मुंबई स्थित Tata Institute of Social Sciences (TISS) ने ‘अप्रत्याशित परिस्थितियों’ का हवाला देते हुए अपने 86वें दीक्षांत समारोह को निर्धारित तिथि से ठीक दो दिन पहले स्थगित कर दिया है।
नई दिल्ली: मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) ने अपने 86वें दीक्षांत समारोह को निर्धारित तिथि से ठीक पहले स्थगित कर दिया है। यह समारोह 2 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाला था, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था।
संस्थान ने छात्रों को भेजे गए आधिकारिक ई-मेल में बताया कि "अप्रत्याशित परिस्थितियों" के कारण कार्यक्रम को फिलहाल टाल दिया गया है।
हालांकि, ई-मेल में इन परिस्थितियों का विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया। इस फैसले ने छात्रों, अभिभावकों और शैक्षणिक समुदाय के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग समारोह में भाग लेने की तैयारी कर चुके थे।
संस्थान ने क्या कहा?
TISS प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि संस्थान ने उपलब्ध परिस्थितियों का आकलन करने के बाद निष्कर्ष निकाला कि समारोह के आयोजन के लिए माहौल पूरी तरह अनुकूल नहीं था। बयान के अनुसार, निर्धारित कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ने से छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों, आमंत्रित अतिथियों और परिसर की सामान्य गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था।
हालांकि, संस्थान ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन कारणों से माहौल को अनुपयुक्त माना गया। प्रबंधन ने यह भी आश्वासन दिया कि दीक्षांत समारोह को रद्द नहीं किया गया है, बल्कि स्थगित किया गया है और नई तिथि की घोषणा जल्द की जाएगी।
सुरक्षा चिंताओं को लेकर चर्चा
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कार्यक्रम से पहले परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा चल रही थी। चूंकि भारत के मुख्य न्यायाधीश समारोह के मुख्य अतिथि बनने वाले थे, इसलिए प्रशासन सुरक्षा संबंधी संभावित चुनौतियों का मूल्यांकन कर रहा था। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि परिसर में संभावित विरोध प्रदर्शनों को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही थी। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और न ही संस्थान ने सार्वजनिक रूप से किसी विशेष कारण का उल्लेख किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों में सुरक्षा प्रबंधन एक महत्वपूर्ण पहलू होता है और आयोजक अक्सर जोखिम मूल्यांकन के आधार पर निर्णय लेते हैं।

छात्रों और परिवारों पर पड़ा असर
दीक्षांत समारोह किसी भी छात्र के शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। ऐसे में कार्यक्रम के अंतिम समय में स्थगित होने से कई छात्रों और उनके परिवारों को असुविधा का सामना करना पड़ा है। कई छात्र देश के विभिन्न हिस्सों से मुंबई पहुंचने की तैयारी कर चुके थे, जबकि कुछ परिवारों ने यात्रा और आवास की अग्रिम बुकिंग भी कर रखी थी। इस स्थिति को देखते हुए TISS प्रशासन ने प्रभावित छात्रों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
संस्थान ने कहा है कि कार्यक्रम स्थगित होने के कारण यदि किसी छात्र या परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ है, तो ऐसे मामलों पर व्यक्तिगत आधार पर विचार किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर आर्थिक सहायता से जुड़े अनुरोधों की समीक्षा की जाएगी।
शैक्षणिक दस्तावेजों की उपलब्धता जारी रहेगी
दीक्षांत समारोह स्थगित होने के बावजूद संस्थान ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के शैक्षणिक कार्य प्रभावित नहीं होंगे। जिन विद्यार्थियों को प्रोविजनल डिग्री प्रमाणपत्र, समेकित ग्रेड शीट (Consolidated Grade Sheet) या अन्य आवश्यक शैक्षणिक दस्तावेजों की जरूरत है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उच्च शिक्षा, नौकरी या अन्य पेशेवर अवसरों के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को किसी प्रकार की प्रशासनिक कठिनाई का सामना न करना पड़े।
जल्द घोषित होगी नई तारीख
संस्थान ने कहा है कि दीक्षांत समारोह को पुनर्निर्धारित करने की प्रक्रिया जारी है और नई तिथि की घोषणा जल्द की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि वह ऐसा आयोजन सुनिश्चित करना चाहता है जिसमें सभी छात्र, उनके परिवार, अतिथि और अन्य हितधारक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में भाग ले सकें। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, दीक्षांत समारोह केवल डिग्री वितरण का कार्यक्रम नहीं होता, बल्कि यह छात्रों की वर्षों की मेहनत और उपलब्धियों का सार्वजनिक सम्मान भी होता है। इसलिए इसकी नई तिथि की घोषणा का इंतजार हजारों छात्र और उनके परिवार कर रहे हैं।











