राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO के लिए 5500 से ज्यादा आवेदन, 15 अगस्त तक हो सकती है नियुक्ति

राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO पद के लिए 5,500 से अधिक आवेदन मिले। चयन समिति जांच में जुटी है और 15 अगस्त तक नियुक्ति की घोषणा संभव है।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट नए CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया में जुटा है। इस पद के लिए देशभर से 5,500 से अधिक आवेदन मिले हैं। ट्रस्ट की बैठक में नए ट्रस्टियों के चयन, मंदिर प्रबंधन और वित्तीय पारदर्शिता पर भी चर्चा होगी।

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को आयोजित हो रही है। बैठक में नए ट्रस्टियों के चयन के साथ-साथ नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी चर्चा होगी। ट्रस्ट के अनुसार, CEO पद के लिए देशभर से 5,500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं और नियुक्ति की घोषणा 15 अगस्त के आसपास की जा सकती है।

नए CEO की नियुक्ति पर ट्रस्ट की नजर

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटा है। ट्रस्ट की ओर से इस पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे, जिन पर देशभर से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने रुचि दिखाई। ट्रस्ट को 5,500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी जांच तीन सदस्यीय चयन समिति कर रही है।

राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO के लिए 5500 से ज्यादा आवेदन, 15 अगस्त तक हो सकती है नियुक्ति

सूत्रों के अनुसार, चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है और नए CEO के नाम की घोषणा 15 अगस्त के आसपास की जा सकती है। बैठक में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर भी विचार होने की संभावना है।

ट्रस्ट की बैठक में कई अहम फैसले संभव

अयोध्या में आयोजित ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्यगोपाल दास करेंगे। बैठक में तीन रिक्त पदों पर नए ट्रस्टियों के चयन और नए महासचिव के नाम पर भी चर्चा होगी। यह रिक्तियां चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे तथा अयोध्या राज परिवार के प्रमुख बिमलेंद्र मोहन मिश्र के निधन के बाद बनी हैं।

बैठक में ट्रस्ट की विभिन्न समितियों के पुनर्गठन, मंदिर प्रशासन और दैनिक कार्यों की समीक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण विषय भी एजेंडे में शामिल हैं।

चढ़ावा चोरी के बाद प्रबंधन पर रहेगा फोकस

हाल ही में सामने आए चढ़ावे से जुड़े चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट मंदिर की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहा है। बैठक में ऐसे उपायों पर चर्चा होगी, जिनसे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

इसी क्रम में पहले हुई बैठक में मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव को ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य पद से हटाया गया था, जबकि कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब स्थायी प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए CEO की नियुक्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।

वित्तीय पारदर्शिता और व्यवस्थाओं में होंगे बदलाव

बैठक में मंदिर की वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भी कई प्रस्तावों पर चर्चा होगी। गणना कक्ष (Counting Room) की व्यवस्था में बदलाव, दान प्रबंधन प्रणाली को और मजबूत बनाने तथा वित्तीय निगरानी को बेहतर करने जैसे मुद्दे एजेंडे में शामिल हैं।

इसके अलावा रामलला की सेवा में नियुक्त अर्चकों के दैनिक कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी। ट्रस्ट का उद्देश्य मंदिर के प्रशासन, सुरक्षा और वित्तीय प्रबंधन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।

15 अगस्त तक हो सकता है अंतिम फैसला

ट्रस्ट की तीन सदस्यीय चयन समिति सभी आवेदनों का मूल्यांकन कर रही है। पात्र उम्मीदवारों के अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और मंदिर प्रबंधन से जुड़े कौशल के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा। यदि प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है, तो 15 अगस्त के आसपास नए CEO के नाम की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। इसके बाद नए अधिकारी को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रशासन और संचालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

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