आय से अधिक संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी, इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को दी चुनौती

Rahul Gandhi Disproportionate Assets Case: आय से अधिक संपत्ति मामले में राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। यह मामला बीजेपी कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की शिकायत से जुड़ा है, जिसमें राहुल गांधी पर ज्ञात आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप लगाए गए हैं।

Rahul Gandhi Disproportionate Assets Case: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। राहुल गांधी की ओर से दाखिल याचिका में मामले को इलाहाबाद हाई कोर्ट से दिल्ली हाई कोर्ट स्थानांतरित करने और जांच से जुड़े आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर 17 अगस्त को सुनवाई होने की संभावना है।

राहुल गांधी की याचिका ऐसे समय में सामने आई है, जब उनकी संपत्ति और कथित खर्च से जुड़े आरोपों की जांच को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की भूमिका भी सामने आई है। हालांकि, राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोपों और जांच की वैधता को लेकर अदालत में अपना पक्ष रखा जा रहा है।

क्या है राहुल गांधी से जुड़ा पूरा मामला?

यह मामला राहुल गांधी की कथित आय से अधिक संपत्ति और पिछले वर्षों में उनके खर्च से जुड़े दावों से संबंधित है। इस मामले में एक याचिका इलाहाबाद हाई कोर्ट में दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी की संपत्ति, आय और कथित विदेशी यात्राओं पर हुए खर्च के बीच अंतर होने का दावा किया था। मामले की सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जांच एजेंसियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। राहुल गांधी अब इसी प्रक्रिया और हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रहे हैं।

राहुल गांधी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की निर्धारित पीठ सुनवाई कर सकती है। अदालत यह भी देखेगी कि मामले को दिल्ली हाई कोर्ट स्थानांतरित करने की मांग और जांच पर रोक लगाने के लिए दिए गए तर्कों में कितना आधार है।

राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए गए हैं?

मामले के याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया है कि राहुल गांधी ने पिछले करीब 22 वर्षों में 54 विदेश यात्राएं कीं और इन पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च हुए। याचिका में यह भी दावा किया गया कि राहुल गांधी ने चुनावी हलफनामे में अपनी कुल संपत्ति करीब 20.39 करोड़ रुपये बताई थी। याचिकाकर्ता ने इन आंकड़ों के आधार पर उनकी घोषित संपत्ति और कथित खर्च के बीच अंतर पर सवाल उठाए हैं। 

हालांकि, ये आरोप हैं और इनका अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगा। राहुल गांधी ने इन आरोपों के आधार पर की जा रही कार्रवाई को चुनौती दी है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने क्या कहा था?

मामले में हालिया सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने CBI की ओर से दाखिल जवाब पर संतोष नहीं जताया था। अदालत ने जांच की प्रगति को लेकर CBI के एक वरिष्ठ अधिकारी को नया हलफनामा व्यक्तिगत रूप से दाखिल करने का निर्देश दिया था। अदालत ने यह भी कहा था कि यदि जांच के दौरान ED को किसी तरह की ऐसी सामग्री या दस्तावेज मिलते हैं, जिनसे किसी अवैध गतिविधि का संकेत मिलता हो, तो एजेंसी कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई कर सकती है।

इससे पहले भी राहुल गांधी से जुड़े अन्य मामलों में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश चर्चा में रहे हैं। अप्रैल 2026 में अदालत ने कथित दोहरी नागरिकता मामले में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने से संबंधित अपने पहले के आदेश पर रोक लगा दी थी।

Leave a comment