देहरादून में कांग्रेस नेता धीरेंद्र प्रताप ने केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा से सिराली-बिराली मार्ग निर्माण की मांग की। प्रस्तावित सड़क से अल्मोड़ा और पौड़ी के बीच संपर्क बेहतर होगा, यात्रा समय घटेगा और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
Dehradun: गढ़वाल और कुमाऊं को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने की दिशा में सिराली-बिराली मार्ग का प्रस्ताव चर्चा में है। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा को ज्ञापन सौंपकर इस सड़क के निर्माण का आग्रह किया। प्रस्ताव के अनुसार यह मार्ग अल्मोड़ा और पौड़ी जिलों के बीच दूरी कम करने के साथ आवागमन को अधिक सुगम बना सकता है।
अल्मोड़ा और पौड़ी को मिलेगा बेहतर सड़क संपर्क
धीरेंद्र प्रताप के अनुसार प्रस्तावित सिराली-बिराली मार्ग अल्मोड़ा और पौड़ी जिलों को सीधे तौर पर जोड़ने का काम करेगा। वर्तमान में दोनों क्षेत्रों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। यदि यह सड़क बनती है तो गढ़वाल और कुमाऊं के बीच सड़क मार्ग की दूरी करीब 22 किलोमीटर तक कम हो सकती है। इससे स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, छात्रों और अन्य यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
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उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में बेहतर सड़क संपर्क विकास की बुनियादी जरूरत है। सड़क नेटवर्क मजबूत होने से दूर-दराज के क्षेत्रों को भी मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलती है और लोगों को आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होती है।
समय और ईंधन की होगी बचत
प्रस्तावित सड़क का सबसे बड़ा फायदा यात्रा समय में कमी के रूप में सामने आ सकता है। दूरी कम होने से लोगों को कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही वाहनों की ईंधन खपत भी घटेगी, जिससे यात्रियों का खर्च कम होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क दूरी कम होने का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है। इससे आम लोगों के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और माल परिवहन गतिविधियों को भी फायदा मिल सकता है। ईंधन की बचत होने से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा ने इस प्रस्ताव को महत्वपूर्ण बताते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने माना कि यह सड़क विशेष रूप से ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है।
बेहतर सड़क संपर्क मिलने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत होंगे। स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलने से आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
इस अवसर पर धूमाकोट महोत्सव के संरक्षक सोमपाल सिंह नेगी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग लंबे समय से इस मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री द्वारा प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाने का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि परियोजना पर जल्द आगे की कार्रवाई होगी।
क्षेत्रीय विकास के नजरिए से सिराली-बिराली मार्ग को एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। यदि इसे मंजूरी मिलती है और निर्माण कार्य आगे बढ़ता है, तो गढ़वाल और कुमाऊं के बीच संपर्क व्यवस्था को नई मजबूती मिलने के साथ स्थानीय लोगों को भी लंबे समय से अपेक्षित राहत मिल सकती है।











