राजमा उत्तर भारत, खासकर पंजाब का प्रसिद्ध व्यंजन है। यह लाल किडनी बीन्स और मसालों से धीमी आँच पर बनाया जाता है। अपने गाढ़े स्वाद, सुगंध और पौष्टिकता के कारण यह लोकप्रिय है। शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का अच्छा स्रोत और आमतौर पर चावल के साथ परोसा जाता है।
सामग्री
- लाल राजमा – 1 कप (रातभर पानी में भिगोया हुआ)
- प्याज़ – 2 (बारीक कटे हुए)
- टमाटर – 2 (प्यूरी बनाई हुई)
- अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 चम्मच
- हरी मिर्च – 1 (बारीक कटी हुई)
- तेल या घी – 2 चम्मच
- जीरा – 1 चम्मच
- हल्दी पाउडर – ½ चम्मच
- धनिया पाउडर – 1 चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर – स्वादानुसार
- गरम मसाला – ½ चम्मच
- नमक – स्वादानुसार
- हरा धनिया – सजाने के लिए
बनाने की विधि
सबसे पहले भीगे हुए राजमा को प्रेशर कुकर में पर्याप्त पानी और नमक डालकर अच्छी तरह नरम होने तक उबाल लिया जाता है। इसके बाद कढ़ाही में तेल गरम कर जीरा डाला जाता है। जीरा चटकने पर प्याज़ डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनते हैं। फिर अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालकर मसाले की खुशबू आने तक भूनते हैं।
अब टमाटर प्यूरी और सभी सूखे मसाले डालकर तब तक पकाया जाता है जब तक तेल अलग न दिखने लगे। इसके बाद उबले हुए राजमा और थोड़ा उबला पानी डालकर धीमी आँच पर 15–20 मिनट तक पकाया जाता है, जिससे मसाले राजमा में अच्छी तरह मिल जाएँ। अंत में गरम मसाला और हरा धनिया डालकर आँच बंद कर दी जाती है।
परोसने के तरीके
राजमा को गरमागरम उबले चावल के साथ परोसा जाता है। इसके अलावा यह रोटी, पराठा या नान के साथ भी स्वादिष्ट लगता है। ऊपर से थोड़ा मक्खन डालने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। सलाद और दही इसके साथ अच्छा संयोजन बनाते हैं।
खाने के फायदे
- राजमा पोषक तत्वों से भरपूर होता है।
- इसमें प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है, जो शरीर की मजबूती में सहायक है।
- फाइबर अधिक होने से पाचन तंत्र मजबूत रहता है।
- इसमें मौजूद आयरन खून की कमी को दूर करने में मदद करता है।













