लिवर स्वस्थ रखा जा सकता है।

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