स्लोवाकिया की पूर्व प्रधानमंत्री इवेता रेडिचोवा ने भारत की वैश्विक भूमिका को सराहा, UNSC स्थायी सदस्यता का किया समर्थन

स्लोवाकिया की पूर्व प्रधानमंत्री Iveta Radičová ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका की सराहना करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता

पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्षों के बीच भारत एक संतुलित और विश्वसनीय राष्ट्र के रूप में शांति स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अपनी तटस्थ विदेश नीति, कूटनीतिक अनुभव और सभी पक्षों के साथ अच्छे संबंधों के कारण भारत मध्यस्थता के लिए उपयुक्त स्थिति में है।

आगरा: स्लोवाकिया की पूर्व प्रधानमंत्री Iveta Radičová ने भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भूमिका पर विश्वास जताते हुए कहा कि भारत विश्व में शांति स्थापित करने के लिए एक प्रभावशाली मध्यस्थ बन सकता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत को स्थायी सदस्यता देने की वकालत भी की। आगरा स्थित आईटीसी मुगल होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में रेडिचोवा ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत का संतुलित और कूटनीतिक दृष्टिकोण उसे विश्वसनीय नेता के रूप में स्थापित करता है। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत इन परिस्थितियों में शांति वार्ता को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

भारत की कूटनीतिक ताकत पर जोर

रेडिचोवा ने भारत की विदेश नीति और नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के कार्यकाल में देश ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। उनके अनुसार, भारत ने आर्थिक विकास के साथ-साथ कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने में भी सफलता हासिल की है। उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए हालिया फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। 

उनके अनुसार, यह समझौता वैश्विक व्यापार संतुलन में भारत की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है और इसे अमेरिका की व्यापार नीतियों, विशेषकर टैरिफ के संदर्भ में एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा सकता है।

स्लोवाकिया की पूर्व प्रधानमंत्री इवेता रेडिचोवा ने भारत की वैश्विक भूमिका को सराहा, UNSC स्थायी सदस्यता का किया समर्थन

वैश्विक राजनीति पर टिप्पणी

रेडिचोवा ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि ईरान से जुड़े वैश्विक तनावों में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की तुलना में रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin की भूमिका अधिक प्रभावशाली और जिम्मेदार मानी जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुतिन यूरोपीय संघ को कमजोर करने की रणनीति अपना रहे हैं, जिससे वैश्विक स्थिरता प्रभावित हो रही है।

पूर्व प्रधानमंत्री ने भारत और यूरोप के बीच समान मानवीय मूल्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्र लोकतंत्र, समानता और मानवाधिकार जैसे सिद्धांतों को महत्व देते हैं। इसके विपरीत, कुछ देश समाज में विभाजन और घृणा को बढ़ावा दे रहे हैं, जो वैश्विक शांति के लिए चुनौती है। रेडिचोवा ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए। उनके अनुसार, भारत की जनसंख्या, आर्थिक शक्ति और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव इसे इस भूमिका के लिए उपयुक्त बनाते हैं। उन्होंने कहा कि इससे वैश्विक निर्णय प्रक्रिया अधिक संतुलित और प्रतिनिधित्वपूर्ण होगी।

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