राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच तेज, आज अयोध्या पहुंचेगी SIT, 15 दिन में देगी रिपोर्ट

राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच के लिए गठित SIT अयोध्या पहुंच रही है। टीम 7 दिन में प्रारंभिक और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितता के मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी आज अयोध्या पहुंचेगी। टीम को सात दिन में प्रारंभिक और 15 दिन के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

 अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी मामले की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) के हाथों में होगी। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय टीम सोमवार को अयोध्या पहुंचकर जांच प्रक्रिया शुरू करेगी। टीम मामले से जुड़े दस्तावेज, साक्ष्य और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।

आज से शुरू होगी SIT की जांच

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल सोमवार को अयोध्या पहुंचेगा। सूत्रों के अनुसार टीम लखनऊ से रवाना होकर दोपहर तक राम मंदिर परिसर पहुंचेगी और जांच से संबंधित साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू करेगी।

राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच तेज, आज अयोध्या पहुंचेगी SIT, 15 दिन में देगी रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। जांच दल को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

15 दिन में देनी होगी अंतिम रिपोर्ट

सरकार की ओर से एसआईटी को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान टीम वित्तीय रिकॉर्ड, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करेगी।

अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य केवल कथित अनियमितताओं की पड़ताल करना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक सुझाव भी तैयार करना है।

वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

जांच दल में वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। टीम का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों को सभी संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन से सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

अयोध्या जिला प्रशासन ने भी जांच में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का मानना है कि समयबद्ध जांच से मामले के सभी पहलुओं को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।

श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखना प्राथमिकता

श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष Nripendra Misra ने जांच प्रक्रिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने मामले में त्वरित निर्णय लेकर गंभीरता दिखाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी होगी।

उन्होंने कहा कि इस प्रकरण के दो महत्वपूर्ण पक्ष हैं। पहला, यदि कोई आपराधिक या प्रशासनिक अनियमितता हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए। दूसरा, भविष्य में श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत रखने के लिए व्यवस्थागत सुधार भी आवश्यक हैं।

पारदर्शिता पर रहेगा विशेष जोर

जांच के दौरान मंदिर प्रशासन, ट्रस्ट और संबंधित विभागों से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही चढ़ावे के संग्रह, सुरक्षा और प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्था का भी आकलन किया जाएगा।

मामले पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हैं, क्योंकि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस विषय में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता माना जा रहा है। एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई का रास्ता तय होगा।

Leave a comment