TGT-PGT भर्ती की पुरानी नियमावली पर अड़े छात्र, शिक्षा निदेशालय में गुजारी रात, DM से संवाद की मांग

प्रयागराज में TGT-PGT भर्ती की पुरानी नियमावली के अनुसार अवसर देने की मांग पर छात्रों का धरना जारी है। छात्रों ने शिक्षा निदेशालय में रात गुजारी।

प्रयागराज में TGT-PGT भर्ती की पुरानी नियमावली के अनुसार अवसर देने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों का धरना जारी है। छात्रों ने शिक्षा निदेशालय परिसर में रात गुजारी और जिलाधिकारी से धरनास्थल पर आकर बातचीत करने का आग्रह किया।

प्रयागराज: TGT-PGT भर्ती में पुरानी नियमावली के अनुसार अवसर देने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन जारी है। सोमवार रात छात्रों ने शिक्षा निदेशालय परिसर में गुजारी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मांग पर ठोस निर्णय होने तक वे धरनास्थल से नहीं हटेंगे। छात्रों ने प्रयागराज के जिलाधिकारी से भी मौके पर पहुंचकर उनसे सीधे संवाद करने का आग्रह किया है।

शिक्षा निदेशालय में रातभर डटे रहे छात्र

TGT-PGT भर्ती की पुरानी नियमावली के अनुसार अवसर देने की मांग कर रहे प्रतियोगी छात्र शिक्षा निदेशालय परिसर में धरने पर बैठे हैं। सोमवार की रात भी छात्रों ने परिसर में ही गुजारी। छात्रों के अनुसार रात के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद वे आंदोलन जारी रखने पर कायम हैं।

शिक्षा निदेशालय में बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्रों के मौजूद रहने को देखते हुए परिसर के आसपास पुलिस की तैनाती भी की गई है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।

छात्रों का कहना है कि उनकी मांग स्पष्ट है और वे भर्ती प्रक्रिया में पुरानी नियमावली के अनुसार एक अवसर चाहते हैं। उनका कहना है कि जब तक इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

DM से धरनास्थल पर आकर बातचीत की मांग

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष पांडेय ने प्रयागराज के जिलाधिकारी से धरनास्थल पर आकर छात्रों के साथ बातचीत करने का आग्रह किया है। छात्रों का कहना है कि सीधे संवाद के जरिए ही मौजूदा गतिरोध का समाधान निकाला जा सकता है।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, जिलाधिकारी पूर्व में भी आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचकर उनसे बातचीत करते रहे हैं। इसी आधार पर छात्रों ने इस बार भी उनसे धरनास्थल पर आने और उनकी मांग सुनने की अपील की है।

छात्रों का कहना है कि प्रशासन को उनकी मांग पर बातचीत के लिए पहल करनी चाहिए। उनका आरोप है कि अब तक जिलाधिकारी को धरनास्थल पर आकर छात्रों से संवाद करना चाहिए था।

ठोस निर्णय तक आंदोलन जारी रखने की बात

प्रतियोगी छात्रों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। उनका उद्देश्य अपने भविष्य से जुड़े अवसर को लेकर अपनी बात शासन और प्रशासन तक पहुंचाना है। छात्रों ने प्रशासन से तत्काल वार्ता शुरू कर समाधान निकालने की मांग की है।

आंदोलनरत प्रतियोगियों का कहना है कि वे पुरानी नियमावली के अनुसार भर्ती में एक अवसर मिलने तक शिक्षा निदेशालय परिसर में डटे रहेंगे। फिलहाल छात्रों और प्रशासन के बीच बातचीत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। छात्रों की मांग और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

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