गर्मी का सीजन शुरू होते ही बादलो ने भी अपने रुझान दिखाने शुरू कर दिए है। सुबह से ही मौसम सुहावना रहा,और दिनभर घने बादल भी छाए रहे,मौसम विभाग ने भी बारिश होने के आसार जतायें थे। वही राजस्थान के कई जिलों में तेज बारिश हुई है। जिससे लोगो को गर्मी से राहत मिली है। राजस्थान के बीकानेर, सीकर, जोधपुर, झुंझुनू जिले में बारिश हुई है। कई जगहों पर बारिश के कारण किसानो की फसल बर्बाद हुई। वही मंगलवार रात को भी बारिश और ओलावृष्टि हुई। लूणकरनसर में इसी महीने में दूसरी बार ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं शहर में रात भर गरज के साथ बारिश का दौर चलता रहा। प्रदेशभर में सर्दी का सा माहौल बन गया है।
मंगलवार रात दस बजे एक तरफ भूकंप का भय लोगों को सता रहा था। वहीं दूसरी ओर बादल गरजते रहे। कुछ ही देर में पहले बूंदाबांदी और फिर तेज बारिश शुरू हो गई। रात करीब दो बजे तक रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश से सड़कें तरबतर हो गई। वहीं भूकंप के कारण बाहर निकले लोगों को फिर से घर में घुसना पड़ा।
उधर, लूणकरनसर में ओलावृष्टि से चने की फसल को भारी नुकसान हो रहा है। पिछले दिनों भी यहां ओले गिरे थे। तब भी फसलों को अस्सी फीसदी तक नुकसान हुआ है। मंगलवार की शाम को खोखराणा समेत आसपास के क्षेत्र में हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों में भारी नुकसान है। कल दोपहर बाद बदले मौसम से साथ ही मंगलवार शाम 8.30 करीब 40 मिनट लगातार बारिश हुई।
जिससे 10 एमएम पानी बरसा। इसके बाद तेज हवा के साथ ओलावृष्टि होने से चारों तरफ ओलों की सफेद चादर बिछ गई। एक बार तो सफेद चादर ने मानों कश्मीर के जैसा एहसास करवा दिया। बरानी क्षेत्र में चनें की फसल को चौपट देखकर किसानों के आंसू निकल पड़े। रात 9 बजे तक लगातार खोखराणा की तरफ तेज गर्जना व बिजली चमकने के साथ ही बारिश व ओलावृष्टि जारी रही। लूणकरनसर के अलावा बीकानेर तहसील के आसपास के गांवों में भी बारिश हुई है। ओले गिरने से यहां भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।








