ढाका में आज शेख हसीना के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण फैसला सुनाएगा। सुरक्षा कड़ी है और उग्र भीड़ पर गोली चलाने का आदेश जारी हुआ है। हसीना ने आरोपों को झूठ बताया, जबकि देश में तनाव और विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
Bangladesh: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ आज 17 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण फैसला सुनाएगा। फैसले से पहले ढाका में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और हिंसक होते प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस को आवश्यक होने पर गोली चलाने का आदेश जारी किया गया है। राजधानी के प्रमुख इलाकों में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।
ढाका में खास सतर्कता
फैसले से पहले ढाका में माहौल तनावपूर्ण है। कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी उग्र गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और रैपिड एक्शन बैटालियन (RAB) को शहर में फ्लैग-मार्च करने के आदेश दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
क्या है मामल
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण शेख हसीना, उनके तत्कालीन गृह मंत्री असद-उज-जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून के खिलाफ पिछले साल हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों से जुड़े आरोपों की सुनवाई कर रहा है। आरोपों में हत्या, हत्या की कोशिश, प्रताड़ना और मानवता के विरुद्ध अपराध शामिल हैं। पूरा मामला हसीना की गैरहाजिरी में सुना गया। अभियोजन पक्ष ने हसीना के लिए अधिकतम सजा यानी मौत की मांग की है।
संपत्ति जब्त करने की मांग
अभियोजन पक्ष ने अदालत से अनुरोध किया है कि हसीना की संपत्ति जब्त कर उसे उन परिवारों में बांटा जाए जिनके सदस्य पिछले साल हुए प्रदर्शनों में मारे गए या घायल हुए थे। अधिकारियों के अनुसार, जरुरी होने पर फैसले के बाद संपत्ति की सूची तैयार कर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

भारत में निर्वासन में हैं हसीना
शेख हसीना फिलहाल भारत में निर्वासन में रह रही हैं। कानूनी रूप से वह फैसले को तब तक चुनौती नहीं दे सकतीं जब तक कि वे अदालत में सरेंडर न करें या फैसला आने के 30 दिनों के भीतर गिरफ्तार न हो जाएं। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सजा आने की स्थिति में उनके विकल्प सीमित होंगे।
हसीना ने आरोपों को बताया झूठ
फैसले से पहले शेख हसीना ने एक ऑडियो संदेश जारी कर आरोपों को पूरी तरह से झूठा बताया। उन्होंने कहा कि वे इन मामलों से डरने वाली नहीं हैं और जीवन का हर दिन देश के लिए समर्पित है।
हसीना ने अपने संदेश में कहा— “संविधान के अनुच्छेद 7 (बी) में स्पष्ट रूप से लिखा है कि किसी निर्वाचित प्रतिनिधि को बलपूर्वक सत्ता से हटाना अपराध है। युनुस ने यही किया। झूठे मामले दर्ज करने वालों पर कानून के तहत कार्रवाई होगी।” उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे फैसले को लेकर चिंतित न हों और शांति बनाए रखें।
सुरक्षा एजेंसियों को सख्त निर्देश
ढाका में कई स्थानों को संवेदनशील घोषित किया गया है। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि उग्र भीड़, सरकारी संपत्ति पर हमले या हिंसा की किसी भी घटना पर तुरंत एक्शन लिया जाए। अधिकारियों ने कहा है कि भीड़ हिंसक होने पर चेतावनी के बाद गोली चलाई जा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय नजर फैसले पर
इस मामले को दुनिया भर में ध्यान से देखा जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि फैसला बांग्लादेश की राजनीति को गहराई से प्रभावित कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने भी मामले पर करीबी नजर रखी है। फैसले के बाद बांग्लादेश की आंतरिक और बाहरी राजनीति पर असर पड़ सकता है। फैसला आने के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी तेज हो सकती है। विपक्ष फैसले को राजनीतिक कार्रवाई बताएगा, जबकि हसीना समर्थक इसे साजिश कह सकते हैं। ढाका में अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।










