शेयर बाजार में कमजोरी बरकरार: सेंसेक्स 180 अंक टूटा, आईटी शेयरों में बिकवाली से बढ़ी निवेशकों की चिंता

शेयर बाजार में आज फिर कमजोरी देखने को मिली। सेंसेक्स 180 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि आईटी शेयरों में भारी बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। जानें बाजार गिरने की

आज, मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर कमजोरी देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत से ही बाजार पर दबाव बना रहा, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को कमजोर शुरुआत की, जहां प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव देखने को मिला। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में बिकवाली के चलते निवेशकों का रुझान सतर्क बना रहा। कारोबार के शुरुआती घंटों में बीएसई सेंसेक्स करीब 180 अंक तक फिसल गया, जबकि निफ्टी 24,100 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे कारोबार करता दिखाई दिया।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, विदेशी निवेशकों की सतर्क रणनीति और तकनीकी शेयरों में मुनाफावसूली के कारण भारतीय इक्विटी बाजार दबाव में रहे। हालांकि, बैंकिंग, फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी ने बड़ी गिरावट को सीमित करने में मदद की।

सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में

कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स लगभग 181 अंक की गिरावट के साथ 76,900 के आसपास पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी भी करीब 48 अंक कमजोर होकर 24,055 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। बाजार की व्यापक तस्वीर मिश्रित रही, जहां कई शेयरों में खरीदारी दिखाई दी, लेकिन प्रमुख आईटी कंपनियों में कमजोरी ने सूचकांकों पर दबाव बनाए रखा।

विश्लेषकों का मानना है कि निवेशक फिलहाल वैश्विक आर्थिक संकेतों, ब्याज दरों की संभावित दिशा और कॉर्पोरेट आय के आगामी आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। यही कारण है कि बाजार में बड़े निवेश निर्णयों से पहले सतर्कता दिखाई दे रही है।

आईटी सेक्टर बना गिरावट की मुख्य वजह

शेयर बाजार में कमजोरी बरकरार: सेंसेक्स 180 अंक टूटा, आईटी शेयरों में बिकवाली से बढ़ी निवेशकों की चिंता

मंगलवार के कारोबार में आईटी सेक्टर सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में शामिल रहा। देश की प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरे सेक्टर पर दबाव बढ़ गया। आईटी उद्योग लंबे समय से वैश्विक मांग, तकनीकी निवेश और विदेशी ग्राहकों पर निर्भर रहा है। हाल के दिनों में अमेरिका और यूरोप के आर्थिक परिदृश्य को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। इसका असर भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर भी देखने को मिला।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक तकनीकी खर्च में संभावित कमी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की सतर्कता के कारण आईटी सेक्टर में अल्पकालिक दबाव बना रह सकता है। हालांकि, लंबी अवधि में भारतीय आईटी कंपनियों की मजबूत वैश्विक उपस्थिति उन्हें प्रतिस्पर्धी बनाए रख सकती है।

चुनिंदा शेयरों ने दिखाई मजबूती

कमजोर बाजार के बावजूद कुछ शेयरों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया और निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग और फार्मा क्षेत्र के कुछ प्रमुख शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। अडानी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड और एनटीपीसी जैसे शेयरों ने बढ़त दर्ज की। इसके अलावा फार्मास्युटिकल सेक्टर में भी निवेशकों की रुचि बनी रही, जिससे कुछ दवा कंपनियों के शेयरों को समर्थन मिला।

विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक फिलहाल रक्षात्मक क्षेत्रों जैसे फार्मा, यूटिलिटी और ऊर्जा कंपनियों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, क्योंकि ये क्षेत्र बाजार की अस्थिरता के दौरान अपेक्षाकृत स्थिर माने जाते हैं।

बैंकिंग और एफएमसीजी शेयरों में भी दबाव

आईटी सेक्टर के अलावा बैंकिंग और उपभोक्ता वस्तु (FMCG) क्षेत्र के कुछ शेयरों में भी कमजोरी दर्ज की गई। निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंकों के शेयरों में सीमित गिरावट देखने को मिली, जबकि उपभोक्ता उत्पाद कंपनियों पर भी बिकवाली का असर रहा। हालांकि बैंकिंग सेक्टर में व्यापक स्तर पर कोई बड़ी कमजोरी नहीं दिखाई दी, लेकिन निवेशकों की सतर्कता के कारण खरीदारी का उत्साह सीमित रहा। इसी तरह एफएमसीजी कंपनियों में भी निवेशक फिलहाल नई दिशा का इंतजार करते नजर आए।

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