NDA-IMA की पहली महिला बैच में शामिल शनान ढाका बनीं आर्मी ऑफिसर

हरियाणा की शनान ढाका NDA-IMA की पहली महिला बैच से आर्मी ऑफिसर बनीं। UPSC छोड़कर सेना चुनी और परिवार की तीसरी पीढ़ी के रूप में कमीशन हासिल किया।

हरियाणा की 23 वर्षीय शनान ढाका NDA-IMA की पहली महिला बैच से आर्मी ऑफिसर बनी हैं। UPSC की तैयारी छोड़कर उन्होंने रक्षा सेवाओं का रास्ता चुना और परिवार की तीसरी पीढ़ी के रूप में सेना में कमीशन हासिल किया।

देहरादून: इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) की ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड में हरियाणा की शनान ढाका पहली NDA-IMA महिला बैच की सदस्य के रूप में आर्मी ऑफिसर बनीं। NDA में महिलाओं के प्रवेश का रास्ता खुलने के बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी छोड़कर सेना को चुना और अपने परिवार की सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नया इतिहास रच दिया।

परिवार की सैन्य विरासत को आगे बढ़ाने का फैसला

23 वर्षीय शनान ढाका की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि तीन पीढ़ियों से चली आ रही देशसेवा की परंपरा का विस्तार है। हरियाणा से संबंध रखने वाली शनान ऐसे परिवार से आती हैं, जहां सेना केवल एक पेशा नहीं बल्कि जीवन का हिस्सा रही है। उनके दादा सूबेदार और पिता नायब सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। अब शनान ने भी भारतीय सेना में अधिकारी बनकर इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाया है।

NDA-IMA की पहली महिला बैच में शामिल शनान ढाका बनीं आर्मी ऑफिसर

परिवार में देशसेवा का जज्बा यहीं तक सीमित नहीं है। उनकी बहन भी आर्मी मेडिकल कॉर्प्स में नर्सिंग ऑफिसर के रूप में सेवाएं दे रही हैं। ऐसे माहौल में पली-बढ़ी शनान के लिए सेना में जाना बचपन का सपना था, जिसे उन्होंने मेहनत और समर्पण से साकार किया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने बदली करियर की दिशा

साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद महिलाओं को नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में प्रवेश का अवसर मिला। उस समय शनान संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। हालांकि NDA का रास्ता खुलते ही उन्होंने अपने करियर की दिशा बदलने का फैसला लिया।

देशसेवा के इस अवसर को उन्होंने अपने जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ माना और पूरी तैयारी के साथ NDA प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने महिला उम्मीदवारों में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक 10 प्राप्त की। यह उपलब्धि उन्हें देश की सबसे प्रतिभाशाली महिला अभ्यर्थियों में शामिल करती है।

NDA-IMA की पहली महिला बैच का हिस्सा बनकर रचा इतिहास

शनान उन महिला कैडेट्स में शामिल थीं जिन्होंने 2022 में NDA के पहले महिला बैच में प्रवेश लिया था। इसके बाद उन्होंने NDA और IMA की कठिन ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी की। 13 जून को देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी में आयोजित पासिंग आउट परेड में उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के रूप में स्थायी कमीशन मिला।

IMA के 94 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार था जब NDA से प्रशिक्षित महिला कैडेट्स ने यहां से पास आउट होकर अधिकारी के रूप में सेना में प्रवेश किया। इस ऐतिहासिक बैच में कुल नौ महिला कैडेट्स शामिल थीं।

शनान ने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि NDA और IMA में प्रशिक्षण पूरी तरह जेंडर-न्यूट्रल रहा, जहां महिला और पुरुष कैडेट्स के लिए समान मानक लागू थे। उनके अनुसार, सभी कैडेट्स को समान अवसर और समान चुनौतियां दी गईं, जिससे उन्हें खुद को साबित करने का अवसर मिला।

शनान ढाका की यह सफलता देशभर की युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो सशस्त्र बलों में करियर बनाने का सपना देखती हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और सही अवसर मिलने पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

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