तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने नई दिल्ली में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात कर H-1B वीजा प्रक्रिया सरल बनाने, छात्र वीजा बढ़ाने, निवेश, शिक्षा, तकनीक और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने की अपील की।
हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने नई दिल्ली में भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात कर शिक्षा, रोजगार, निवेश, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से H-1B वीजा प्रक्रिया को सरल बनाने और अमेरिका में पढ़ाई तथा रोजगार के लिए जाने वाले छात्रों एवं पेशेवरों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। करीब 30 मिनट चली इस शिष्टाचार भेंट में दोनों पक्षों ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते सहयोग, आर्थिक अवसरों और शैक्षणिक साझेदारी पर विचार-विमर्श किया।
H-1B वीजा प्रक्रिया सरल बनाने की अपील
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अमेरिकी राजदूत से अनुरोध किया कि H-1B वीजा की प्रोसेसिंग, नवीनीकरण (Renewal) और वीजा स्टैंपिंग की प्रक्रिया को अधिक सरल और तेज बनाया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रक्रिया में होने वाली देरी से अमेरिका में कार्यरत भारतीय पेशेवरों, विशेष रूप से तेलंगाना के तकनीकी विशेषज्ञों और आईटी पेशेवरों को कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि यदि अमेरिकी वीजा नियमों में किसी प्रकार का बदलाव प्रस्तावित हो, तो उसकी जानकारी पहले से साझा की जाए ताकि छात्र, कर्मचारी और कंपनियां समय रहते आवश्यक तैयारी कर सकें।
छात्र वीजा बढ़ाने की भी मांग
रेवंत रेड्डी ने अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए जाने वाले तेलंगाना के विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या का उल्लेख करते हुए छात्र वीजा की उपलब्धता बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वीजा इंटरव्यू के लिए अधिक स्लॉट उपलब्ध कराए जाएं और आवेदन प्रक्रिया को तेज बनाया जाए ताकि योग्य छात्रों को समय पर प्रवेश और यात्रा में किसी प्रकार की बाधा न आए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि समय पर वीजा अपॉइंटमेंट मिलना छात्रों के शैक्षणिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अमेरिका में रह रहे पेशेवरों की समस्याओं पर चर्चा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अमेरिका में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत तेलंगाना के पेशेवरों के सामने आने वाली चुनौतियों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, अनुसंधान, इंजीनियरिंग और अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में तेलंगाना के नागरिक अमेरिका में कार्यरत हैं। ऐसे में वीजा प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाना दोनों देशों के हित में होगा।
छात्रों की सुरक्षा और कल्याण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री और अमेरिकी राजदूत के बीच अमेरिका में अध्ययन कर रहे तेलंगाना के छात्रों की सुरक्षा और कल्याण पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों को सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। साथ ही छात्र सहायता तंत्र को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी विचार किया गया।
निवेश के नए अवसरों पर चर्चा
बैठक में रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना में अमेरिकी कंपनियों के लिए उपलब्ध निवेश अवसरों को भी विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सूचना प्रौद्योगिकी (IT), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), जीवन विज्ञान (Life Sciences), फार्मास्यूटिकल्स, स्टार्टअप, अनुसंधान और आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में अमेरिकी कंपनियों के साथ साझेदारी के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलंगाना निवेश-अनुकूल नीतियों और मजबूत बुनियादी ढांचे के कारण वैश्विक कंपनियों के लिए आकर्षक गंतव्य बन चुका है।
विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव
रेवंत रेड्डी ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों और तेलंगाना के शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने छात्र विनिमय (Student Exchange), संयुक्त अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और शैक्षणिक साझेदारी को विस्तार देने का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री का मानना है कि इस प्रकार के सहयोग से दोनों देशों के छात्रों और शोधकर्ताओं को नए अवसर प्राप्त होंगे तथा ज्ञान और तकनीक का आदान-प्रदान बढ़ेगा।
शिक्षा, तकनीक और अनुसंधान में साझेदारी पर जोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, रोजगार, निवेश, तकनीक और अनुसंधान ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से स्टार्टअप इकोसिस्टम, डिजिटल इनोवेशन और उभरती तकनीकों में संयुक्त परियोजनाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
तेलुगु भाषा और संस्कृति का भी हुआ उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि अमेरिका में तेलुगु भाषा तेजी से विकसित हो रहे भारतीय भाषाई समुदायों में शामिल है। उन्होंने भारतीय इतिहास और संस्कृति के प्रति अमेरिकी राजदूत की समझ की सराहना की तथा तेलंगाना की संस्कृति, परंपराओं और खानपान में उनकी रुचि की भी प्रशंसा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राजदूत को भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित भी किया।
अमेरिकी राजदूत ने दिया सहयोग का भरोसा
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने आश्वासन दिया कि भारत और विशेष रूप से तेलंगाना के साथ व्यापार, निवेश, शिक्षा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और शैक्षणिक संबंधों को भविष्य की साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार बताया।
आगे क्या?
रेवंत रेड्डी की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और तकनीकी पेशेवर अमेरिका की ओर रुख कर रहे हैं। H-1B वीजा प्रक्रिया, छात्र वीजा, निवेश और तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दे भारत-अमेरिका संबंधों के प्रमुख विषय बने हुए हैं। यदि दोनों देशों के बीच इन क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होता है, तो इससे छात्रों, पेशेवरों, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है।











