हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया। शहर में 12 से अधिक पेड़ गिरने, तीन वाहनों के क्षतिग्रस्त होने और कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण सड़क यातायात बाधित रहा। प्रशासन राहत एवं बहाली कार्य में जुटा है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में रविवार शाम और देर रात हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। लगातार बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में भूस्खलन हुआ, 12 से अधिक पेड़ उखड़कर गिर गए और तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। कई सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित रहा, जबकि नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और वन विभाग की टीमें पूरी रात राहत एवं बहाली कार्य में जुटी रहीं।
बारिश से कई इलाकों में बिगड़े हालात
रविवार शाम शुरू हुई तेज बारिश देर रात तक जारी रही, जिससे शिमला शहर के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया। चौड़ा मैदान, लक्कड़ बाजार, माल रोड के आसपास, संजौली और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। पहाड़ियों से मलबा सड़क पर आने के कारण कई मार्गों पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा।

बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई और कई स्थानों पर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबा हटाकर मार्गों को दोबारा सुचारु करने का कार्य शुरू किया।
12 से अधिक पेड़ गिरे, तीन वाहन हुए क्षतिग्रस्त
लगातार बारिश और कमजोर होती पहाड़ियों के कारण शहर में 12 से अधिक पेड़ उखड़कर गिर गए। चौड़ा मैदान सहित कई इलाकों में गिरे पेड़ों की चपेट में आने से कम से कम तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
स्थानीय लोगों के अनुसार कई पेड़ अचानक गिरने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन ने तत्काल प्रभावित क्षेत्रों को सुरक्षित कर यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया।
पेड़ हटाने के दौरान पलटा विभाग का वाहन
कैथू ओवरब्रिज के पास एक खतरनाक पेड़ को हटाने के दौरान विभाग का एक वाहन असंतुलित होकर पलट गया। हालांकि वाहन में मौजूद कर्मचारी सुरक्षित रहे और किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए राहत कार्य प्रभावित हुआ, लेकिन बाद में दूसरे वाहनों और मशीनों की मदद से अभियान फिर शुरू कर दिया गया।
अधिकारियों का कहना है कि बारिश के दौरान राहत कार्य करने में अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है, ताकि कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ रहा
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ियों की मिट्टी कमजोर हो गई है, जिससे भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। अधिकांश पेड़ जड़ों सहित उखड़कर गिरे हैं, क्योंकि लगातार नमी के कारण जमीन की पकड़ कमजोर हो चुकी है।
मौसम विभाग ने भी आगामी दिनों में शिमला और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
नगर निगम, वन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें गिरे हुए पेड़ों को हटाने और सड़कों से मलबा साफ करने के कार्य में लगातार जुटी हुई हैं। संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
शिमला नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि शहर के विभिन्न हिस्सों में पेड़ गिरने और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। सभी संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बहाली का कार्य तेजी से कर रहे हैं।
प्रशासन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। साथ ही भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और बड़े पेड़ों के नीचे वाहन खड़े न करें। अधिकारियों का कहना है कि मानसून के दौरान थोड़ी सी सावधानी बड़े हादसों को टाल सकती है और मौसम सामान्य होने तक लोगों को सतर्क रहना चाहिए।










